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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Adipurush के डायलॉग को सही ठहराने पर फिर ट्रोल हुए मनोज मुंतशिर, लोग बोले- ये हिन्दुओं की आस्था का मजाक है

By Ruchi VajpayeeEdited By: Ruchi Vajpayee
Published: Sat, 17 Jun 2023 12:43 PM (IST)

Manoj Muntashir On Adipurush Dialogue आदिपुरुष के डायलॉग्स को लेकर सोशल मीडिया पर लोग अपना गुस्सा निकाल रहे हैं। हाल ...और पढ़ें

Manoj Muntashir trolled again for justifying Adipurush dialogue
Manoj Muntashir trolled again for justifying Adipurush dialogue

नई दिल्ली, जेएनएन। सुपरस्टार प्रभास, कृति सेनन और सैफ अली खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'आदिपुरुष' ने शुक्रवार, 16 जून को सिनेमाघरों में कदम रखा। फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स का मिलाजुला रिएक्शन मिल रहा है। वहीं सोशल मीडिया पर आदिपुरुष के डायलॉग पर काफी मीम्स वायरल हो रहे हैं। लोगों को फिल्म के हल्के संवादों पर एतराज है, वो पूछ रहे हैं कि आखिर इतने सस्ते डायलॉग लिखने की जरूरत क्या थी?

मनोज मुंतशिर ने दी सफाई

आदिपुरुष को विवादों में घिरता देख और फिल्म के राइटर मनोज मुंतशिर आगे आए और उन्होंने अपनी सफाई पेश की। हालांकि लोगों को उनकी ये सफाई भी पसंद नहीं आई और लेखक को इसके लिए भी ट्रोल किया जा रहा है। रिपब्लिक भारत को दिए इंटरव्यू में मनोज मुंतशिर मे साफ कहा कि ये जिन संवाद पर विवाद हो रहा है, वो उन्होंने जानबूझकर लिखे हैं। उनका कहना है कि ये इसलिए है कि आजकल के लोग इन डायलॉग्स से खुद को जोड़ सकें।

अदिपुरुष के डायलॉग्स को बताया सही

मनोज मुंतशिर ने इंटरव्यू में कहा कि  रामायण एक ऐसा ग्रंथ है जिसे हम बचपन से सुनते आ रहे हैं। मैं एक छोटे से गांव से आया हूं, हमारे यहां दादी-नानी जब कथा सुनाती थीं तो इसी तरह से सुनाती थीं।  ये जो डायलॉग (कपड़ा तेरे बाप का...) का जिक्र किया जा रहा है, इस देश के बड़े-बड़े संत, इस देश के बड़े-बड़े कथावाचक भी ऐसे ही भाषा में कथा सुनाते हैं, जैसे संवाद मैंने लिखे हैं। तो मैं कोई पहला नहीं हूं, जिसने इस तरह के डायलॉग लिखे हैं।

फिल्म ट्रोल हुए मनोज मुंतशिर

आदिपुरुष के लिए अपने डायलॉग को सही ठहराने के बाद अब मनोज मुंतशिर फिर से ट्रोल हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर इंटरव्यू क्लिप के वायरल होने के बाद लोगों का कहना है कि ये हिंदू भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। नाराज लोग कह रहे हैं कि नाफी मांगने के बजाए ये इन संवादों को सपोर्ट कर रहे हैं।