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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    शूटिंग के दौरान Meena Kumari ने पिया था अपमान का घूंट, 21 थप्पड़ खाकर भी एक्ट्रेस ने नहीं किया उफ्फ

    Updated: Sun, 31 Mar 2024 12:35 AM (IST)

    Meena Kumari हिंदी सिनेमा की बेहतरीन सदाबहार एक्ट्रेस में से एक रही हैं। उनकी अदाकारी से लेकर खूबसूरती तक के फैंस दीवाने थे। आज 31 मार्च को उनकी डेथ ए ...और पढ़ें

    मीना कुमारी की डेथ एनिवर्सरी (Photo Credit: X)
    मीना कुमारी की डेथ एनिवर्सरी (Photo Credit: X)

    स्मिता श्रीवास्तव, मुंबई। फिल्मी दुनिया में हंसते-मुस्कुराते चेहरों के पीछे भी कई कहानियां दबी होती हैं। इन किस्सों के बारे में या तो कलाकार बता सकते हैं या फिर उनके आसपास के लोग। ट्रेजडी क्वीन के नाम से विख्यात मीना कुमारी ने पर्दे पर अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। उनमें खुशी, गम, दर्द, पीड़ा, विरह जैसी कई भावनाओं को व्यक्त किया, लेकिन जिंदगी के कई दर्द खुद तक सीमित रखे।

    बलराज साहनी द्वारा लिखित किताब ‘मेरी फिल्मी आत्मकथा’ में अभिनेता और निर्माता अनवर हुसैन द्वारा सुनाए गए एक तल्ख किस्से का जिक्र है, जिसमें मीना कुमारी को अपमान का घूंट पीना पड़ा। इसके मुताबिक, एक विख्यात निर्माता-निर्देशक ने मीना कुमारी को अपनी फिल्म के लिए साइन किया था।

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    शूटिंग के पहले ही दिन दोपहर के खाने के समय निर्माता-निर्देशक ने मेज के नीचे से मीना कुमारी के पांव पर अपना पांव रख दिया (उसके साथ कोष्ठक में लिखा है कि ऐसी हरकतें करना निर्माता-निर्देशक अपना हक समझते थे)।

    उस समय मीना कुमारी कोई मामूली अभिनेत्री नहीं थीं। उन्होंने अपमान महसूस किया और निर्माता-निर्देशक को अलग ले जाकर शराफत से पेश आने को कहा। तब उस निर्माता-निर्देशक ने बदला लेने के लिए फिल्म में एक ऐसा दृश्य लिखवाया, जिसमें नायक अपनी नायिका को जोर का थप्पड़ मारता है। उस दृश्य के 21 रीटेक लिए गए। नायक भी कोई मामूली अभिनेता नहीं था।

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    वह प्रथम श्रेणी का कलाकार था, जिसके नाम की माला लाखों लड़कियां जपती थीं और जिसकी फोटो सामने रखकर आहें भरती थीं। नायक को अच्छी तरह से पता था कि थप्पड़ क्यों मरवाए जा रहे हैं। फिर भी उन्होंने मारने में संकोच नहीं किया। 21 थप्पड़, लेकिन मीना कुमारी ने उफ्फ तक नहीं की।

    निजी जीवन के ऐसे तमाम दर्द होंठों में भींचे वही मीना कुमारी आज ही के दिन (31 मार्च) इस दुनिया से सदा के लिए खामोश हो गई थीं।

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