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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दिल्ली हाई कोर्ट का सुशांत सिंह राजपूत केस से प्रेरित फिल्म पर रोक लगाने से इनकार, कहा- 'सब सार्वजनिक है'

    By Jagran NewsEdited By: Manoj Vashisth
    Updated: Wed, 12 Jul 2023 05:38 PM (IST)

    Sushant Singh Rajput OTT Movie सुशांत सिंह राजपूत केस पर बनी फिल्म एक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम हो रही है जिसके खिलाफ उनके पिता ने दिल्ली हाई कोर्ट ...और पढ़ें

    Delhi High Court refused to ban the film on Sushant Singh Rajput. Photo- Instagram
    Delhi High Court refused to ban the film on Sushant Singh Rajput. Photo- Instagram

    HighLights

    1. केस से प्रेरित फिल्म पहले ही ओटीटी पर आ चुकी है
    2. सुशांत का निधन 2020 में मुंबई में हुआ था
    3. उनके केस की जांच सीबीआई कर रही है

    नई दिल्ली, जेएनएन। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस से प्रेरित फिल्म की स्ट्रीमिंग को रोकने से इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने सुशांत के पिता कृष्ण कुमार सिंह की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि एक्‍टर के न‍िजी अध‍िकार उनकी मौत के साथ ही खत्‍म हो गए हैं।

    लिहाजा, इस फिल्म की स्ट्रीमिंग पर रोक नहीं लग सकती है। सुशांत पर बनी फिल्म जून, 2021 से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम हो रही है।

    क्या है पूरा विवाद?

    दरअसल, कथित तौर पर सुशांत सिंह राजपूत के जीवन से प्रेरित एक फिल्म 'न्याय: द जस्टिस' लपालप ओरिजिनल नाम के प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम हो रही है। सुशांत के पिता केके सिंह ने फिल्‍म को बैन करने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। राइट टू प्राइवेसी यानी निजता के अधिकार का हनन करने के तहत मामला भी दर्ज करवाया। इसके बाद ये केस दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया।

    सुशांत के अधिकार उनके पिता को नहीं मिल सकते

    जस्टिस सी हरिशंकर ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा-

    व्यक्तित्व अधिकारों के साथ-साथ गोपनीयता और प्रचार के अधिकार भी सुशांत की मौत के साथ समाप्त हो गए। किसी की भी मौत के बाद ये अधिकार उनके रिश्तेदार को विरासत में नहीं दिए जाते। यदि यह भी मान लिया जाए कि फिल्म सुशांत के पब्‍ल‍िसिटी राइट्स का उल्लंघन करती है अथवा उन्हें बदनाम करती है, फिर भी ये अधिकार स्वंय अभिनेता के हैं। इन्हें उनके पिता को नहीं दिया जा सकता। ये अधिकार अभिनेता की मौत साथ ही समाप्त हो गए हैं। फिल्म मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित, जो पहले से सार्वजनिक हैं।

    सार्वजनिक है केस से जुड़ी सारी जानकारी

    जस्टिस हरिशंकर ने अपने फैसले में कहा कि कानून खुद को सेलिब्रिटी संस्कृति को बढ़ावा देने का माध्यम नहीं बनने दे सकता। फिल्म में दिखाई गई सारी चीजें मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं, जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।

    जस्टिस हरिशंकर ने आगे कहा कि जब ये सारी जानकारी मीडिया द्वारा दिखाई जा रही थी, तब सुशांत के पिता ने इस पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी। नतीजतन, उपलब्ध जानकारी पर फिल्म बनाने के लिए सहमति की आवश्यकता नहीं पड़ी। इसलिए मेकर्स ने ना तो सुशांत की निजता के अधिकार का हनन किया और ना ही उनके पिता केके सिंह का।

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    उन्होंने कहा कि फिल्‍म पहले ही ऑनलाइन प्लेटफार्म लपालप पर रिलीज की जा चुकी है, अब तक हजारों लोगों ने इसे देख भी लिया होगा। फिर इस पर बैन लगाने का कोई औचित्‍य नहीं है। गौरतलब है कि 34 वर्षीय मशहूर अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को बांद्रा में अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे।

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