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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Oscars Awards: क्या है ऑस्कर लाइब्रेरी और कैसे भेजी जाती हैं फिल्में? Joram समेत इन भारतीय मूवीज को मिली जगह

    By Ashish RajendraEdited By: Ashish Rajendra
    Updated: Sun, 14 Jan 2024 06:51 PM (IST)

    Oscars Library फिल्मी दुनिया के सबसे बड़े पुरस्कार ऑस्कर का इतिहास काफी पुराना है। इसके साथ ही ऑस्कर लाइब्रेरी का नाम भी उतना ही प्रचलित है। हाल ही मे ...और पढ़ें

    कैसे फिल्मों को मिलती है ऑस्कर लाइब्रेरी में जगह (Photo Credit-Jagran)
    कैसे फिल्मों को मिलती है ऑस्कर लाइब्रेरी में जगह (Photo Credit-Jagran)

    HighLights

    1. ऑस्कर लाइब्रेरी का इतिहास पुराना
    2. जानिए फिल्मों के कैसे मिलती है इसमें जगह
    3. जोरम हुई ऑस्कर लाइब्रेरी में शामिल

    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। Margaret Herrick Library: ऑस्कर अवॉर्ड्स दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में शामिल हैं। करियर के किसी ना किसी मुकाम पर हर फिल्ममेकर ऑस्कर पुरस्कार का सपना जरूर संजोता है। 2023 में तेलुगु फिल्म आरआरआर ने जब बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग कैटेगरी में ऑस्कर जीता तो इसका जश्न पूरे देश में मनाया गया।

    यह पुरस्कार एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स आर्ट्स एंड साइंसेज (Academy Of Motion Picture Arts And Sciences) देती है, जिसका इतिहास काफी पुराना है। हर साल पूरी दुनिया की फिल्में ऑस्कर अवॉर्ड्स के लिए भेजी जाती हैं, जिनमें से बहुत ही कम को सफलता मिलती है।

    भारतीय फिल्मों के लिए ऑस्कर की नॉमिनेशन प्रक्रिया से जुड़ना ही बहुत बड़ी कामयाबी मानी जाती रही है। इतना ही नहीं ऑस्कर लाइब्रेरी में फिल्मों के स्क्रीनप्ले का शामिल होना भी, इंडियन फिल्ममेकर्स विशेष उपलब्धि के तौर पर देखते आये हैं। हाल ही में एक्टर मनोज बाजपेयी की फिल्म 'जोरम' की स्क्रिप्ट लाइब्रेरी के कोर कलेक्शन का हिस्सा बनी है। 

    अब सवाल यह है कि क्या ऑस्कर लाइब्रेरी में किसी फिल्म की स्क्रिप्ट पहुंचना वाकई इतनी बड़ी बात है, जिसका जश्न मनाया जाए? इस सवाल का जवाब खोजने के साथ आपको ऑस्कर लाइब्रेरी से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें बताते हैं, जो फिल्मप्रेमियों के लिए जानना जरूरी हैं। 

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    ऑस्कर लाइब्रेरी का इतिहास पुराना

    ऑस्कर लाइब्रेरी का इतिहास लगभग उतना ही पुराना है, जितने ऑस्कर अवॉर्ड्स। 1928 में मार्गरेट हेरिक लाइब्रेरी यानी ऑस्कर पुस्तकालय की स्थापना की गई थी। इस लाइब्रेरी का नाम एक प्रसिद्ध लाइब्रेरियन और एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज की कार्य निदेशक मार्गरेट फ्लोरेंस हेरिक के सम्मान में साल 1971 में रखा गया था।

    Photo- Oscar website

    ऑस्कर लाइब्रेरी में सिनेमा जगत की तमाम किताबें, फोटो, स्क्रिप्ट, पोस्टर, कास्ट्यूम और प्रोडक्शन रिकॉर्ड्स संरक्षित हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया में बेवर्ली हिल्स में मौजूद इस पुस्तकालय के दरवाजे आम जनता, स्टूडेंट्स, फिल्मकारों, विद्वानों, सिनेप्रेमियों और फिल्मों में दिलचस्पी लेने वालों के लिए खुले रहते हैं।

    कैसे होता है स्क्रीनप्ले का सब्मिशन?

