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    77 साल पुरानी फिल्म से Madhubala और Lata Mangeshkar को एक साथ मिली थी स्टारडम, हॉरर थ्रिलर का खौफ आज भी है बरकरार

    Updated: Sat, 30 May 2026 11:07 AM (IST)

    Madhubala की 77 साल पहले आई ये फिल्म आज भी बेहतरीन हॉरर फिल्मों में शुमार है। ...और पढ़ें

    77 साल पहले आई थी ये हॉरर फिल्म

    77 साल पहले आई थी ये हॉरर फिल्म

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    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हॉरर फिल्में एक सदी से भी ज्यादा समय से दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करती आ रही हैं; जैसे-जैसे सामाजिक डर और तकनीकी प्रगति में बदलाव आया है, वैसे-वैसे इनके बनने की शैली, कहानी कहने के तरीके और तकनीकों में भी विकास हुआ है।

    समय के साथ, बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री ने भी कई हॉरर फिल्में दीं, जिनमें 'वो कौन थी?', 'सौ साल बाद', 'जानी दुश्मन', 'टावर हाउस' और अन्य शामिल हैं।

    बेस्ट हॉरर फिल्मों में शामिल

    तकनीकी प्रगति के बावजूद, आजादी के शुरुआती दिनों में रिलीज हुई बॉलीवुड की एक फिल्म अब भी अब तक की बेस्ट हॉरर फिल्मों की सूची पर राज करती है। इस फिल्म में अशोक कुमार और मधुबाला जैसे दिग्गज कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं, और यह अब तक की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक साबित हुई। इतना ही नहीं फिल्म से मधुबाला और लता मंगेशकर को भी बड़ा ब्रेक मिला और स्टारडम हासिल हुई।

     

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    सच्ची घटनाओं से प्रेरित थी फिल्म

    कहा जाता है कि यह फिल्म सच्ची घटनाओं से प्रेरित थी, जिसने भारतीय सिनेमा में मनोवैज्ञानिक और अलौकिक हॉरर की थीम को पेश किया। हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं वह 1949 की हॉरर ड्रामा (Horror Drama) फिल्म 'महल' (Mahal) है, जो पुनर्जन्म के विषय को पेश करने वाली पहली बॉलीवुड फिल्म भी थी।

    लता मंगेशकर ने दिया था हिट गाना

    यह फिल्म कमाल अमरोही के निर्देशन की पहली फिल्म थी। इसने मधुबाला और लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) को वह पहचान भी दिलाई, जिसकी उन्हें बेहद जरूरत थी। 'आएगा आनेवाला' गाना बहुत हिट हुआ।

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    क्या है फिल्म की कहानी?

    'महल' हरि शंकर की कहानी है, एक ऐसा व्यक्ति जो एक वीरान हवेली में रहने चला जाता है और वहां उसकी मुलाकात एक रहस्यमयी महिला से होती है। जैसे-जैसे हरि शंकर उस प्रेतनी के प्रेम में पड़ता है, उसे उस हवेली के दुखद इतिहास का सामना करने के लिए विवश होना पड़ता है।

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    फिल्म के बारे में

    महल (Mahal) 1949 की एक भारतीय हिंदी भाषा की मनोवैज्ञानिक और अलौकिक हॉरर फिल्म है। इसे बॉम्बे टॉकीज के बैनर तले सावक वाचा और अशोक कुमार ने प्रोड्यूस किया था, और कमल अमरोही ने अपने निर्देशन की शुरुआत के तौर पर इसे निर्देशित किया था।

    फिल्म की कहानी अमरोही द्वारा लिखे गए स्क्रीनप्ले पर आधारित है, जबकि इसका संगीत खेमचंद प्रकाश ने तैयार किया है। बॉलीवुड की पहली हॉरर फिल्म मानी जाने वाली यह फिल्म एक रईस व्यक्ति (अशोक कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक पुरानी हवेली में रहने चला जाता है। वहां उसे एक रहस्यमयी महिला (मधुबाला) के दर्शन होते हैं, जो दावा करती है कि वह पिछले जन्म में उसकी प्रेमिका थी।

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    'महल' अक्टूबर 1949 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। समीक्षकों से मिली-जुली से लेकर नकारात्मक समीक्षाओं के बावजूद, यह उस दशक की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक बनकर उभरी, और साथ ही 'बॉम्बे टॉकीज' के इतिहास की सबसे बड़ी आर्थिक सफलता भी साबित हुई। इस फिल्म ने मधुबाला और गायिका लता मंगेशकर को सुपर-स्टारडम तक पहुंचा दिया।

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