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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Independence day 2023: इन कलाकारों ने फ्रीडम फाइटर के रोल में डाल दी जान, एक्टिंग देख आप भी करेंगे सैल्यूट

    By Jagran NewsEdited By: Jagran News Network
    Updated: Wed, 09 Aug 2023 06:22 PM (IST)

    Independence Day 2023 Special आने वाली 15 अगस्त को हमारा भारत देश आजादी की 77वीं सालगिरह मनाएगा। इस खास मौके पर देश भर में हर तरफ देशभक्ति के रंगारंग ...और पढ़ें

    स्वतंत्रता सेनानियों के रोल में पूरी तरह फिट बैठे हैं ये कलाकार (Photo Credit- Social Media)
    स्वतंत्रता सेनानियों के रोल में पूरी तरह फिट बैठे हैं ये कलाकार (Photo Credit- Social Media)

    HighLights

    1. 15 अगस्त को मनाया जाएगा आजादी के 77 सालों का जश्न
    2. इन बॉलीवुड एक्टर ने निभाए हैं स्वतंत्रता सेनानियों के किरदार
    3. देशभक्ति की मिसाल कायम करते हैं ये कलाकार

     नई दिल्ली जेएनएन: आजादी के पावन पर्व स्वतंत्रता दिवस पर तमाम लोग देशभक्ति का उदाहारण पेश करते हैं। देश प्रेम का जिक्र किया जाए तो उसमें हिंदी सिनेमा अपनी फिल्मों के जरिए हमेशा से भागेदारी देता आ रहा है। बॉलीवुड ने कई ऐसी फिल्में बनाई हैं जो देशभक्ति की जीती-जागती मिसाल कायम करती हैं। इतना ही नहीं ऐसी फिल्मों में लीड रोल रोल प्ले करने वाले तमाम फिल्म कलाकारों नें भी ये साबित किया है, देश के लिए उनका प्रेम अनोखा है।

    जिसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इन कलाकारों ने किस तरह से स्वतंत्रता सेनानियों के किरदारों में जान फूंकी। आज इस खास पोस्ट में हम ऐसे ही कुछ किरदारों और अभिनेताओं की लिस्ट लाए हैं जो ‘स्वतंत्रता सेनानियों’ के कैरेक्टर में न सिर्फ फिट बैठे हैं, बल्कि किरदार के साथ उन्होंने पूरा जस्टिस भी किया है।

    मनोज कुमार (भगत सिंह)

    मनोज कुमार अपने दौर के क्लासिक एक्टर थे। उनका अभिनय आज भी अमर है, कई फिल्मों में उन्होंने अपनी बेहतरीन एक्टिंग से लोगों के दिलों में जगह खास बनाई है। ऐसी ही एक फिल्म थी ‘शहीद’, जिसमें मनोज कुमार ने शहीद भगत सिंह के किरदार को बखूबी निभाया था। सबसे बड़ी बात यह थी कि एक बार मनोज कुमार ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान यह राज खोला था कि इस फिल्म में भगत सिंह का किरदार निभाने से पहले वे शहीद भगत सिंह की मां विद्यावती से मिले थे।

    भगत सिंह की मां उस दौरान हॉस्पिटल में थी और उन्होंने पहले ही बार में उन्हें देखकर बोल दिया था कि मनोज कुमार में भगत सिंह की झलक दिखती है। यह सुनकर मनोज कुमार को काफी राहत मिली थी। बता दें इस फिल्म के स्पेशल प्रीमियर पर प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री भी शामिल हुए थे और लगभग 3 घंटे की यह मूवी बिना किसी इंटर्वल के चली थी।

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    शरमन जोशी (शिवराम राजगुरु)

    शरमन जोशी को हमने कई बार कॉमिक किरदार में लोगों को हंसते-गुदगुदाते देखा है। हालाँकि, वो एक अच्छे एक्टर है और किसी भी तरह के किरदार को बखूबी निभा सकते हैं, इसका अंदाजा आप सुपरहिट फिल्म ‘रंग दे बसंती’ को देख कर आसानी से लगा सकते हैं।

    इस फिल्म में उन्होंने ‘शिवराम राजगुरु’ का किरदार बड़ी ही सहजता से निभाया था। बता दें कि राजगुरु को 1928 में ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जेपी सॉन्डर्स की हत्या के लिए याद किया जाता है। उन्हें सुखदेव और भगत सिंह के साथ 1931 में दोषी ठहराया गया और फांसी दे दी गई।

    कुणाल कपूर (अशफाकुल्लाह खान)

    सिर्फ शरमन जोशी ही नहीं, बल्कि ‘रंग दे बसंती’ फिल्म में कुणाल कपूर ने भी ‘अशफाकुल्लाह खान’ के किरदार में अपनी छाप छोड़ी थी। कई फिल्मों में वो मॉडर्न अवतार में नजर आते हैं, हालाँकि उन्होंने गिनी-चुनी फिल्में ही की है, लेकिन इस मूवी में उन्होंने अपने एक्टिंग से सभी को हैरान कर दिया था। अशफाकुल्लाह खान को शहीद, डाकू या क्रांतिकारी चाहे जो कहें, लेकिन भारत की आजादी में उनका योगदान हर किसी को याद रहेगा।

