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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

The Kerela Story: केरल हाई कोर्ट ने भी रद्द की रिलीज रोकने की याचिका, कहा- 'फिल्म में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं'

By Vaishali ChandraEdited By: Vaishali Chandra
Published: Fri, 05 May 2023 06:46 PM (IST)

Kerala High Court Refuses To Ban Release of The Kerala Story सुदीप्तो सेन और विपुल शाह की विवादित फिल्म द ...और पढ़ें

Kerala High Court Refuses To Ban Release of The Kerala Story, Twitter
Kerala High Court Refuses To Ban Release of The Kerala Story, Twitter

नई दिल्ली, जेएनएन। Kerala High Court Refuses To Ban Release of The Kerala Story: द केरल स्टोरी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के बाद अब केरल हाई कोर्ट ने भी एक्शन लेने से मना कर दिया है। फिल्म के टीजर से शुरू हुआ विवाद कोर्ट- कचहरी तक पहुंच गया। फिल्म पर तथ्यों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते एक समुदाय ने सुप्रीम कोर्ट और केरल हाई कोर्ट में कई याचिकाएं दायर कर दी। याचिका में द केरल स्टोरी की रिलीज को रोकने की मांग की गई।

दायर हुई कई याचिकाएं

द केरल स्टोरी के खिलाफ इन याचिकाओं को फिल्म के टीजर के आधार पर दायर किया गया, जो 2022 नवंबर में रिलीज किया गया था। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि फिल्म सही तथ्यों पर आधारित होने का दावा करती है, जो झूठी और भ्रामक है। इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने और भारत में समुदायों के बीच नफरत फैलाने की संभावना है। कई याचिकाकर्ताओं ने फिल्म की तुलना अभद्र भाषा से भी की।

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला लेने से किया इनकार

द केरल स्टोरी को लेकर भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गईं। हालांकि, सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी फैसला करने से मना कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि उनके पास अपनी अर्जी लेकर अधिकार क्षेत्र वाले हाई कोर्ट में जाने का अधिकार है, इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने केरल उच्च न्यायालय और चेन्नई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

हाई कोर्ट की सुनवाई

द केरल स्टोरी को लेकर केरल हाई कोर्ट ने 5 मई को सुनवाई की। सुनवाई के दौरान फिल्म के डायरेक्टर विपुल शाह और सनशाइन पिक्चर्स प्राइवेट के वकील अमित नाइक ने फिल्म की रिलीज को रोकने के फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा कि फिल्म में एक डिस्क्लेमर है कि यह काल्पनिक है और ऐतिहासिक व तथ्यात्मक सटीकता का दावा नहीं करती है।

फिल्म के वकील का पक्ष

वकील ने सेंसर बोर्ड का हवाला देते हुए यह भी बताया कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टीफिकेशन ने द केरल स्टोरी को सार्वजनिक तौर पर दिखाने के लिए उपयुक्त पाया है। सेंसर बोर्ड फिल्मों को प्रमाणित करने के लिए एक सक्षम और लीगल ऑर्गेनाइजेशन है, जिसने द केरल स्टोरी का पास कर दिया है।

फिल्म का विवादित टीजर

द केरल स्टोरी के टीजर में दिखाया गया कि केरल की मासूम हिंदू लड़कियों को बहला-फुसलाकर इस्लाम कबूल करवाया गया। बाद में इन लड़कियों के इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के हवाले कर दिया गया और आतंकवादी बना दिया गया।