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    बंगाल में TMC की जीत का ‘एम फैक्टर’, ज्यादातर विजेता मुस्लिम समुदाय से

    Updated: Mon, 04 May 2026 11:05 PM (IST)

    कोलकाता, मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और मालदा जैसे जिलों में पार्टी के ज्यादातर विजयी उम्मीदवार मुस्लिम समुदाय से आते हैं। यह ट्रेंड ...और पढ़ें

    तृणमूल की चुनावी मजबूती में मुस्लिम समुदाय की निर्णायक भूमिका बनी हुई है (फोटो- एक्स)

    तृणमूल की चुनावी मजबूती में मुस्लिम समुदाय की निर्णायक भूमिका बनी हुई है (फोटो- एक्स)

    HighLights

    1. तृणमूल की चुनावी मजबूती में मुस्लिम समुदाय की निर्णायक भूमिका बनी हुई है

    2. मालदा और बीरभूम में भी तृणमूल के मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है

    इंद्रजीत सिंह, कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि तृणमूल कांग्रेस की चुनावी मजबूती में मुस्लिम समुदाय की निर्णायक भूमिका बनी हुई है।

    इस बार पार्टी के जीतने वाले उम्मीदवारों में बड़ी संख्या मुस्लिम नेताओं की है, खासकर उन सीटों पर जहां उनकी आबादी ज्यादा है। सोमवार को आए चुनाव परिणामों का विश्लेषण बताता है कि तृणमूल कांग्रेस ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में जबरदस्त प्रदर्शन किया है।

    कोलकाता, मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और मालदा जैसे जिलों में पार्टी के ज्यादातर विजयी उम्मीदवार मुस्लिम समुदाय से आते हैं। यह ट्रेंड न सिर्फ तृणमूल की सामाजिक रणनीति को दर्शाता है, बल्कि उसके मजबूत वोट बैंक की भी पुष्टि करता है।

    कोलकाता की कसबा सीट से जावेद खान, मेटियाब्रुज से अब्दुल खालेक मोल्ला और कोलकाता पोर्ट से फिरहाद हकीम की बड़ी जीत इस बात का संकेत है कि शहरी मुस्लिम वोटर भी तृणमूल के साथ मजबूती से खड़े हैं।

    मुर्शिदाबाद जिले में तो यह रुझान और भी स्पष्ट दिखा। जलंगी, हरिहरपाड़ा, शमशेरगंज, भरतपुर और सागरदिघी जैसी सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत ने तृणमूल के वर्चस्व को कायम रखा।

    इसी तरह उत्तर 24 परगना के देगंगा, हाड़ोवा और बशिरहाट क्षेत्र में भी पार्टी के मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीत का परचम लहराया। दक्षिण 24 परगना में कैनिंग पूर्व और मगराहाट पश्चिम जैसी सीटों पर भी पार्टी ने यही सामाजिक समीकरण देखने को मिला।

    मालदा और बीरभूम में भी तृणमूल के मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में ‘मुस्लिम फैक्टर’ तृणमूल की जीत की बड़ी वजहों में से एक रहा, जिसने पार्टी को बढ़त दिलाई।

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    कांग्रेस व माकपा को भी मुस्लिम उम्मीदवारों ने दिलाई जीत

    तृणमूल कांग्रेस की तरह कांग्रेस और माकपा ने भी मुस्लिम उम्मीदवारों के दम पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। मुर्शिदाबाद जिले की फरक्का सीट से कांग्रेस उम्मीदवार महताब शेख ने जीत दर्ज की, जबकि रानीनगर से जुल्फिकार अली ने पार्टी को दूसरी सफलता दिलाई।

    दोनों ही नेता मुस्लिम समुदाय से आते हैं। वहीं माकपा की वापसी भी एक मुस्लिम उम्मीदवार के जरिए ही संभव हुई। डोमकल सीट से माकपा के मुस्ताफिजुर रहमान राणा ने जीत हासिल कर पार्टी का खाता खोला।

    इसके अलावा, आम जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर ने रेजीनगर और नवदा—दोनों सीटों पर जीत दर्ज कर एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। वे भी मुस्लिम समुदाय से आते हैं।