'सफेद कपड़े पहनने का दबाव नहीं...' ग्लैमर से दूर, रिवाजों के करीब,परंपरा के रंग में रंगी सेलेब्स की होली
चमक-दमक से दूर, रकुल प्रीत सिंह, पंकज त्रिपाठी और ईशा कोप्पिकर जैसे सितारे पारंपरिक तरीके से होली मनाना पसंद करते हैं। रकुल परिवार और दोस्तों संग गुझि ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
प्रियंका सिंह/दीपेश पांडेय, मुंबई। चमक-दमक और ग्लैमर से भरी जिंदगी के बावजूद कई कलाकार होली को सादगी, पारिवारिक रीति-रिवाजों और पुराने संस्कारों के साथ मनाना पसंद करते हैं। किसी के लिए लाल रंग के बिना होली अधूरी है, तो कोई टेसू के प्राकृतिक रंगों और फगुआ के गीतों में अपनी बचपन की यादें तलाशता है। साफ-सुथरी होली और मिठाई की धूम के साथ सितारों ने साझा की होली के लिए अपनी योजना...
लाल रंग के बिना अधूरी है होली
लाल रंग के बिना अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह की होली अधूरी है। दे दे प्यार दे फिल्म की अभिनेत्री रकुल इस साल मुंबई में ही शूटिंग कर रही हैं, होली वाले दिन वह छुट्टी पर होंगी। वह कहती हैं कि होली वाले दिन घर पर रहूंगी, उस दिन पूजा होगी, फिर कुछ दोस्त घर आएंगे। मेरे लिए असली होली वही है, जिसमें पूरा परिवार और दोस्त पूरे दिन साथ बैठकर खाए-पीएं। पूजा के दौरान मैं नए कपड़े पहनती हूं, लेकिन जैसे ही होली खेलने का समय आता है, पुराने कपड़े पहन लेती हूं, ताकि अगर कपड़े रंगों से खराब हो जाएं, तो उन्हें हटा सकूं।

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रकुल को दोस्तों से मिलना है पसंद
बचपन में तो एकदम ही पुराने कपड़े पहनते थे, क्योंकि हम बच्चे बड़ी गंदी होली खेलते थे। अब तो सूखी होली खेलती हूं, पानी बर्बाद नहीं करती हूं। इस दिन मुझे मेरी पसंदीदा मिठाई गुझिया का इंतजार रहता है। मेरे और जैकी (रकुल के पति व अभिनेता जैकी भगनानी) के माता-पिता का घर पर आना, दोस्तों से मिलना, मस्ती करना, खाना खाना यही होली की परंपरा रही है।
लाल रंग से खेलने में आता है मजा
होली के रंगों की बात करूं,तो जब तक लाल रंग न हो, तब तक मजा कहां है। इस दिन मुझ पर इंस्टाग्राम पर होली की तस्वीरें पोस्ट करने का कोई दबाव नहीं होता है। मौका मिला,तो डाल देती हूं। नहीं मिलता है, तो नहीं भी डालती हूं। मैं वैसी नहीं हूं जो इसका दबाव लूं। यह च्वाइस की बात है। होली पर सबसे बड़ा रेड फ्लैग मेरे लिए पानी की बर्बादी होती है। बचपन में हमने भी किया है, तब पता नहीं था कि ऐसा नहीं करना चाहिए, लेकिन जिस तरह से जलवायु परिवर्तन हो रहा है,पीने के लिए भी पानी नहीं है, उसमें इसकी बर्बादी नहीं होनी चाहिए।
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याद आते हैं टेसू के रंग और फगुआ
इस बार की होली मिर्जापुर वेब सीरीज के अभिनेता पंकज त्रिपाठी अलिबाग में अपने हॉलीडे होम में मनाएंगे। घर में होली पर पहला रंग पंकज अपनी पत्नी मृदुला को लगाते हैं। वह कहते हैं कि जब मां बाउजी थे, तो सबसे पहले उनके पैरों पर रंग लगाकर होली शुरू करता था, अब पत्नी को लगाता हूं। इस दिन गांव में तो होली गायन का चलन था, जिसे फगुआ कहते हैं। अभी बसंत पंचमी में गांव गया था, तो मेरे दरवाजे पर कुछ लोग फगुआ गाने आए थे। इसमें शुरुआत में थोड़े भक्ति गीत होते है, फिर बसंत का गीत होता है।
