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    72 साल पहले Suraiya के गानों में उठती 'तड़प' ने जवाहर लाल नेहरू को कर दिया था कायल, रफी का जादू पड़ गया था फीका

    Updated: Thu, 28 May 2026 10:16 PM (IST)

    72 साल पहले हिंदी सिनेमा की लेडी सुपरस्टार सुरैया (Suraiya) ने अपने गानों से पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू (Jawahar Lal Nehru) को भी कायल कर दिया ...और पढ़ें

    सुरैया के दुखभरे गाने बन गए क्लासिक कल्ट। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम

    सुरैया के दुखभरे गाने बन गए क्लासिक कल्ट। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम

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    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की लीडिंग लेडी सुरैया (Suraiya) जो न केवल बेहतरीन अदाकारा बल्कि दिग्गज गायिका भी थीं। वह सिनेमा की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेस थी। वह फिल्मों में अदाकारी भी करती थीं और अपना गाना भी खुद ही गातीं।

    50 के दशक में सुरैया अपने करियर के चरम पर थीं। देशभर में लोग उनके दीवाने थे और उनकी एक झलक पाने के लिए उनके बंगले के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहते। उनकी आवाज का जादू ऐसा था कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू (Former Prime Minister Jawahar Lal Nehru) ने सार्वजनिक तौर पर उनकी तारीफ की थी।

    यूं तो सुरैया ने अपने करियर में कई सदाबहार गाने गाए, सुपरहिट फिल्में कीं... लेकिन 72 साल पहले उनकी एक ऐसी फिल्म आई जो क्लासिक कल्ट बन गई। फिल्मों में तो यूं मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi) और तलत महमूद (Talat Mehmood) ने भी गाना गाया, लेकिन सुरैया की आवाज ने पूरे देश को कायल कर दिया।

    जवाहर लाल नेहरू हो गए थे कायल

    यह फिल्म थी 1954 में आई मिर्जा गालिब जिसमें सुरैया ने कुल पांच गाने गाए थे और पांचों कल्ट क्लासिक बन गए। इन गानों में दर्द भी था और तड़प भी। गणेश अनंतरामन की किताब बॉलीवुड मेलोडीज के मुताबिक, इस फिल्म के गाने सुन नेहरू जी सुरैया की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए थे। किताब के मुताबिक, नेहरू जी ने सबके सामने सुरैया की तारीफ करते हुए कहा था, 'लड़की, तुमने गालिब की रूह को जिंदा कर दिया।'

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    Suraiya

    मिर्जा गालिब में सुरैया के गाने

    फिल्म का संगीत गुलाम मोहम्मद ने दिया था। इस फिल्म में एक गाना था जो यमन पर आधारित 'नुक्ता चीन हैं गम-ए-दिल', 'यह ना थी हमारी किस्मत' था। इस गाने को सुरैया ने अपनी आवाज दी थी। कुल मिलाकर मिर्जा गालिब ने एक बार फिर सुरैया के सिंगिंग करियर को पीक पर पहुंचा दिया था।

    • दिल-ए-नादान तुझे हुआ क्या है
    • आह को चाहिए एक उमर असर होने तक
    • नुक्ता चीन है गम-ए-दिल उसको सुनाए ना बने
    • रहिए अब ऐसी जगह चल कर
    • ये न थी हमारी किस्मत

    इन गानों को आवाज देकर सुरैया ने अमर कर दिया। फिल्म में उनका किरदार मिर्जा गालिब की सबसे बड़ी प्रशंसक के रूप में होती है। दोनों के बीच इश्क और जुदाई की दास्तां को एक्ट्रेस अपनी आवाज में अमर बना देती हैं।

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