यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
70s की हीरोइन ने 22 साल बाद किया कमबैक, 'रेड 2' और 'केसरी 2' को इस मामले में दी कड़ी टक्कर
पिछले कुछ समय में अजय देवगन की Raid 2 और अक्षय कुमार की Kesari Chapter 2 ने बॉक्स ऑफिस पर दमदार कमाई की है। इस बीच IMDb ने 70 के दशक की सुपरहिट अदाकार ...और पढ़ें

HighLights
- सिनेमाघरों में छाई ये 70 के दशक की एक्ट्रेस
- रेड 2 और केसरी 2 को दी जबरदस्त टक्कर
- आइएमडीबी से फिल्म को मिली 9 की रेटिंग
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सिनेमाघरों में इस वक्त रेड 2 शानदार कमाई कर रही है। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने महज 13 दिनों में ही 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर डाली है। मगर इनके अलावा एक और अभिनेत्री की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खूब बवाल काट रही है। ये एक बंगाली फिल्म है जिसमें बॉलीवुड की 70 के दशक की अदाकारा ने काम किया है।
बिना सुपरस्टार के छाई फिल्म
9 मई 2025 को रिलीज हुई बंगाली फिल्म ‘अमर बॉस’ ने सिनेमाघरों में आते ही दर्शकों का दिल जीत लिया है। इस इमोशनल ड्रामा फिल्म ने नॉन-हॉलिडे वीकेंड डे पर केवल 3 दिनों में1.10 करोड़ की कमाई कर ली है। इस लिहाज से ये 2025 की सबसे बड़ी बंगाली ओपनर बन गई है।
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बंगाली फिल्म के लिहाज से बेहद खास बात है क्योंकि ये बताता है कि रीजनल सीनेमा केवल एक वर्ग तक सीमित नहीं है। फिर भी, फिल्म ने ‘रेड 2’, ‘केसरी चैप्टर 2’ और किंग खान की जवान को पछाड़ते हुए इसने IMDb से 9.3 की शानदार रेटिंग हासिल कर ली है। इस फिल्म की कहानी एक 77 साल की बुजुर्ग महिला के इमोशंस को दिखाती है।
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राखी गुलजार की दमदार वापसी
‘अमर बॉस’ में बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री राखी गुलजार की लेटेस्ट रिलीज है जिन्होंने कई साल बाद पर्जे पर वापसी की है। उनके शानदार अभिनय ने ऑडियंस को इमोशनल कर दिया है। उनके साथ शिबोप्रसाद मुखर्जी का संवेदनशील अभिनय भी फिल्म का लाइमलाइट पार्ट बन गया है। नंदिता रॉय और शिबोप्रसाद मुखर्जी की निर्देशक जोड़ी ने इस कहानी को इतनी खूबसूरती से पेश किया कि सिनेमाघरों में इसे दर्शकों का जमकर प्यार मिल रहा है।
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क्यों खास है ‘अमर बॉस’?
फिल्म की एक खास बात और है कि इसने भारत-पाक के तनावपूर्व माहौल के बीच भी मेकर्स ने इसे ओटीटी पर नहीं सिनेमाघरों में रिलीज करने का फैसला किया। अपनी सफलता से फिल्म ने साबित किया कि दमदार कहानी और शानदार अभिनय से जनता को थिएटर्स में खींचा जा सकता है। यह फिल्म बंगाली सिनेमा के लिए मील का पत्थर साबित हुई है। अब देखना है आने वाले दिनों में ये क्या नया कमाल कर के दिखाती है।