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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दर्द से भरी रही है गैंग्स ऑफ वासेपुर में ‘फ्रस्टियाओ नहीं मोरा...’ गाने वाले दीपक ठाकुर की जिंदगी

    By Priti JhaEdited By:
    Updated: Fri, 03 Jun 2022 06:10 PM (IST)

    बिग बॉस सीजन-12 के फाइनल कंटेस्टेंट और फिल्म डायरेक्टर अनुराग कश्यप की फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर में फ्रस्टियाओ नहीं मोरा... गाना गाने वाले दीपक ठाकुर क ...और पढ़ें

    गैंग्स ऑफ वासेपुर में ‘फ्रस्टियाओ नहीं मोरा गाना गाने वाले दीपक ठाकुर
    गैंग्स ऑफ वासेपुर में ‘फ्रस्टियाओ नहीं मोरा गाना गाने वाले दीपक ठाकुर

    नई दिल्ली, जेएनएन। अनुराग कश्यप की फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर में एक गाना था, ‘फ्रस्टियाओ नहीं मोरा...’, क्या आप जानते हैं कि इसे किसने गाया था? अगर नहीं जानते हैं तो हम बताए देते हैं। इसे बिहार के दीपक ठाकुर ने गाया था। दीपक को आपने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई समाचार चैनल्स में मिमिक्री करते हुए भी सुना व देखा होगा।

    दीपक बिहार के मुजफ्फरपुर जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर गंडक नदी के किनारे बसे गांव आथर के रहने वाले हैं। यह इलाका हर साल बाढ़ में डूब जाता है। खुद दीपक का घर दो बार बाढ़ की वजह से बह चुका है।

    बकौल दीपक, उन्हें पहचान मिली अनुराग कश्यप की फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर से। इस फिल्म के लिए संगीतकार स्नेहा खानविलकर ने उनकी आवाज में एक गाना रिकॉर्ड किया था।

    एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में दीपक ने बताया था कि उनके गांव में कहीं भी भजन-कीर्तन होता था तो वो पहुंच जाते थे। यहां उन्हें भी गाने का मौका मिल जाता था। हालांकि इस वजह से गांव और आसपास के लोग उन्हें नचनिया कहने लगे थे। इन तानों के बावजूद उनका परिवार उनके साथ रहा।

    बीबीए की डिग्री के बाद दीपक ने एमबीए के लिए नोएडा का रुख किया था। लेकिन तंगहाली के चलते पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी आवाज में गानों को रिकॉर्ड कर पोस्ट करना शुरू किया। एक दिन ऐसा भी आया जब उन्हें बिग-बॉस के ऑडिशन के लिए कॉल आया। यहां से उनकी जिंदगी बदलने लगी।

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    ऐसे मिला था कश्यप की फिल्म में गाने का मौका

    फिल्म की म्यूजिक डायरेक्टर स्नेहा खानविलकर कुछ नई आवाजों की तलाश में मुजफ्फरपुर आईं थीं। उन्होंने दीपक को सुना और फिर उन्हें फिल्म में गाने का मौका दे दिया। गाना हिट भी हुआ, लेकिन इससे उनके कॅरियर को उड़ान नहीं मिल पाई। लगभग 3-4 साल के संघर्ष के बाद उन्होंने अनुराग कश्यप से मदद मांगी। अनुराग ने उन्हें फिल्म में गाना गाने के साथ एक्टिंग करने का मौका भी दिया।