यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जब पहली बार रफी, किशोर और मुकेश ने एक साथ छेड़े थे सुर, 47 साल पुराने गाने से पूरी हुई थी फैंस की मुराद
सुरों के सरताज रहे गायक मुकेश मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi) और किशोर कुमार के नगमों को आज भी फैंस सुनना पसंद करते हैं। ये तीनों सिगर्स अपने-अपने दौर के ...और पढ़ें

HighLights
- टॉप सिंगर्स थे मुकेश, रफी और किशोर
- तीनों ने फिल्म इंडस्ट्री में गाए शानदार गीत
- सिर्फ एक गाना तीनों ने साथ मिलकर गाया
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सिल्वर स्क्रीन्स पर एक फिल्म में दो या उससे अधिक अभिनेताओं की मौजूदगी का चलना काफी पुराना रहा है। उदाहरण के लिए आप शान, त्रिदेव, वक्त और त्रिशूल जैसी कई फिल्मों का नाम ले सकते हैं। इस ट्रेंड से सिंगिंग का फील्ड भी अछूता नहीं रहा है और एक साथ मिलकर कई दिग्गज गायकों ने सुरों से सुर मिलाए हैं।
इस कड़ी में लीजेंड्री सिंगर्स रहे मुकेश, मोहम्मद रफी और किशोर कुमार (Kishore Kumar) का नाम भी शामिल होता है। जब गायकी की इस त्रिमूर्ति ने पहली और आखिरी बार किसी गीत को अपनी-अपनी मधुर आवाजें दीं। आइए जानते हैं कि वो गाना कौन सा है।
किस गाने को दी थी आवाज
लंबे अरसे तक बतौर गायक मुकेश, मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi) और किशोर कुमार ने हिंदी सिनेमा पर अपनी छाप छोड़ी थी। बेशक ये तीनों अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन आज भी लोग शाम ढलते, कार ड्राइविंग और खाली समय में इनके सदाबहार गीत सुनना पसंद करते हैं।
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एक गीत ऐसा भी रहा, जिसमें इन तीनों ने एक साथ मिलकर सुर छेड़े थे। वो गाना था 47 साल पहले आई फिल्म अमर अकबर एंथनी से, जी हां, फिल्म का हमको तुमसे हो गया प्यार वो गीत रहा, जिसको मुकेश, रफी और किशोर ने एक साथ मिलकर अपनी जादुई आवाज दी थी।
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निर्देशक मनमोहन देसाई की इस फिल्म तरह ये वाला सॉन्ग भी काफी हिट रहा। अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना, ऋषि कपूर, नीतू सिंह, शबाना आजमी और परवीन बाबी जैसे कलाकारों पर ये बेहतरीन गीत फिल्माया गया था। लेकिन रफी, मुकेश और किशोर की जुगलबंदी के तौर पर इसे याद किया जाता है।
आखिरी और पहला था मौका
हिंदी सिनेमा के इतिहास मेंं ऐसा पहली बार हुआ था जब मोहम्मद रफी, किशोर कुमार और मुकेश ने एक संग कोई गीत गाया था। लेकिन दुर्भाग्य की बात ये भी रही ये पहला और आखिरी मौका था, जब इन तीन दिग्गजों ने अपने-अपने सुर मिलाए थे। हालांकि, निजी तौर पर इन्होंने ढेर सारे सॉन्ग गाए हैं, जो आज भी फैंस की प्लेलिस्ट में आसानी से मौजूद रहते हैं।
रोचक है तीनों सिंगर्स के किस्से
मुकेश (Mukesh Singer), मोहम्मद रफी और किशोर कुमार की जर्नी काफी रोचक और दिलचस्प रही थी। इसके साथ ही इनसे से जुडे़ कई सारे किस्से ऐसे हैं, जिनके बारे में चर्चा होनी तो बनती है। बताया जाता है कि मुकेश चंद माथुर इंडस्ट्री में सिंगर बनने नहीं, बल्कि बतौर अभिनेता नाम कमाना चाहते थे, लेकिन किस्मत को शायद कुछ और मंजूर था और वो गायक बन गए।
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मोहम्मद रफी के बारे में एक किस्सा शायद ही आपको मालूम हो कि फिल्म नील कमल का पॉपुलर गीत बाबुल की दुआं लेती जा को रफी साहब ने रोते-राते गाया था। क्योंकि उसी दरमियान उनकी बेटी की शादी भी होनी थी।
इसके अलावा किशोर कुमार को लेकर जितनी बातें की जाए कम हैं। दिग्गज संगीतकार आरडी बर्मन के साथ उनकी जोड़ी काफी हिट रही थी। किशोर से बर्मन की पहली मुलाकात तब हुई, जब किशोर दा एक दीवार पर बैठकर कुछ गायकों की नकल उतारकर लोगों को दिखा रहे थे।