Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Randeep Hooda: 'स्वतंत्र वीर सावरकर' से राइटर-डायरेक्टर के तौर पर शुरुआत कर रहे हैं रणदीप हुड्डा

    By Ruchi VajpayeeEdited By: Ruchi Vajpayee
    Updated: Sun, 16 Apr 2023 10:09 AM (IST)

    Randeep Hooda जल्द ही राइटर-डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर फिल्म स्वतंत्र वीर सावरकर में नजर आने वाले रणदीप हुड्डा ने बताया कि वो युवा पीढ़ी से कन ...और पढ़ें

    Randeep Hooda is making his debut as a writer and director with Swatantra Veer Savarkar
    Randeep Hooda is making his debut as a writer and director with Swatantra Veer Savarkar

    नई दिल्ली, जेएनएन। रणदीप हुड्डा एक बेहतरीन एक्टर हैं। अपने काम के लिए उनके जुनून की तारीफ हर कोई करता है। अपने छोटे-छोटे रोल में वो 100 पर्सेंट देने की कोशिश करते हैं। सरबजीत, हाईवे, मैं और चार्ल्स में उनके अभिनय की सराहना हर किसी ने की। पिछले कुछ दिनों से वो घुटने की चोट से जूझ रहे थे, जिसके चलते उनके काफी प्रोजेक्ट्स डिले हुए। आने वाली हर चुनौती का सामना करते हुए, रणदीप ने एक बार फिर वापसी की है। फिल्म 'स्वतंत्र वीर सावरकर' के साथ वो स्क्रीन पर कमबैक कर रहे हैं।

    रणदीप हुड्डा ने किया कमबैक

    फिल्म में विनायक दामोदर सावरकर का लीड रोल प्ले करने के लिए रणदीप ने अपना काफी वजन कम किया है। फिलहाल वो शूट के लिए  अंडमान और निकोबार जा रहे हैं। इस फिल्म के लिए रणदीप इसलिए भी ज्यादा सीरियस है क्योंकि इस फिल्म में वो सिर्फ एक्टिंग नहीं कर रहे बल्कि निर्देशक और निर्माता के तौर पर शुरुआत करने वाले हैं।

    राइटर-डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर कर रहे शुरुआत

    ई-टाइम्स को दिए इंटरव्यू में एक्टर ने कहा, “मैं अकेले में बेहतर काम करता हूं, लेकिन आप इसे केवल एक अभिनेता या लेखक के रूप में कर सकते हैं, निर्देशक के रूप में नहीं। यह ऐसा है जैसे मैं पहले एक टेनिस खिलाड़ी था और फिर उन्होंने मुझे एक फुटबॉल टीम में डाल दिया और मुझे कप्तान बना दिया। एक निर्देशक, लेखक और निर्माता की भूमिकाओं की अदला-बदली लोगों के मैनेजमेंट में एक बड़ा सबक है क्योंकि अभिनय बहुत ही व्यक्तिवादी है।

    युवाओं से जुड़ने के लिए बना रहे हैं फिल्म

    फिल्म पर डिटेल में बात करते हुए रणदीप ने कहा, “सावरकर एक निर्देशक, लेखक और निर्माता के रूप में मेरी पहली फिल्म है। मैं इसके बारे में निडर हो रहा हूं। सावरकर पर शोध शुरू करने से पहले मैं उनके बारे में बहुत सी बातें नहीं जानता था। ज्यादातर किताबों ने सशस्त्र क्रांति को केवल दो पैराग्राफ समर्पित किए हैं, जो हमारे स्वतंत्रता संग्राम का भी एक हिस्सा था। डिटेल रिसर्च के जरिए हम फिल्म में दिखाएंगे कि उनका वास्तविक योगदान क्या था। मैं यह फिल्म भी आज के युवाओं से जुड़ने के लिए बना रहा हूं।"

    खबरें और भी

    वजन कम करने के लिए कर रहे मेहनत

    चोट के बाद वापसी करने में रणदीप को कुछ महीने लगे, लेकिन वह स्लो होने के मूड में नहीं हैं। पीछे मुड़कर देखते हुए, वे कहते हैं, “सावरकर की तैयारी के दौरान लगभग आठ महीनों तक मेरा वजन 22 किलोग्राम कम था, मेरा वजन 68 किलोग्राम था। चोट के बाद, मैं अब 71 किलोग्राम का हूं और मुझे फिर से वजन कम करने की जरूरत है, क्योंकि हम शूटिंग फिर से शुरू कर रहे हैं।"