मुस्लिम बने...पहली पत्नी को भी नहीं छोड़ा...6 बच्चे संभाले...बहुत कुछ सिखाती है धर्मेंद्र-हेमा की प्रेमकहानी
Dharmendra-Hema Malini Love Story: धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के प्यार के किस्से भले ही कितने ही आम क्यों ना हो ...और पढ़ें

एक प्रेमकहानी, जिसने बहुत कुछ सिखाया...
HighLights
धर्मेंद्र-हेमा की प्रेमकहानी से मिलती है सीख
हेमा को अपनाया पर पहली पत्नी को भी नहीं छोड़ा
मरते दम तक परिवार के साथ रहे धर्मेंद्र
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। ''कि मोहब्बत आपकी न देती गर रोशनी मेरे नाम को...कैसे बनता धर्म में आपका, पहुंचता कैसे इस मुकाम पर...'' एक तो कद काठी कमाल, ऊपर से सुंदरता देख दिल हो जाए निहाल...कभी गरजती तो कभी मिसरी सी घुल जाने वाली आवाज...चेहरे पर बच्चों सी मासूमियत, लेकिन जब बात दुश्मनों से टकराने की आती तो सिंह सी दहाड़ सुनाई देती, पर बात जब मोहब्बत की आती तो युवाओं के लिए मिसाल बन जाते।
धर्मेंद्र (Dharmendra) की इन्हीं खासियतों की वजह से वो चाहने वालों के दिलों में बसे रहे। धर्मेंद्र पर्दे पर एक्टिंग जबरदस्त तो करते ही थे लेकिन असल जिंदगी में शेर ओ शायरी के भी बड़े शौकीन थे। दुश्मनी किसी से करते नहीं थे और मोहब्बत उस खुले आसमान की तरह की हर किसी को अपनाया, पर जब बात असल जिंदगी में मोहब्बत की आई तो शादीशुदा धर्मेंद्र हेमा मालिनी पर दिल हार बैठे (Dharmendra Hema Love Story)। करते भी क्या, अपने दिल के हाथों मजबूर जो थे।
धर्मेंद्र ने कभी कुछ छुपाया नहीं है, उनके बच्चे, उनका परिवार और उनकी फिल्मी कहानियां सब सामने रही हैं और इन्हीं में से एक है उनकी और ड्रीम गर्ल की कहानी यानि धर्मेंद्र-हेमा मालिनी (Hema Malini) की कहानी, जिसने हमें ये सिखाया है कि अगर प्यार हो तो हर मुश्किल आसान हो ही जाती है। दोनों ने कैसे तमाम मुश्किलों के बावजूद प्यार किया और हम सबको एक ऐसी कहानी दी जो हमेशा याद रहेगी। आइए आज हम आपको उसी कहानी के कुछ पहलुओं से रूबरू कराते हैं...
![Dharmendra Hema 3]()
हेमा के लिए जब धड़का धर्मेंद्र का दिल
कहने को तो धर्मेंद्र ने पहली शादी प्रकाश कौर (Prakash Kaur) से की थी, लेकिन धर्मेंद्र की लाइफ में जब हेमा आईं तो सब बदल सा गया। दोनों की पहली मुलाकात साल 1965 में फिल्मेकर ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म आसमान महल के प्रीमियर पर हुई थी। सिमी ग्रेवाल के शो में जब हेमा गईं तो उन्होंने कहा था कि, जब उन्होंने पहली बार धर्मेंद्र को देखा तो मंत्रमुग्ध हो गईं थीं। जब उन्होंने धर्मेंद्र को पहली बार देखा, तो मन में ख्याल आया कि, ''इतना हैंडसम आदमी उन्होंने पहले कभी नहीं देखा है।''
यह भी पढ़ें- Dharmendra Death: बाहर से गरम और अंदर से नरम, कथावाचक ने सुनाया धर्मेंद्र से जुड़ा किस्सा
इसके बाद हेमा और धर्मेंद्र की मुलाकात फिल्म तुम हसीन, मैं जवां के सेट पर हुई। इस फिल्म के सेट पर जब दोनों मिले तो बातचीत का सिलसिला बढ़ा। 20 साल की हेमा के हीरो फिल्म में 33 साल के धर्मेंद्र थे। हेमा फिल्मों में नई-नई थीं और धर्मेंद्र कई फिल्मों में काम कर चुके थे। इस फिल्म के सेट पर ही दोनों के बीच मोहब्बत के बुलबुले ऊपर आने लगे थे। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्यार की शुरूआत हो गई।
इसके बाद दोनों ने सीता और गीता, शोले, जुगनू, प्रतिज्ञा, शोले, आजाद और ड्रीम गर्ल जैसी फिल्मों में कई सालों तक साथ काम करने के बाद, साल 1980 में शादी कर ली (Dharmendra Hema Wedding)। लेकिन ये शादी और ये प्रेमकहानी इतनी भी आसान नहीं थीं। अड़चने आईं, मुश्किलों का पहरा हुआ, बंदिशें लगीं और तो और विश्वास भी कई बार टूटा, लेकिन प्यार में कुछ भी कर गुजरने वाले धर्मेंद्र को पता था कि उनकी मंजिल अब हेमा ही हैं।
