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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    IC 814 The Kandahar Hijack पर चल रहे विवाद के बीच खुद पायलट देवी शरण ने गिनाई सीरीज की दो अन्य गलतियां

    Updated: Tue, 03 Sep 2024 12:25 PM (IST)

    विजय वर्मा की वेब सीरीज आईसी 814 द कंधार हाईजैक को लेकर इंटरनेट पर लगातार बवाल मचा हुआ है। लोगों ने सीरीज में बदले गए आतंकियों के नाम को लेकर विरोध जत ...और पढ़ें

    विजय वर्मा ने निभाया है देवी सिंह का किरदार
    विजय वर्मा ने निभाया है देवी सिंह का किरदार

    HighLights

    1. विजय वर्मा ने निभाया है देवी शरण का किरदार
    2. आईसी 814 पर संकट के बादल
    3. आतंकवादियों के नाम को लेकर बढ़ा विरोध

    एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। जबसे अनुभव सिन्हा की वेब सीरीज आईसी: द कंधार हाईजैक रिलीज हुई है तभी से ये सुर्खियों में बनी हुई है। इसकी कहानी साल 1999 में हुई कंधार हाईजैक पर आधारित है। सीरीज में दिखाई गए आतंकवादियों के नाम शंकर और भोला को लेकर लोगों ने विरोध जताया है।

    लोगों का कहना है कि पांचो आतंवादी मुस्लिम थे जबकि अनुभव सिन्हा ने जानबूझकर यहां पर हिंदू नामों का प्रयोग किया। अब इन दावों के बीच कैप्टन देवी शरण,जो हाईजैक हुए विमान के पायलट थे ने दो अन्य घटनाएं शेयर की हैं। उन्होंने बताया कि सीरीज में दिखाई गई ये दो घटनाएं वास्तविकता में नहीं हुई थीं। सीरीज में देवी शरण का किरदार विजय वर्मा ने निभाया है।

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    क्या चीजें बदली गईं?

    टेलीग्राफ को दिए इंटरव्यू में देवी शरण ने बताया कि सीरीज में दिखाया गया है कि विदेश मंत्री हमें सलामी देते हैं जबकि ऐसा कुछ नहीं था। उन्होंने बस इशारे के जरिए हमारे प्रयासों की सराहना की थी। इसके अलावा एक और सीन में दिखाया गया है कि देवी शरण ने प्लंबिंग लाइन्स अपने आप ठीक की थीं। लेकिन असलियत में तालिबान अधिकारियों ने एक कर्मचारी भेजा था। देवी उस कर्मचारी को अपने साथ विमान के होल्ड में लेकर गए थे क्योंकि उसे नहीं पचा था कि लाइने कहां हैं।

    साल 1999 में हुई थी घटना

    बता दें कि आईसी 814: कंधार हाईजैक दिसंबर 1999 में भारत जाने वाली एक उड़ान के अपहरण पर आधारित है। यह फ्लाइट काठमांडू से चलकर नई दिल्ली की ओर जा रही थी जब इसे हाईजैक कर लिया गया था। यात्रियों और चालक दल को सात दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। यात्रियों को छोड़ने के बदले में आतंकवादियों ने तीन हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों की रिहाई की मांग की थी जिसमें मौलाना मसूद अजहर, अहमद उमर सईद शेख और मुश्ताक अहमद आदि शामिल थे।

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