एक आदत जिसने ले ली Sanjeev Kumar की जान, महज 47 की उम्र में हो गई थी शोले के 'ठाकुर' की मौत!
शोले में 'ठाकुर' का जबरदस्त किरदार निभाने वाले संजीव कुमार का निधन महज 47 साल की कम उम्र में हो गया था। हाल ही में उनके करीबी दोस्त और को-स्टार रहे पर ...और पढ़ें

संजीव कुमार की इन आदतों से गई थी जान?/फोटो- Instagram
HighLights
इस कारण गई थी संजीव कुमार की जान
इस अभिनेता ने बताई उनकी सबसे बुरी आदत
47 साल की कम उम्र में संजीव कुमार का हुआ था निधन
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। साल 1960 में रिलीज फिल्म हम हिंदुस्तानी से हिंदी सिनेमा में कदम रखने वाले अभिनेता संजीव कुमार ने अपने 24 साल के करियर में कई सुपरहिट फिल्में दी। उन्होंने निशान, अली बाबा और 40 चोर, स्मगलर, राजा और रंक जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया, लेकिन उन्हें मुख्य तौर पर रमेश सिप्पी की फिल्म 'शोले' में 'ठाकुर' का किरदार निभाने के लिए याद किया जाता है।
हालांकि, 1960 से 1984 तक एक के बाद एक सुपरहिट फिल्मों की झड़ी लगाने वाले संजीव कुमार का निधन बहुत ही कम उम्र में हो गया था। महज 47 साल की उम्र में अपने फैंस को रुसवा कर वह इस दुनिया से चले गए। हाल ही में उनके करीबी दोस्त और को-स्टार रहे परीक्षित साहनी ने एक इंटरव्यू में बताया कि संजीव कुमार को हार्टअटैक आने का कारण क्या था।
रात में इतने बजे तक खाते रहते थे संजीव कुमार?
एनडीटीवी की एक खबर के मुताबिक, थ्री इडियट्स और पीके जैसी फिल्म में पिता का रोल निभाने वाले अभिनेता परीक्षित साहनी ने हाल ही में अपने करीबी दोस्त को याद करते हुए कई किस्से सुनाए। हालांकि, इस बातचीत में उन्होंने वह कारण भी बताया, जिसकी वजह से बहुत ही कम उम्र में उन्होंने अपने सबसे करीबी दोस्त को खो दिया।
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परीक्षित साहनी ने संजीव कुमार की मौत की वजह का खुलासा करते हुए कहा, "उनमें कई बुरी आदतें थी। जैसे कि वह शूटिंग के बाद बहुत ही ड्रिंक किया करते थे। वह बस पीते ही रहते थे। रात को 2 बजे तक वह खाते ही रहते थे। वह खाते और हड्डियों को टेबल के नीचे ही फेंक देते थे। इसी कारण उनकी मौत हुई, यानी कि उन्हें हार्ट अटैक आया।
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संजीव कुमार पर मरती थी कई एक्ट्रेसेस
रिपोर्ट्स की मानें तो संजीव कुमार लव लाइफ भी अपने समय में काफी चर्चित थी। ऐसा कहा जाता था कि वह हेमा मालिनी को अपनी दुल्हनिया बनाना चाहते थे, लेकिन बात नहीं बन पाई, जिसके बाद उन्होंने घर बसाने के बारे में सोचना छोड़ दिया। जब संजीव कुमार की लव लाइफ के बारे में पूछा गया, तो परीक्षित साहनी ने कहा, "मैंने इस बारे में कभी उनसे पूछा नहीं, लेकिन मैं काफी कुछ जानता हूं। मैं लड़कियों का नाम नहीं लेना चाहूंगा, क्योंकि उनमें से कुछ एक्ट्रेसेस भी थी। कई तो उनके लिए क्रेजी थीं और उनसे शादी करना चाहती थीं, लेकिन वह किसी से भी शादी नहीं करना चाहते थे"।
परीक्षित साहनी ने ये भी बताया कि जब वह 6 साल रशिया में रहकर इंडिया लौटे थे और उन्हें बॉलीवुड फिल्मों में कास्ट किया गया था, तो उस समय उनकी हिंदी बहुत खराब थी, लेकिन हरी भाई उर्फ संजीव कुमार ने भाषा सीखने में उनकी मदद की। दोनों ने साथ में फिल्म 'अनोखी रात' में काम किया था।