25 साल की शादी और सेट पर निर्देशन का डर,रेणुका शहाणे ने खोले Ashutosh Rana संग रिश्ते के राज
अभिनेत्री रेणुका शहाणे ने अपने अभिनय और निर्देशन के सफर पर बात की, जिसमें पति आशुतोष राणा को निर्देशित करने ...और पढ़ें

दीपेश पांडेय, मुंबई। अपने साढ़े तीन दशकों के अभिनय सफर में अभिनेत्री रेणुका शहाणे (Renuka Shahane) ने हिंदी और मराठी सिनेमा में साथ-साथ काम किया। अब वह अभिनय के साथ-साथ निर्देशन में भी सक्रिय हैं। साल 2001 में उन्होंने अभिनेता आशुतोष राणा (Ashutosh Rana) से शादी की और उसके करीब 25 साल बाद उन्होंने हाल ही में उन्हें शार्ट फिल्म तर्पण में निर्देशित भी किया।
जी5 (Zee5) पर हालिया प्रदर्शित मराठी वेब सीरीज अगं आई, अहो आई (Aga Aai Aaho Aai) में वह अपनी बेटी के प्रति असुरक्षा की भावना से घिरी मां की भूमिका में नजर आई। रेणुका से उनके अभिनय सफर और योजनाओं पर बातचीत :
1.आप भी दो बच्चों की मां हैं, किन मामलों में बच्चों के प्रति असुरक्षा की भावना होती हैं?
मैं इस बारे में कई बार सोचती हूं। अब मेरे बच्चे बड़े हो चुके हैं, पहले वो पूरी तरह से मुझ पर निर्भर रहते थे। अब उनके जीवन में कई दोस्त आ गए हैं, उनकी नई-नई दुनिया खुल गई है। ऐसे में एक मां के तौर पर मुझे सीखना पड़ता है कि उनको कितनी स्वतंत्रता देनी है और कितनी नहीं?
-1786799638173.webp)
कहां पर थोड़ा सख्त होना जरूरी है और कहां पर उनको खुली छूट देनी चाहिए? एक दिन उनकी जिंदगी में हमारी बहुएं भी आएंगी, मुझे नहीं पता कि उस समय मेरी कैसी प्रतिक्रिया होगी? इसलिए मैं थोड़ा पीछे रहकर अभी से उन्हें थोड़ा स्पेस देना सीख रही हूं।
2. बच्चों के लिए अनुशासन के मामले में कौन ज्यादा सख्त रहता है, आप या उनके पिता आशुतोष राणा?
मेरे बच्चे अगर किसी से डरते हैं, वो राणा जी से ही डरते हैं। एक तो वो 24 घंटे घर पर नहीं होते हैं। उनका काम इतना ज्यादा है कि कहीं न कहीं बाहर ही रहते हैं। ऐसे में बच्चों को जो भी कहना होता है, मुझसे कहते हैं। अगर गुस्सा भी करना होता है, तो वो मुझ पर ही करते हैं।
अभी राणा जी और उनके बीच के रिश्तों में थोड़ी औपचारिकता है। राणा जी ने अपने पिता के साथ वही देखा है, उनके बाबूजी के साथ उनके संबंध थोड़ा सख्त और अनुशासनशीलता वाले रहे हैं। हालांकि, अनुशासन के मामले में तो मराठी माएं भी बहुत सख्त होती हैं।
3. क्षेत्रीय सिनेमा में लोगों की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए क्या हिंदी सिनेमा में भी कुछ बदलाव की आवश्यकता देखती हैं?
जब क्षेत्रीय सिनेमा अपने आप को किसी क्षेत्रीय रंग में ढालता हैं, तो लोग उन्हें खूब पसंद करते हैं। जैसे मैंने दुपहिया वेब सीरीज की है। वो एक गांव की कहानी, जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया। ऐसे ही जब आप अपने गांव, देश और संस्कृति से जुड़ी कहानियां बनाते हैं, तो उसमें कुछ नयापन मिलेगा।
वहीं पैन इंडिया कंटेंट बनाने में कुछ निश्चित चीजें नहीं कर पाते हैं। लार्जर दैन लाइफ भव्यता और पैन इंडिया दर्शकों को देखते हुए किसी एक संस्कृति से नहीं जोड़ पाते हैं। हम हिंदी में भी जितनी ज्यादा क्षेत्रीय कहानियां लाएंगे, वो लोगों को उतनी ही पसंद आएगी।
-1786799749001.webp)
4.आशुतोष राणा को निर्देशित करते हुए घर में साथ रहने के अलग, सेट पर साथ काम करने के क्या अनुभव रहा?
(हंसते हुए) पहले तो हम दोनों को साथ में काम करने में थोड़ा डर लग रहा था कि 25 साल का इतना खूबसूरत रिश्ता कहीं सेट पर आकर बिगड़ न जाए। वो मोमबत्ती जैसे कलाकार हैं, आप जिस सांचे में चाहो उनको ढाल सकते हैं। बतौर निर्देशक तो वह हर किसी के पसंदीदा कलाकार हैं। अब मैं सोच रही हूं कि कब उनके साथ दोबारा बतौर निर्देशक काम करने का मौका मिलेगा।
5. क्या उनसे आगे भी फिल्म या वेब सीरीज जैसे बड़े प्रोजेक्ट में साथ काम करने के लिए बात हुई?
हां, मैं स्क्रिप्ट पर काम कर रही हूं। उम्मीद है कि मैं बहुत जल्द ही कैमरे के पीछे उनको दोबारा निर्देशित करूंगी।
-1786799764645.webp)
6. उन्होंने एक पत्र में कविता लिखकर आपको शादी का प्रस्ताव दिया था। क्या अब भी आप दोनों के बीच कविताओं का सिलसिला चलता है?
(खुश होकर) अब भी हमारी प्रेम कहानी फोन पर ज्यादा चलती है, क्योंकि वो घर के बाहर बहुत ज्यादा होते हैं। हमारी जो प्रेम कहानी फोन से शुरू हुई थी, वो आज तक फोन पर चलती है। वो मुझे फोन पर कविताएं, प्रेम के शब्द सुनाते हैं। मेरे ख्याल से हम दोनों में मैं थोड़ी कम रोमांटिक हूं, वो बहुत रोमांटिक हैं। कविताओं का वो सिलसिला आज भी जारी है, उससे हमारी रिश्तों की ताजगी आज भी बरकरार है।
7. दुपहिया के दूसरे सीजन में किन नई चीजों के साथ तैयार हैं?
पहला सीजन की सफलता के बाद दूसरे सीजन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। इस शो के लेखक चिराग गर्ग और अविनाश द्विवेदी बहुत प्रतिभाशाली हैं। वह जो लिखते हैं, उसमें अगर अच्छे कलाकारों को ले लें, फिर तो सोने पर सुहागा होगा। मुझे लगता है कि दूसरा सीजन देखने में मजा आएगा।
