150 सालों से 'देशभक्ति' की असली मिसाल बना है पुराना गीत, Lata Mangeshkar की आवाज से हुआ था अमर
देशभर में आज कारगिल विजय दिवस का जश्न मनाया जा रहा है, इस आधार पर आज हम आपको एक ऐतिहासिक देशभक्ति गीत के बारे में बताने जा रहे हैं। ...और पढ़ें
-1785037516286_m.webp)
कालजयी देशभक्ति गीत (फोटो क्रेडिट- एआई)
HighLights
देशभर में कारगिल विजय दिवस का जश्न
इस देशभक्ति गीत के बिना है अधूरा
लता मंगेशकर ने गाया था देशभक्ति गीत
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 26 जुलाई की तारीख भारत के इतिहास की स्वर्णिम तिथि में से एक है। आज ही के दिन 27 साल पहले भारतीय सेना ने दुश्मन देश पाकिस्तान के छक्के छुड़ाते हुए कारगिल पर तिरंगा लहराया था। कारगिल विजय दिवस के तौर पर इस खास दिन को सेलिब्रेट किया जाता है, जिसका जश्न देशभक्ति गीतों के बिना अधूरा है।
इस आधार पर आज हम आपको सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और ऐतिहासिक देशभक्ति के बारे में बताने जा रहे हैं, जो 150 सालों से भारतवासियों की पहली पसंद बना हुआ है।
ऐतिहासिक देशभक्ति गीत
जिस देशभक्ति गीत के बारे में इस लेख में जिक्र किया जा रहा है, उसका इतिहास भारत की आजादी से भी पहले का है। इस गीत ने भारतवासियों को अपने देश के प्रति का असली एहसास कराया है और पिछले 150 सालों से ऐसा ही करता आ रहा है। दरअसल यहां बात भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम... (Vande Mataram की जा रही है।
यह भी पढ़ें- 100 साल से कल्ट है ये गीत, एक-एक बोल में देशभक्ति; 74 कोड़े मारने की सजा पाने वाली सिंगर की वजह से चर्चा में गाना
-1785038891564.jpg)
साल 1876 में वंदे मातरम को भारत के मशहूर लेखक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखा गया था। गीत की रचना के करीब 6 साल बाद 1882 में बंकिम ने अपने प्रसिद्ध उपन्यास 'आनंदमठ' इसे शामिल किया गया।
मालूम हो कि जब देश ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ आजादी के लड़ाई लड़ रहा था तो उस दौरान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों और सेनानियों के लिए वंदे मातरम सबसे बड़ा प्रेरणा स्त्रोत बना था। तब से लेकर अब तक ये गीत देशभक्ति की मिसाल कायम करता आ रहा है।
पहली बार बना था गाना
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास आनंदमठ से प्रेरित होकर साल 1952 में फिल्म आनंदमठ को बनाया गया था। इस मूवी में वंदे मातरम गीत का पहली बार फिल्म में इस्तेमाल हुआ था। इस गाने को मशहूर गायिका लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) और गायक हेमंत कुमार ने अपनी आवाज दी थी।
खबरें और भी

जबकि फिल्म कलाकार भारत भूषण, पृथ्वीराज कपूर, प्रदीप कुमार और गीता बाली जैसे सेलेब्स पर इसे फिल्माया गया था। इस तरह से वंदे मातरम का हिंदी सिनेमा में आगाज हुआ। हालांकि, 1896 के कोलकाता अधिवेशन के दौरान रवींद्र नाथ टैगोर ने पहली बार मंच पर वंदे मातरम को एक गीत के तौर पर गाया था।
इन फिल्मों की बना शान
सिर्फ आनंदमठ ही नहीं बल्कि भारत का राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम कई अन्य फिल्मों में देशभक्ति गीत के तौर पर इस्तेमाल किया जा चुका है, जिनके नाम इस प्रकार हैं-
वंदे मातरम (1985)
कभी खुशी कभी गम (2001)
रोमियो अकबर वॉल्टर (2019)
फाइटर (2024)
वंदे मातरम गीत का 150 साल पुराना इतिहास है, लेकिन आज भी ये देशभक्ति गीत के तौर पर हिंदी सिनेमा की पहली पसंद माना जाता है।
यह भी पढ़ें- 'शान-ए-वतन' था सिनेमा का ये गीतकार, देशभक्ति गानों से किया जवानों का जोश हाई; 61 साल पहले दिया कल्ट सॉन्ग