यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Birthday anniversary: फिल्मों के अलावा अपने हेयरकट की वजह से मशहूर हुईं थी साधना, इस तरह छाया 'साधना कट'
हिंदी सिनेमा में 60 के दशक में अपने अभिनय से लाखों दर्शकों के दिलों को जीतने वाली मशहूर अभिनेत्री साधना का जन्म 2 सितंबर 1941 को पाकिस्तान के कराची मे ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जेएनएन। हिंदी सिनेमा में 60 के दशक में अपने अभिनय से लाखों दर्शकों के दिलों को जीतने वाली मशहूर अभिनेत्री साधना का जन्म 2 सितंबर 1941 को पाकिस्तान के कराची में हुआ था। अपने अभिनय के अलावा साधना खूबसूरती की वजह से भी फिल्म इंडस्ट्री में मशहूर थीं। उन्होंने बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया और हिट फिल्में भी दीं।
साधना अपने माता पिता की इकलौती संतान थीं। आजादी के बाद जब देश का बंटवारा हुआ तो उनका परिवार कराची छोड़कर मुंबई आ बसा। साधना का नाम उनके पिता ने अपनी पसंदीदा अभिनेत्री साधना बोस के नाम पर रखा था। साधना ने अपनी शुरुआती पढ़ाई घर से ही की थी। वह भी बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों में से एक हैं जिन्होंने बाल कलाकार के तौर अपनी करियर की शुरुआत की थी।
साधना जब बड़े पर्दे पर पहली बार नजर आई थीं तो उनकी उम्र महज 14 साल की थी। उनकी पहली फिल्म श्री 420 थी। राज कपूर की इस फिल्म के गाने 'मुड़ मुड़ के न देख' के कोरस में साधना की झलक दिखती है। 16 साल की उम्र में साधना देश की पहली सिन्धी फिल्म 'अबाना' की अभिनेत्री बनीं और यहीं से उनका फिल्मी सफर शुरू हुआ। इसके बाद साधना ‘मेरा साया', ‘वो कौन थी' और ‘वक्त' जैसी हिंदी सिनेमा की कई हिट फिल्मों में नजर आईं।
उन्होंने तकरीबन 35 फीचर फिल्मों में काम किया था। फिल्मों के अलावा साधना अपने हेयरकट और लुक की वजह से भी हमेशा सुर्खियों में रही थीं। उनके हेयरकट इतने मशहूर हुए थे कि उनके नाम से हेयरकट के नाम रखे जाने लगे थे। साल 1960 में रिलीज हुई फिल्म 'लव इन शिमला' के लिए साधना के बालों को को नया लुक दिया गया जो बाद में और आज भी 'साधना कट' के नाम से मशहूर हुआ। कहते हैं कि साधना का माथा बहुत चौड़ा था, जिसे छुपाने के लिए उनके बालों को आगे लाकर खास लुक दिया गया था, उनका वही अंदाज उनकी पहचान से जुड़ गया। वाकई- चौड़े माथे की उनकी कमजोरी ही 'साधना कट' के रूप में उनकी ताकत बन गई।
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साधन की निजी जिंदगी के बात करें तो डायरेक्टर आरके नय्यर से प्यार हो जाने के बाद मार्च 1966 में शादी कर ली और साधना अपने पति को प्यार से रूमी कहकर पुकारती थीं। साधना ने सबसे ज्यादा आरके नय्यर की फिल्मों में काम किया था। नैय्यर साधना से उम्र में काफी बड़े थे। इसलिए भी साधना के माता-पिता इस शादी के लिए पूरी तरह राजी नहीं थे। साधना की कोई संतान नहीं हुई। अस्थमा के कारण वर्ष 1995 में आर के नय्यर की मौत के बाद वह अकेली रह गईं। वहीं साल 2015 में 25 दिसंबर को बीमारी के बाद साधना ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।