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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bheed Twitter Review: कोरोना काल का पलायन देख दहल गए लोग, हंसल मेहता ने 'मकबूल' से की स्टारकास्ट की तुलना

    By Ruchi VajpayeeEdited By: Ruchi Vajpayee
    Updated: Fri, 24 Mar 2023 12:08 PM (IST)

    Bheed Twitter Review अनुभव सिन्हा की भीड़ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर काफी एक्साइटमेंट है। हंसल मेहता ने तो इसकी तुल ...और पढ़ें

    Bheed Twitter Review People were shocked to see the Migration during Covid 19
    Bheed Twitter Review People were shocked to see the Migration during Covid 19

    नई दिल्ली, जेएनएन। Bheed Twitter Review: अनुभव सिन्हा की भीड़ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। भीड़ के दमदार ट्रेलर के बाद लोगों में फिल्म को लेकर काफी एक्साइटमेंट देखी गई। राजकुमार राव, भूमि पेडनेकर स्टारर इस फिल्म की कहानी कोरोना महामारी के दौरान हुए मजदूरों के पलायन पर आधारित है। भीड़ को सोशल मीडिया पर काफी जबरदस्त रिएक्शन मिल रहे हैं। हंसल मेहता ने भीड़ के स्टार कास्ट की तुलना मकबूल से की है।

    हंसल मेहता ने की भीड़ की तारीफ

    डायरेक्टर्स की जोड़ी राज और डीके ने फिल्म की तारीफ करते लिखा- भीड़ वो फिल्म है जो एंड क्रेडिट रोल के बाद भी लंबे समय तक प्रभाव छोड़ती है! फिल्म खत्म हो जाती है लेकिन ये आपके अंदर अभी भी चलती रहती है। ये फिल्म, सबसे चौंकाने वाली घटनाओं में से एक के साथ शुरू होती है, जिसे हमने स्क्रीन पर देखा है और उन लोगों के दर्द को भी समझा।

    'भीड़' सिनेमाघरों में आ गई है। यह फिल्म हमारे लिए किसी डॉक्यूमेंट की तरह है। और मकबूल के बाद शायद सबसे अच्छे कलाकारों में से एक है। राज कुमार राव और अनुभव सिन्हा ने बेहतरीन काम किया है।

    लोगों को रियल लगी भीड़

    फिल्म का फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने वाले एक दर्शक ने कहा-अनुभव सिंहा की भीड़ रियल है। उपयुक्त है और क्रांतिकारी है। राजकुमार, भूमि, पंकज जी और कलाकारों की टुकड़ी पूरी तरह से ईमानदार है। अनुभव के धारदार लेखन और कसी हुई दिशा ने भीड़ को दूसरी फिल्मों से अलग खड़ा कर दिया है।

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    एक अन्य ने लिखा- अनुभव सिन्हा की भीड़ को देख पाना एक मुश्किल काम है। यह सच में एक इमानदार कोशिश है। भारत की यात्रा को इसकी सबसे कठिन अवधि में से एक के माध्यम से तलाशती है। मजबूत पटकथा और बीजीएम।