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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'हर कलाकार का होता है अपना नजरिया...', Anupam Kher ने फिल्मों को लेकर कही ये बात

    Updated: Sun, 17 Mar 2024 03:50 PM (IST)

    बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेताओं में से एक अनुपम खेर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। जल्द ही उनकी फिल्म छोटा भीम आने वाली है। अब हाल ही में अभिनेता फिल्मों क ...और पढ़ें

    बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर (Photo Credit: Instagram)
    बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर (Photo Credit: Instagram)

    प्रियंका सिंह, मुंबई। फिल्में मनोरंजन करने के लिए बनाई जाती हैं। अगर कोई संदेश हो या सीखने वाली बात हो, तो वह उस फिल्म में एक अतिरिक्त चीज जोड़ देती है। हालांकि, फिल्मों का मुख्य उद्देश्य केवल मनोरंजन करना ही है, यह मानना है अनुपम खेर का। 'द कश्मीर फाइल्स', 'कागज 2' जैसी कई संदेशपरक फिल्में कर चुके अभिनेता अनुपम कहते हैं, "मुझे नहीं लगता है कि लोग इस इंडस्ट्री में फिल्में इसलिए बनाते हैं कि वह कुछ सिखाना चाहते हैं या जागरूकता फैलाना चाहते हैं।

    हर एक का अपना नजरिया होता है, उसमें अगर कोई सीखने वाली बात निकलकर आ जाए, तो अच्छी बात है। फिल्मकार फिल्में इसलिए बनाते हैं कि उन्हें कहानी दिलचस्प लगी होगी। कलाकार को उसमें काम करना है या नहीं, वह अपना पात्र देखकर तय करते हैं।

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    जब आप किसी मुद्दे पर आमने-सामने बैठकर बात करते हैं, तो वह ज्यादा प्रभावशाली होता है, लेकिन जब इन पर फिल्में बनाई जाती हैं, तो मुझे नहीं लगता है कि कोई भी यह सोचकर उसमें काम करता है कि अब मैं ऐसा कुछ बनाऊंगा और यह मुद्दा दुनिया तक पहुंचेगा, जिससे बदलाव संभव होगा।

    हमारे यहां 'रामायण' और 'महाभारत' जैसे धारावाहिकों को लोग टीवी पर फूलों का हार पहनाकर देखते थे। ऐसा थोड़ी है कि उससे कोई बदलाव आ गया। हां, कुछ लोगों ने अपनी जिंदगियों को वैसा बना लिया। इस तरह की कहानियां मूल रूप से केवल दर्शकों को बांधे रखने के लिए होती हैं। कई बार तो हॉरर जानर वाली कहानियां भी दर्शकों को बांधे रखती हैं, वह उन कहानियों से भी एंटरटेन होते हैं।

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    कॉमेडी और ट्रेजेडी कहानियों वाली फिल्मों से भी दर्शक जुड़ जाते हैं। किसी भी दर्शक को एक ही कहानी से अंत तक बांधे रखना जरूरी है। एक ही विषय या थीम पर आप बहुत अच्छी फिल्म बना सकते हैं और बुरी भी बना सकते हैं। सब कुछ बनाने वाले निर्देशक पर निर्भर करता है। एक ही कहानी और कलाकारों के साथ उसकी कहानी को बनाते समय बस निर्देशक बदल दो, पूरी कहानी बदल जाएगी।

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