यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
JFF 2024: इतने सालों के लिए टैक्स फ्री होना चाहिए सिनेमा, Sudhir Mishra ने बताया ऐसा करना क्यों है जरूरी
Jagran Film Festival 2024 5 से 8 दिसंबर तक चलने वाले जागरण फिल्म फेस्टिवल में इस बार सितारों और मेकर्स का मेला लगा है। कई सितारे इस फेस्टिवल को अटेंड ...और पढ़ें

HighLights
- जागरण फिल्म फेस्टिवल में शामिल हुए सुधीर मिश्रा
- निर्देशक ने फिल्मों को टैक्स फ्री करने पर दिया जोर
- प्रोड्यूसर्स की दखलंदाजी पर भी बोले सुधीर मिश्रा
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। थिएटर में फिल्म देखते हुए हम हंस सकते हैं, रो सकते हैं, सोच सकते हैं। साथ ही जीवन को अनुभव कर सकते हैं। ये लोगों को साथ लाता है, जोड़ता है। यह एक तरह की जनसेवा है। ऐसे में बेहतर फिल्म बने, इसके लिए इसे टैक्स फ्री किया जाना चाहिए। यह मांग फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा ने सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित जागरण फिल्म फेस्टिवल के शुभारंभ के मौके पर की।
सिनेमा और फिल्ममेकर्स को मौका मिला बेहद जरूरी
'चमेली, अर्जुन पंडित और अफवाह जैसी शानदार फिल्मों का निर्देशन करने वाले प्रतिभाशाली फिल्ममेकर ने कहा,
"कम से कम पांच साल के लिए सिनेमा को टैक्स फ्री किया जाए। मिश्रा ने कहा, बेहतर काम के लिए सिनेमा और फिल्ममेकर को मौका चाहिए। यह तभी होगा, जब यह टैक्स फ्री होगा। यह कब तक संभव हो पाएगा, कहा नहीं जा सकता, पर जहां भी और जब भी मौका मिलेगा इस मुद्दे को उठाता रहूंगा।
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निर्माताओं की दखलंदाजी पर भी सुधीर मिश्रा ने की बात
जागरण फिल्म फेस्टिवल को लेकर उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन स्वतंत्र सिनेमा के लिए बहुत मददगार होते हैं। ये छोटे शहरों को शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर पोषण देते हैं। फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में निर्माताओं की दखलंदाजी को लेकर भी उन्होंने अपना दर्द बयां किया।
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सुधीर मिश्रा ने इस फिल्म से की थी अपने करियर की शुरुआत
सुधीर मिश्रा बतौर निर्देशक अपनी जर्नी शुरू करने से पहले सिर्फ स्क्रीन राइटर के तौर पर काम करते थे। उन्होंने साल 1983 में फिल्म 'जाने भी दो यारों' की कहानी लिखी थी। इस ब्लैक कॉमेडी फिल्म को कुंदन शाह ने डायरेक्ट किया था। मूवी में नसीरुद्दीन शाह, रवि बासवानी, ओम पुरी और पंकज कपूर जैसे सितारे मुख्य भूमिका में नजर आए थे।

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इसके बाद उन्होंने 'मोहन जोशी हाजिर हो और खामोश जैसी फिल्मों की भी कहानी लिखी। साल 1987 में सुधीर मिश्रा ने अपनी पहली फिल्म 'ये वो मंजिल तो नहीं' डायरेक्ट की थी, जिसमें पंकज कपूर, सुष्मिता मुखर्जी और नसीरुद्दीन शाह जैसे सितारों ने काम किया। मूवी को क्रिटिकली तो काफी सराहना मिली, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फिल्म कमाल नहीं दिखा पाई।
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फिल्म फेस्टिवल में कौन-कौन से सितारे होंगे शामिल
आज रिद्धि डोगरा, भुवन बाम, भूमि पेंडणेकर जैसे सितारों से होगी खास बातचीत। l गोदान, मंजुम्मेल ब्वायज, व्हाइट एंड ड्रेस, मल्हार, ए लैब स्टोरी इन फिल्मों पर होगी नजर।
ऐसे बुक करें टिकट: फिल्म फेस्टिवल में प्रवेश के लिए बुक माई शो से दैनिक या पूरे कार्यक्रम का पास बनवा सकते हैं। आयोजन स्थल पर भी इसे बनवाने की सुविधा है। l ऐसे पहुंचे आडिटोरियम: सिरी फोर्ट आडिटोरियम ग्रीन पार्क और हौज खास मेट्रो स्टेशन के पास है। ग्रीन पार्क मेट्रो स्टेशन से पैदल पहुंच सकते हैं। हौजखास मेट्रो स्टेशन से आटो लेकर आसानी से यहां पहुंच सकते हैं। यहां डीटीसी बस से भी पहुंचा जा सकता है।
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