    ऑस्कर लाइब्रेरी में फिल्मों के स्क्रीनप्ले सब्मिट करने की प्रक्रिया ऑफलाइन और ऑनलाइन पूरी की जा सकती है। एक फिल्ममेकर को तौर पर अगर आप ऑफलाइन तरीका अपनाते हैं तो उसके लिए आपको इस पुस्तकायल में जाना पड़ेगा।

    Photo- Oscar website

    वहां से एक सब्मिशन फॉर्म लेकर मांगी गई जानकारी भर कर जमा करना होगा और अपनी फिल्म की स्क्रिप्ट जमा करनी होगी। फिल्म की स्क्रिप्ट ऑनलाइन जमा करने के लिए अकादमी पुरस्कार की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर सब्मिशन कर सकते हैं।

    FAQ:

    - कब हुई ऑस्कर लाइब्रेरी की स्थापना?

    1928

    - किस के नाम पर रखा गया इसका नाम?

    मार्गरेट फ्लोरेंस हेरिक

    - कहां स्थिति है ऑस्कर लाइब्रेरी?

    बेवर्ली हिल्स, कैलीफोर्निया, अमेरिका

    - कैसे करें सब्मिशन?

    ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम

    - कब बंद रहती है ऑस्कर लाइब्रेरी?

    रविवार,सोमवार और बुधवार

    'जोरम' से पहले किन बॉलीवुड फिल्मों को मिली जगह

    मौजूदा समय में मनोज बाजपेयी की फिल्म 'जोरम' का नाम ऑस्कर लाइब्रेरी में कोर कलेक्शन में शामिल होने की वजह से लगातार सुर्खियां बटोर रहा है। देवाशीष मखीजा निर्देशित जोरम भारत में रिलीज से पहले कई फिल्म समारोहों में सराही जा चुकी थी।

    फिल्म में आदिवासी के किरदार में मनोज बाजपेयी के अभिनय की जमकर तारीफ हुई। जोरम ऑस्कर लाइब्रेरी में सब्मिट उन कई बॉलीवुड फिल्मों से बेहतर है, जिनका वहां होना चौंकाता है।

    Photo- X

    आगे बढ़ने से पहले एक नजर ऐसी फिल्मों पर डालते हैं, जिनका स्क्रीनप्ले ऑस्कर लाइब्रेरी में जगह पा चुका है। इनमें से कुछ फिल्में ऐसी हैं, जिन्हें समीक्षकों ने भी पसंद किया था, वहीं कुछ फिल्में ऐसी हैं, जिनका नाम आपको हैरान कर सकता है। ये फिल्में हैं-

    • बेबी
    • आर राजकुमार
    • रॉक ऑन
    • एक्शन रिप्ले
    • युवराज
    • छेल्लो शो
    • सलाम नमस्ते
    • राजनीति
    • देवदास
    • ज्विगाटो
    • देवदास
    • गुजारिश
    • चक दे इंडिया
    • हैप्पी न्यू ईयर
    • द वैक्सीन वॉर

    ऑस्कर लाइब्रेरी में फिल्मों को जगह मिलने के क्या हैं मायने?

    एक आम सिनेप्रेमी के तौर पर सोचा जाए तो ऑस्कर लाइब्रेरी में किसी फिल्म की स्क्रिप्ट को जगह मिलना कथित तौर बहुत बड़ी बात मानी जाती है, लेकिन यह एक सामान्य प्रक्रिया है। कोई भी फिल्ममेकर अपनी मूवी का स्क्रीनप्ले ऑस्कर लाइब्रेरी में संग्रह के लिए भेज सकता है। लॉस एंजेलिस में रिलीज होने वाली सभी फिल्मों के स्क्रीनप्ले लाइब्रेरी अपने यहां आमंत्रित करती है। इसके लिए कोई विशेष मापदंड या चयन प्रक्रिया नहीं है। 

    Photo Credit- Oscar website

    किसी फिल्म के स्क्रीनप्ले का ऑस्कर लाइब्रेरी में शामिल होना कोई बड़ी बात नहीं होती है। ऊपर दी गई फिल्मों की लिस्ट और जानकारी से इस बात का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। खास बात ये है कि इस पुस्तकालय में जगह बनाना के लिए किसी फिल्म का हिट या पॉपुलर होना अनिवार्य नहीं होता है।

    लाइब्रेरी का उद्देश्य सिनेमा में रुचि रखने वालों को फिल्म कला की जानकारियों के बारे में विस्तार से बताना है। साथ ही इस ऑस्कर लाइब्रेरी में स्क्रीनप्ले बेहद सुरक्षित तरीके से लंबे समय तक रखे रहते हैं।

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