यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lata Mangeshkar Death Anniversary: कभी रिलीज नहीं हुआ लता मंगेशकर का पहला गाना, जानें क्या थी इसके पीछे की वजह
Lata Mangeshkar Death Anniversary लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का दो साल पहले 6 फरवरी साल 2022 को निधन हो गया था। लता जी को गुजरे हुए भले ही 2 साल ह ...और पढ़ें

HighLights
- लता मंगेशकर के निधन को हुए दो साल
- 6 फरवरी साल 2022 में कहा था दुनिया को अलविदा
- 70 साल से अधिक के करियर में गाए हजारों गाने
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। Lata Mangeshkar Death Anniversary: स्वर कोकिला के नाम से पूरे देशभर में मशहूर लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का दो साल पहले 6 फरवरी साल 2022 को निधन हो गया था। लता जी को गुजरे हुए भले ही 2 साल हो गया, लेकिन आज भी उनके चाहने वाले उन्हें भुला नहीं पाए। आज भी वह उन्हें बेहद याद करते हैं।
वह अपने पीछे 70 साल से अधिक के करियर में गाए गए अपनी मधुर आवाज में गाए गीतों का खजाना छोड़ गई हैं। इस दौरान हम आपको स्वर कोकिला के लाइफ के कुछ उन सुने किस्से बता रहे हैं।
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लता मंगेशकर का पहला गाना फिल्म से हटा दिया गया था
लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर में मशहूर संगीतकार दीनानाथ मंगेशकर के घर हुआ था। वह एक मध्यमवर्गीय मराठी परिवार से ताल्लुक रखती थी। उन्हें संगीत और सुर का ज्ञान अपने पिता से विरासत में मिला था।

बहुत कम लोग जानते हैं कि लता जी ने अपने करियर का पहला गाना "नाचू या गाडे, खेलु सारी मनि हौस भारी" 1942 में किती हसाल नामक एक मराठी फिल्म के लिए रिकॉर्ड किया था, लेकिन दुर्भाग्य से ये गाना फिल्म के अंतिम कट से हटा दिया गया था, इसलिए वो गाना कभी रिलीज नहीं हो सका।
जब गाना रिकॉर्ड करते समय बेहोश हो गई थीं लता
यूं तो लता जी ने कई बड़े-बड़े संगीतकार के साथ गाने गाए हैं, लेकिन एक बार कुछ ऐसा हुआ था कि वह बेहोश हो गई थी। दरअसल, दीदी एक बार संगीतकार नौशाद के साथ एक गाना रिकॉर्ड करते समय बेहोश हो गई थीं। उन्होंने बताया था कि “हम गर्मी की एक लंबी दोपहर में एक गाना रिकॉर्ड कर रहे थे। आप जानते हैं कि गर्मियों में मुंबई की हालत कैसी होती है। उन दिनों रिकॉर्डिंग स्टूडियो में एयर कंडीशनिंग नहीं होते थे और यहां तक कि अंतिम रिकॉर्डिंग के दौरान सीलिंग फैन भी बंद कर दिया गया था। बस, फिर क्या मैं बेहोश हो गई थी।”
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लता दीदी ने कभी अपने गाने नहीं सुने
लता मंगेशकर ने एक बार बॉलीवुड हंगामा को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि वह अपने गाने नहीं सुनती क्योंकि अगर वह ऐसा करती तो उनकी गायकी में सैकड़ों खामियां नजर आतीं।
लता मंगेशकर का पहला हिट गाना
साल 1948 में लता को फिल्म ‘मजबूर’ (Majboor) में मास्टर गुलाम हैदर में एक गाना गवाया, गाने के बोल थे ‘दिल मेरा तोड़ा’। इसके बाद लता की किस्मत बदल गई। इस फिल्म के साथ-साथ इस फिल्म गीत और संगीत दोनों हिट हो गया। हालांकि एक वक्त वो भी था, जब लोगों को उनकी आवाज पसंद नहीं आई थी। पतली आवाज की वजह से फिल्मों से बाहर किया गया था, लेकिन कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने देशभर में राज भी किया।
30 हजार से भी ज्यादा गाने गाए थे
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आपको जानकर हैरानी होगी की लता मंगेशकर ने 30 हजार से भी ज्यादा गाने गाए हैं। वह भारत के तीनों सर्वोच्च नागरिक सम्मान (भारत रत्न, पद्म भूषण और पद्म विभूषण) सहित तीन राष्ट्रीय और चार फिल्मफेयर पुरस्कारों से नवाजी जा चुकी थी।