    उन्होंने 1925 में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान क्रांतिकारी संगठन हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (एचआरए) के प्रमुख राम प्रसाद बिस्मिल के साथ काकोरी ट्रेन डकैती का नेतृत्व करके इतिहास रचा था। उनका प्लान यह था कि काकोरी से लखनऊ तक ब्रिटिश राज्य का खजाना ले जाने वाली ट्रेन को लूट लिया जाए और उससे मिले धन से स्वतंत्रता आंदोलन के लिए हथियार खरीदा जाए।

    परेश रावल (सरदार वल्लभ भाई पटेल)

    परेश रावल हमेशा से ही अपने अनुभवी एक्टिंग से लोगों का दिल जीत लेते हैं। फिर चाहें वो कॉमिक, पॉजिटिव या निगेटिव रोल क्यों न हो। वह हर तरह के किरदार को बिल्कुल नेचुरल तरीके से अदा करने के लिए फेमस हैं। वहीं, सरदार वल्लभ भाई पटेल की बायोपिक ‘सरदार’ में परेश रावल उनके रोल को निभाकर दर्शकों के दिलों में अपनी जगह पक्की कर ली।

    उन्होंने बेहतरीन तरीके से इस किरदार को प्ले कर यह साबित कर दिया कि यूं ही उन्हें इंडस्ट्री का दिग्गज अभिनेता नहीं कहा जाता। अगर आपने इस फिल्म को अभी तक नहीं देखा तो एक बार न एक बार इस मूवी को जरूर देखें।

    कंगना रनौत (रानी लक्ष्मीबाई)

    ‘खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी’, इस कविता को कोई भारतीय शायद ही भूल सकता है। हमारे देश को आजाद कराने में महिलाओं का भी खूब योगदान रहा है, जिनमें एक नाम ‘रानी लक्ष्मीबाई’ का भी है। वहीं जब कंगना रनौत ने ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झाँसी’ में रानी लक्ष्मीबाई का किरदार निभाया तो ऐसा लगा कि इस किरदार को सिर्फ कंगना ही निभा सकती थी।

    इस किरदार के लिए रनौत ने स्पेशल घुड़सवारी और तलवारबाजी की खास ट्रेनिंग ली थी। मालूम हो कि इस फिल्म की रिलीज से पहले, भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द की मौजूदगी में राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में फिल्म की एक स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी।

    विक्की कौशल (सरदार उधम सिंह)

    ‘मसान’, ‘उरी’, राजी’, ‘संजू’ जैसी फिल्मों में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाने वाले विक्की कौशल जब ‘सरदार उधम सिंह’ के किरदार में लोगों के सामने आए तो हर कोई दंग रह गया। एक बार फिर विक्की ने ये साबित कर दिया कि वो एक मंझे हुए अभिनेता हैं। 1919 में अमृतसर में जलियांवाला बाग नरसंहार के बाद भारत में पंजाब के पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ'डायर की हत्या के लिए ‘सरदार उधम सिंह’ जानें जाते हैं।

    ‘सरदार उधम सिंह’ फिल्म में ‘जलियांवाला बाग हत्याकांड’ की बारीकियों से लेकर ‘माइकल ओ'डायर की हत्या’ की पूरी प्लानिंग तक को बड़े पर्दे बखूबी दिखाया गया है। वहीं विक्की ने सरदार उधम सिंह के हाव-भाव को बेहतरीन तरीके से अपने अभिनय के जरिए दर्शकों तक पहुँचाया था।

    इस फिल्म को और विक्की कौशल के अभिनय को क्रिटिक्स की ओर से काफी अच्छा रेस्पॉन्स मिला था। बता दें कि फिल्म निर्माता ने पहले इस भूमिका के लिए इरफान खान से संपर्क किया था। हालाँकि, इरफान की बीमारी के कारण, वह इस प्रोजेक्ट को पूरा नहीं कर सके और फिर विक्की ने इस किरदार को निभाया।

    इन सबके अलावा, राष्ट्रीय नायक की भूमिका निभाने वाले अभिनेताओं की लिस्ट काफी लम्बी है। इसमें आमिर खान, राजकुमार राव, अजय देवगन जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। किसी भी स्वतंत्रता सेनानी का किरदार निभाना आसान नहीं होता है, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी होती है।

    उनके व्यक्तित्व को बरकरार रखते हुए वास्तविकता के साथ बड़े पर्दे पर उतारना चैलेंजिग काम रहता है। लेकिन इन कलाकारों ने सच में इस मुश्किल काम को मुमकिन कर ऑडियंस का दिल जीत लिया।