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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दोनों में दूरियां थीं.. लेकिन, शाह रुख़ को देखते ही जब उनके गले लग गए करण जौहर!

By Hirendra JEdited By:
Updated: Mon, 16 Jan 2017 08:37 AM (IST)

करण ने अपनी किताब में ये भी बताया है कि जब उनकी और काजोल की दोस्ती में दरार आई तब उन्होंने सबसे पहले शाह रुख़ को ही फोन किया था..

दोनों में दूरियां थीं.. लेकिन, शाह रुख़ को देखते ही जब उनके गले लग गए करण जौहर!
दोनों में दूरियां थीं.. लेकिन, शाह रुख़ को देखते ही जब उनके गले लग गए करण जौहर!

मुंबई। करण जौहर की बायोग्राफी 'एन अनसूटेबल ब्वॉय' इनदिनों सुर्ख़ियों में हैं। रोज़ इससे जुडी कुछ ख़बरें आती रहती हैं। पिछले दिनों काजोल को लेकर करण के बिगड़ते रिश्ते न्यूज़ में बने रहे तो अब शाह रुख़ ख़ान और उनके बेटे अबराम को लेकर नई बातें सामने आई हैं।

करण ने अपनी किताब में लिखा है कि 'शाह रुख़ और मेरे रिश्ते में भी काफी उतार-चढ़ाव आए हैं। शाह रुख़ बहुत ही ‘पॉजेसिव’ दोस्त हैं। मुझे लगता है कि जब मैं उनके बिना कोई फ़िल्म बनाता हूं तो मैं उन्हें तकलीफ पहुंचाता हूं और मुझे लगता है कि जब मैं ऐसा करता हूं तो मुझे भी बुरा लगता है क्योंकि उस समय मुझे उनसे पितृत्व या भाईचारे वाली फीलिंग नहीं आती जो पहले मुझे उनसे आती थी।' हालांकि करण ने यह भी लिखा है कि उनके बीच यह दूरियां बहुत कम समय के लिए रही हैं। 'पीकू' की सक्सेस पार्टी में जब दोनों मिले तो उन्होंने शाह रुख़ को गले लगाकर कहा कि मैंने तुम्हें मिस किया। इस पर शाह रुख़ ने भी कहा कि तुम्हें इसका अंदाजा भी नहीं है कि मैंने तुम्हें कितना मिस किया।

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करण ने लिखा है कि 'जब दोस्ती की जड़ मजबूत होती है तो दोस्ती कभी खत्म नहीं हो सकती।' करण ने अपनी किताब में ये भी बताया है कि जब उनकी और काजोल की दोस्ती में दरार आई तब उन्होंने सबसे पहले शाह रुख़ को ही फोन किया था, जबकि शाह रुख़ का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था।

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करण ने शाह रुख़ के सबसे छोटे बेटे अबराम के बारे में लिखा है कि 'मैं गौरी के घर अब अबराम के साथ खेलने जाता हूं। अगर गौरी घर में नहीं भी होती तो मैं उसके साथ खेलता हूं। वो मेरे घर भी आता है और मेरी मां उसे बहुत पसंद करती है। एक बार जब वो मेरे ऑफिस आया था तो सबलोग उससे मिलने ऐसे आए थे जैसे ब्रेड पिट आया हो।'