बंदिशों के बाद भी हेमा के साथ थे धर्मेंद्र
धर्मेंद्र को पता था कि वो पहले से शादीशुदा हैं। प्रकाश कौर से उनकी शादी हो चुकी है और उनके 4 बच्चे हैं और तो और उन्हें शायद धार्मिक और समाजिक तौर पर दोबारा शादी और प्यार करने की इजाजत नहीं है, लेकिन धर्मेंद्र ने सिर्फ अपने दिल की सुनी और प्यार करने का जोखिम भी उठा लिया। जब हेमा से धर्मेंद्र को प्यार हुआ तो दोनों ने शादी की बात की।
हेमा मालिनी दूसरी शादी के लिए राजी थीं, लेकिन धर्मेंद्र अपनी पहली पत्नी को तलाक नहीं देना चाहते थे। यह सबसे बड़ी दुविधा थी और धर्मेंद्र चाहते थे कि उनकी दोनों पत्नियां रहें। ऐसे में धर्मेंद्र ने एक ऐसा फैसला किया जिसने हर किसी को चौंका दिया था।
हेमा के लिए मुस्लिम बन गए थे धर्मेंद्र
धर्मेंद्र और हेमा की प्रेमकहानी जब सामने आई लोगों ने सवाल करने शुरू कर दिए। लोगों के ताने भी धर्मेंद्र को परेशान कर रहे थे, इस दौरान हेमा का विश्वास भी धर्मेंद्र के थोड़ा डगमगा रहा था लेकिन धर्मेंद्र ने हेमा को एक धागे में पिरोने की कोशिश लगातार की। वो हेमा पर हार मानने के लिए तैयार नहीं थे।
आखिरकार हेमा से शादी के लिए धर्मेंद्र ने एक नया रास्ता अपनाया। हेमा से शादी के लिए धर्मेंद्र ने कानूनी रूप से इस्लाम धर्म अपनाया, जिससे वो उनसे शादी कर सकें। साल 1980 में उन्होंने हेमा मालिनी से निकाह किया, लेकिन पहली पत्नी प्रकाश कौर से उनका रिश्ता बरकरार रहा। कहा जाता है कि ये शादी तभी संभव हो पाई जब प्रकाश कौर ने एक शर्त रखी और शर्त ये थी कि धर्मेंद्र से उनका तलाक नहीं होगा और ना उनकी जिम्मेदारियां कम होंगी और उनके बच्चों का ख्याल वैसे ही रखेंगे।
हेमा मालिनी ने भी निभाया अपना फर्ज
धर्मेंद्र की जब हेमा से शादी हो गई तो उन्होंने कभी धर्मेंद्र को रोका नहीं कि वो पहली पत्नी के साथ रिश्ता ना रखें। हेमा मालिनी ने हमेशा धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर का सम्मान किया। इसके साथ ही वो धर्मेंद्र के पुराने बंगले से दूरी रहीं और कभी वहां कदम नहीं रखा।
हेमा मालिनी ने अपनी जीवनी में लिखा है कि उन्होंने शादी के बाद पति के पुराने घर में कभी कदम नहीं रखा। परिस्थितियां मुश्किल जरूर रहीं, लेकिन हेमा ने खुद बताया कि धर्मेंद्र ने उनकी बेटियों के लिए एक पिता और उनके लिए एक पति का धर्म निभाया है और इससे ज्यादा उन्हें भला किसी और चीज की क्या जरूरत थी।
मुस्लिम धर्म अपनाया, पहली पत्नी की शर्तें भी मानीं और हर रिश्ते को निभाने की जिम्मेदारी उठाई...ये इसी की निशानी है जब आप मुश्किल वक्त में भी रिश्तों और प्यार को ज्यादा अहमियत दें। धर्मेंद्र ने भी वही किया था। उन्होंने अपनी पहली पत्नी और बच्चों के साथ संबंध बनाए रखा, लेकिन शादी के रूप में उनका मुख्य रिश्ता हेमा मालिनी और प्रकाश कौर दोनों के साथ था। इस फैसले ने उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव और कठिनाई लाई, लेकिन उन्होंने अपने प्यार को कभी छोड़ा नहीं।
धर्मेंद्र और हेमा की कहानी यह दिखाती है कि सच्चा प्यार कभी आसान नहीं होता, लेकिन वो हमेशा यादगार जरूर बन जाता है। अंतिम वक्त में धर्मेंद्र का पूरा परिवार परिवार उनके साथ रहा। धर्मेंद्र की दोनो पत्नियां, उनके बच्चे सब एक साथ थे। ये परिवार और प्यार की ताकत का एक प्रतीक था, जो शायद आने वाली पीढ़ियां जरूर याद रखेंगी। आज भले ही धर्मेंद्र हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वो जिंदगी के कई पाठ पढ़ाकर गए हैं।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।