विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

43 साल पुराना Lata Mangeshkar का दर्दभरा गीत सुन आ जाएगी पिया की याद, बेहद भावुक है स्वर कोकिला का Cult गाना

Updated: Tue, 01 Sep 2026 04:20 PM (IST)

43 साल पुराना ये गाना लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) के सबसे दर्दभरे गीतों में से एक है।

लता मंगेशकर के सबसे दर्दभरे गानों में से एक है ये सॉन्ग

लता मंगेशकर के सबसे दर्दभरे गानों में से एक है ये सॉन्ग

HighLights

  1. लता मंगेशकर के सबसे दर्दभरे गानों में से एक है ये सॉन्ग

  2. 43 सालों से कल्ट बना बना हुआ है ये गीत 

  3. बेहद भावुक है ये दर्दभरा गीत  

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 70-80 दशक के म्यूजिक को पसंद करने वाले म्यूजिक लवर्स की प्लेलिस्ट में लता मंगेशकर के गाने जरूर होते हैं खासकर उनके दर्दभरे गीत। स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने भारतीय सिनेमा को कई यादगार नगमे दिए हैं लेकिन उनके कुछ गीत ऐसे हैं जो दशकों बाद भी लोगों की जुबान पर चढ़े रहते हैं।

ऐसे ही गानों में लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का एक गाना है जो दशकों से म्यूजिक लवर्स की प्लेलिस्ट का हिस्सा बना हुआ है, इतना ही नहीं यह गाना लव सॉन्ग होने के साथ-साथ बिछड़ने के दर्द को भी बयां करता है।

प्रेमी से अलग होने की तड़प को करता है बयां

यह गाना दिल टूटने, त्याग और प्रेमी के दूर (परदेस) चले जाने पर होने वाली तड़प और उदासी को दिखाता है। यह गाना लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के मधुर संगीत, आनंद बख्शी के दिल को छू लेने वाले बोल और लता मंगेशकर की कोमल आवाज के शानदार मेल को एक साथ लाता है।

lata (8)

यह गाना 1983 में रिलीज हुई फिल्म अर्पण का है जिसके बोल हैं- परदेस जाके परदेसिया भूल ना जाना पिया (Pardes Jake Pardesiya)। इस गाने को रीना रॉय और जीतेंद्र पर फिल्माया गया है।

अर्पण (1983) जे. ओम प्रकाश द्वारा निर्देशित एक इमोशनल हिंदी रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जो प्यार, खामोश त्याग और गलतफहमियों की दिल को छू लेने वाली कहानी बताती है।

lata (10)

क्या है अर्पण की कहानी?

अनिल वर्मा (जीतेंद्र) और शोभा (रीना रॉय) एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और साथ जिंदगी बिताने का प्लान बनाते हैं। अनिल का परिवार एक गंभीर आर्थिक और निजी संकट में फंस जाता है। JK (राज बब्बर) नाम का एक प्रभावशाली और अमीर आदमी अनिल के परिवार को बचाने की पेशकश करता है, लेकिन एक शर्त पर शोभा को उससे शादी करनी होगी।

अनिल और उसके परिवार को बचाने के लिए, शोभा अपने प्यार का त्याग करने और JK से शादी करने का मुश्किल फैसला कर लेती है। लेकिन अनिल को शोभा के अचानक धोखा देने की असली वजह पता नहीं होती।

 

तो क्या अनिल को शोभा की अच्छाई का पता चल पाता है? क्या वे दोनों गलतफहमी की वजह से हमेशा के लिए जुदा हो जाते हैं या फिर कहानी में कुछ अलग ही मोड़ आता है।

अर्पण के बारे में

'अर्पण' 1983 में रिलीज हुई रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जिसे जे. ओम प्रकाश ने प्रोड्यूस और डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में जितेंद्र, राज बब्बर, रीना रॉय और परवीन बाबी ने काम किया है और इसका संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने दिया है।

यह भी पढ़ें- Jaya Prada का सुपरहिट गाना नहीं था फिल्म का हिस्सा, थिएटर्स में लोग फेंकते थे सिक्के; लता-रफी की आवाज में बना कल्ट