यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Adipurush पर जमकर बरसे रामायण के 'राम' अरुण गोविल, बोले- अस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे
Adipurush Controversy सैफ अली खान और प्रभास की फिल्म आदिपुरुष अपने टीजर रिलीज के साथ ही विवादों में घिर गई है। इस फिल्म के मेकर्स पर अब रामायण के राम ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जेएनएन। सैफ अली खान और प्रभास की फिल्म 'आदिपुरुष' का जब से टीजर रिलीज हुआ है तब से देश में बवाल मचा हुआ है। लोगों को लंकेश रावण बने सैफ का लुक क्रूर शासक खिलजी से मिलता जुलता लग रहा है। तो किसी को फिल्म के वीएफएक्स बकवास लग रहा है। सोशल मीडिया पर 'आदिपुरुष' को लेकर मुहिम शुरू हो गई है। फिल्म पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लग रहा है।
आदिपुरुष पर जमकर बरसे अरुण गोविल
ओम राउत की फिल्म 'आदिपुरुष' को लेकर अब सेलेब्स की भड़क गए हैं। पहले रामायण के लक्ष्मण और अब राम का किरदार निभा चुके अरुण गोविल ने भी इस पर अपना रिएक्शन दिया है। अपने ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर करते हुए अरुण गोविल ने आदिपुरुष पर जमकर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने आगे कहा- 'बहुत समय से मेरे दिमाग में बहुत सी बातें चल रही हैं। लगता है अब उन बातों को आपके साथ साझा करने का समय आ गया है।
अस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे
टीवी के इस पॉपुलर राम ने कहा- 'रामायण' और 'महाभारत' जैसे जितने भी पौराणिक ग्रंथ और शास्त्र हैं, ये हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर। मानव सभ्यता के लिए नींव है। इसे न हिलाया जा सकता है और न ही बदला जा सकता है और इसके साथ किसी तरह का खिलवाड़ या छेड़छाड़ भी ठीक नहीं है। हमें अपनी संस्कृति और धार्मिक धरोहरों को जैसी वो है वैसी ही रखना चाहिए। उसमें किसी भी तरह का बदलाव किया जाना गलत है। भला कोई अपनी नींव हिलाता है क्या.. कोई अपनी जड़ बदलता है क्या?'
'न उड़ाएं हमारी भावनाओं का मजाक'
उन्होंने लोगों पर भी सवाल उठाया कि जब किसी दूसरे धर्म और उसके मानने वालों की आस्था के साथ छेड़छाड़ नहीं किया जाता, तो फिर हर बार सनातन धर्म के साथ ही ऐसा क्यों होता है। अरुण गोविल बोले- 'आजकल यह ट्रेंड बन चुका है कि सनातन धर्म की मान्यताओं का मजाक बनाओ, देवी-देवताओं के आपत्तिजनक पोस्टर बनाओ। आखिर आपको हमारी धार्मिक भावनाओं से छेड़छाड़ का अधिकार किसने दिया है? कुछ फिल्ममेकर्स और एक्टर्स को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे क्रिएटिव लिबर्टी के नाम पर धार्मिक मान्यता का मजाक न उड़ाएं।'