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    साबुन-कंघी बेचे, 3 शादियां कीं... बेटे को देखने आई लड़की की बहन पर दिल हारने वाले 'सूरमा भोपाली' की कहानी

    Updated: Sat, 28 Mar 2026 04:19 PM (IST)

    छह दशक से ज्यादा दर्शकों को परदे पर एंटरटेन करने वाले 'सूरमा भोपाली' उर्फ अभिनेता जगदीप की 29 मार्च को बर्थ एनिवर्सरी है। इस खास मौके पर पढ़ें उनसे जुड़ ...और पढ़ें

    सड़क पर सोने से लेकर 400 से ज्यादा फिल्में करने वाले 'सूरमा भोपाली' की कहानी/ फोटो- Instagram

    सड़क पर सोने से लेकर 400 से ज्यादा फिल्में करने वाले 'सूरमा भोपाली' की कहानी/ फोटो- Instagram

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    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 'शोले' आज के समय में हिंदी सिनेमा की कल्ट फिल्म बन चुकी है। इस फिल्म में 'गब्बर' से लेकर 'वीरू', 'जय' और 'बसंती' सहित हर किरदार आज भी फैंस के दिलों में बसा हुआ है। 'शोले' में ही एक कैरेक्टर ऐसा भी था, जिसने लोगों को अपनी परफॉर्मेंस से खूब हंसाया। वह किरदार था 'सूरमा भोपाली' का, जिसे दिग्गज अभिनेता जगदीप ने निभाया था।

    सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी उर्फ जगदीप ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट फिल्म जगत में कदम रखा था। उन्होंने 1951 में रिलीज हुई बीआर चोपड़ा की फिल्म 'अफसाना' से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। छह दशकों तक दर्शकों के चेहरों पर मुस्कान लाने वाले 'सूरमा भोपाली' का बचपन भारी संघर्षों में बीता था।

    400 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले इस दिग्गज अभिनेता ने एक वक्त पर सड़कों पर साबुन-कंघी बेची और फेंके हुए टुकड़ों को उठाकर भी खाया। उनके जन्मदिन के खास मौके पर पढ़ें उनकी जिंदगी से जुड़ा यह दिलचस्प किस्सा:

    10 भाई-बहनों में सबसे छोटे थे 'जगदीप'

    29 मार्च 1939 को मध्य प्रदेश के दतिया में जन्मे सूरमा भोपाली उर्फ जगदीप के पिता वहां के महाराजा के वकील थे। वह 10 भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। जब जगदीप महज 8 साल के थे, तो उनके पिता का निधन हो गया। अभिनेता का असली संघर्ष उसी दिन से शुरू हो गया था। पिता को खोने के बाद जगदीप की मां उन्हें लेकर पाकिस्तान के कराची में उनके बड़े भाई के पास चली गईं। हालांकि, बंटवारे के दौरान भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बीच उनकी मां उन्हें वापस भारत ले आईं।

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    जगदीप पाकिस्तान से भारत तो आ गए, लेकिन मुंबई में उनका गुजारा बेहद मुश्किल हो गया। जगदीप की मां को एक अनाथ आश्रम में काम मिला, लेकिन मां को काम करते देखना छोटे जगदीप को अंदर ही अंदर चुभता था। रिपोर्ट्स की मानें तो मुंबई में एक समय ऐसा भी था, जब जगदीप और उनकी मां को भायखला ब्रिज के नीचे सड़कों पर रहना पड़ा था। अपने सर्वाइवल के लिए जगदीप ने कपड़े, खिलौने, पतंग और साबुन-कंघी तक बेची। पर्दे पर सबको हंसाने वाले 'सूरमा भोपाली' ने वो दिन भी देखे हैं, जब पैसे खत्म हो जाने पर उन्हें बेकरी के बाहर फेंके गए ब्रेड के टुकड़ों को साफ करके खाना पड़ता था।

    इत्तेफाक से मिली थी पहली फिल्म

    जगदीप को उनकी पहली फिल्म 'अफसाना' इत्तेफाक से मिली थी। दरअसल, एक बार वह सड़क पर काम की तलाश में घूम रहे थे, तभी उनकी मुलाकात बीआर चोपड़ा के लिए काम करने वाले एक शख्स से हुई, जो उस वक्त बाल कलाकारों को ढूंढ रहा था। जब उस एजेंट की नजर जगदीप पर पड़ी, तो उसने उनसे फिल्मों में काम करने के बारे में पूछा। जगदीप को एक्टिंग के बारे में कुछ भी नहीं पता था। लेकिन जब उस शख्स ने बताया कि इसके लिए उन्हें 3 रुपये की फीस मिलेगी, तो वह तुरंत मान गए।

    afsana

    फिल्म 'अफसाना' में उनका सीन सिर्फ तालियां बजाने का था, लेकिन जब वह सेट पर पहुंचे तो एक बच्चे को उर्दू के भारी डायलॉग्स बोलने में दिक्कत आ रही थी। यह देखकर जगदीप खुद आगे बढ़े और उन्होंने उर्दू के वे डायलॉग्स बहुत ही आसानी से बोल दिए। उनकी इस प्रतिभा से बीआर चोपड़ा बेहद इम्प्रेस हो गए। इस छोटे से रोल ने उनके लिए बॉलीवुड के दरवाजे हमेशा के लिए खोल दिए।

    बेटे को छोड़कर अपनी शादी का दिया प्रस्ताव 

    दिग्गज अभिनेता जगदीप ने अपनी जिंदगी में तीन शादियां की थीं। उनकी पहली शादी नसीम बेगम से हुई थी, जिनसे उन्हें हुसैन, शकीरा और सुरैया हुए। इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी सुघरा बेगम से की, जिनसे उनके मशहूर बेटे जावेद जाफरी और नावेद जाफरी हैं। हालांकि, जगदीप ने तीसरी शादी 'नजीमा' से की थी। नजीमा और जगदीप की लव स्टोरी का किस्सा बेहद दिलचस्प है।

    javed muskan

    रिपोर्ट्स की मानें तो एक बार जगदीप के बेटे नावेद जाफरी के लिए एक लड़की का रिश्ता आया था। उस लड़की के साथ उसकी बहन नजीमा भी आई थीं। नजीमा पहली ही नजर में जगदीप को इतनी ज्यादा पसंद आ गईं कि उन्होंने बेटे का रिश्ता छोड़कर खुद की शादी का प्रस्ताव उनके सामने रख दिया। उस वक्त दोनों की उम्र में 33 साल का बड़ा फासला था। इसके बावजूद नजीमा ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया और दोनों ने निकाह कर लिया। शुरुआत में तो जावेद और नावेद दोनों इस बात से काफी नाराज हुए थे, लेकिन बाद में वे मान गए। जगदीप और नजीमा की एक बेटी है, जिसका नाम मुस्कान है।

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