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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Amjad Khan Death Anniversary: गब्बर सिंह के लिए पहली पसंद नहीं थे अमजद खान, फिर ऐसे झोली में गिरा किरदार

    By Rinki TiwariEdited By: Rinki Tiwari
    Updated: Tue, 25 Jul 2023 06:11 PM (GMT+05:30)

    Amjad Khan Death Anniversary अमजद खान हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रहे। इंडस्ट्री में उन्हें सबसे ज्यादा पॉपुलैरिटी खलनायक के रूप में मिली। यूं तो व ...और पढ़ें

    Amjad Khan is not first choice For Gabbar of Sholay. Photo-Twitter
    Amjad Khan is not first choice For Gabbar of Sholay. Photo-Twitter

    HighLights

    1. शोले में गब्बर के लिए अमजद खान नहीं थे पहली पसंद
    2. रमेश सिप्पी ने ऐसे अमजद खान को किया था कास्ट
    3. शोले ने बदल दी थी अमजद खान की किस्मत

     नई दिल्ली, जेएनएन। Amjad Khan Death Anniversary: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रहे अमजद खान (Amjad Khan) को गुजरे सालों हो गये, लेकिन अपने आइकॉनिक किरदार के जरिए वह हमेशा अपने फैंस के दिलो में जिंदा रहेंगे। अमजद ने यूं तो अपने सभी किरदारों में जान फूंकी है, लेकिन फिल्म 'शोले' में उनकी गब्बर की भूमिका की बात ही कुछ और है। उनका गब्बर कैरेक्टर जिंदगी भर के लिए अमर हो गया। आज भी अमजद को लोग उनके नाम से कम और 'गब्बर' के किरदार से ज्यादा जानते हैं।

    गब्बर ने दी थी अमजद खान को नई पहचान

    'अरे ओह साम्भा...', 'यहां से पचास-पचास कोस दूर गांव में जब बच्चा रोता है, तो मां कहती है बेटा सो जा, सो जा नहीं तो गब्बर सिंह आ जाएगा...' और 'कितने आदमी थे?' जैसे शानदार डायलॉग्स को ठेठ अंदाज में बोलकर अमजद खान ने दर्शकों का दिल जीत लिया था।

    अमजद के अलावा किसी और को 'गब्बर' के रूप में इमेजिन भी नहीं किया जा सकता है। लोग मानते हैं कि ये कैरेक्टर सिर्फ अमजद के लिए ही बना था, लेकिन शायद ही आपको पता होगा कि अमजद खान पहले गब्बर नहीं बनने वाले थे। रमेश सिप्पी ने गब्बर के लिए किसी और ही स्टार को पहले ही चुन रखा था।

    अमजद नहीं थे गब्बर के लिए पहली पसंद

    रमेश सिप्पी के लिए अमजद खान कभी भी गब्बर के लिए पहली पसंद नहीं थे। 12 नवंबर 1940 को पेशावर में जन्मे अमजद को ये कैरेक्टर एक मशहूर एक्टर के ठुकराने के बाद मिला था। जानिए, 'गब्बर' को पहले किस एक्टर ने ठुकराया था और कैसे अमजद को इसके लिए कास्ट किया गया।

    खबरें और भी

    धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन और संजीव कुमार से सजी 'शोले' साल 1975 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म थी, जिसका निर्देशन रमेश सिप्पी ने किया था। फिल्म का फोकस सबसे ज्यादा दो किरदारों पर रहा- एक गब्बर और दूसरा ठाकुर। ठाकुर का रोल तो संजीव कुमार ने निभाया था, लेकिन गब्बर के लिए रमेश को थोड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

    अमजद नहीं, ये एक्टर बनने वाला था गब्बर

    रमेश सिप्पी अपनी फिल्म 'शोले' में फेमस एक्टर डैनी डेन्जोंगपा (Danny Denzongpa) को गब्बर बनाना चाहते थे, लेकिन वह किसी दूसरे प्रोजेक्ट्स में बिजी होने के चलते ये मूवी नहीं कर पाये। डैनी के मना करने के बाद रमेश के सामने एक नए स्टार को ढूंढने की चुनौती आ गई थी।

    फिर एक बार रमेश सिप्पी अपनी बहन के एक शो को देखने गए थे और उनकी बहन के को-स्टार अमजद खान थे। अमजद स्टेज शो में अफ्रीकी शख्स बने थे और यहीं रमेश को अपना गब्बर मिला। साल 2020 में खुद रमेश सिप्पी ने एक इंटरव्यू में अमजद खान को कास्ट करने के पीछे मजेदार किस्सा बताया था। उन्होंने कहा था-

    "मुझे याद है कि मैंने उनका एक एक्ट देखा था। उनका चेहरा, पर्सनैलिटी, आवाज सब कुछ परफेक्ट था। हमने उनसे दाढ़ी बढ़ाने के लिए और तैयार होने के लिए कहा, फोटोज लीं। वह उस कैरेक्टर के लिए मुझे सबसे सही लगे।"

    कैसे हुआ था अमजद खान का निधन?

    अमजद खान ने 27 जुलाई 1992 में हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। 52 साल की उम्र में हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया था। उन्होंने करीब 56 फिल्मों में काम किया था, जिसमें 'याराना', 'कालिया', 'कुर्बानी', 'लावारिस' और 'मुकद्दर का सिकंदर' शामिल हैं।