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ऑर्गेनिक रंगों से खेलते हैं होली
इसका चलन अब खत्म होता जा रहा है। शहरों में तो बिल्कुल नहीं है। हालांकि कभी-कभार हमारे यहां दो-चार लोग संगीत वाले इकठ्ठा हो जाते हैं, तो हम गाते हैं। जहां तक पसंदीदा रंग की बात है मुझे टेसू के फूल से बना हुआ रंग पसंद रहा है, जो आर्गैनिक होता है। बचपन में मैं टेसू के फूल को रात भर पानी में डालकर रखता था, सुबह तक वो लाल रंग बन जाता था। बाकी कलाकार बनने के बाद भी होली पर नए या सफेद कपड़े पहनने का दबाव मैंने कभी नहीं लिया। कलाकारों के पास भी पुराने कपड़े पहनने का विकल्प होता है, ऐसा नहीं है कि स्टार बन गया हूं, तो केवल नए कपड़े पहनने हैं। जब तक कपड़े जवाब ना दे दें, मैं तो पहनता हूं।
गुब्बारे का इस्तेमाल नहीं करते
मैं तो समारोह में कपड़े रीपीट भी करता हूं। सस्टेनेबल लिविंग पर भरोसा करता हूं। यानी जब तक कपड़े पुराने न हो जाएं, तब तक पहनना चाहिए। हमारे छोटे-छोटे प्रयासों से ही दुनिया ठीक हो सकती है। मैं प्राकृतिक चीजों का प्रयोग करता हूं, गुब्बारे या प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करता हूं। न ही मैं किसी और के यहां होली पार्टी में जाता हूं। सफेद, प्रिटेंट कुछ भी पहन लेता हूं। हमारे यहां शाम को सूखी होली होती है, जो अबीर से खेली जाती है।
मुंबई से दूर परिवार के साथ मनेगी होली
पिंजर, दिल का रिश्ता और एक विवाह ऐसा भी फिल्मों की अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर इस साल अपनी होली को लेकर बताती हैं, ‘इस साल होली पर मैं अपने परिवार के साथ घूमने जा रही हूं, इसलिए मुंबई में तो नहीं मना पाऊंगी। वहां होली का थोड़ा निजी जश्न होगा। आमतौर पर होली के दिन मैं सफेद कपड़े पहनना पसंद करती हूं, क्योंकि उस पर रंग ज्यादा निखरकर दिखता है। हमारे परिवार में होली की शुरुआत हम कुछ खास रीति-रिवाज के साथ करते हैं।
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होली पर क्या है ईशा के लिए सबसे बड़ा रेड फ्लैग?
हम होलिका दहन की सुबह सबसे पहले गुड़ और घी खाते हैं, फिर छोटी सी पूजा करते हैं और फिर रात को होलिका जलाते हैं। मुझे गुलाबी और पीला गुलाल बहुत पसंद है। मैं अपने हर सह कलाकार को ये रंग होली की शुभकामनाओं के साथ भेजना पसंद करुंगी। मैंने कई बार शूटिंग के सेट पर भी होली खेली है, वहां मेकअप और कास्ट्यूम के कारण कुछ चीजें संभालनी पड़ती है, लेकिन बहुत मजा आता है। इंटरनेट मीडिया और इंस्टाग्राम के दौर में पोस्ट करने का भी थोड़ा दबाव होता है।
मुझे भी लोगों के साथ तस्वीरें साझा करना अच्छा लगता है। कुछ रंगों के कारण त्वचा पर एलर्जी हो जाती है, कई बार गुब्बारों में रंग या पानी भरकर मारने से चोट भी लग जाती है, ये चीजें होली पर मेरे लिए सबसे बड़ी रेड फ्लैग (बुरी बात) है।’