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क्यों टूटी Salim-Javed की आईकॉनिक जोड़ी? Sholay समेत 22 हिट फिल्मों से लाए हिंदी सिनेमा में क्रांति

Published: Sat, 17 Jan 2026 04:36 PM (IST)

Salim-Javed: जावेद अख्तर और सलीम खान ने अलग होने से पहले 24 फिल्मों में साथ काम किया था, जिनमें से ...और पढ़ें

कैसे टूटी सलीम-जावेद की आईकॉनिक जोड़ी

कैसे टूटी सलीम-जावेद की आईकॉनिक जोड़ी

HighLights

  1. कैसे टूटी सलीम-जावेद की आईकॉनिक जोड़ी

  2. हिंदी सिनेमा में क्रांति लेकर आई ये जोड़ी

  3. शोले समेत दी कई यादगार फिल्में

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। शोले, दीवार, यादों की बारात, हाथी मेरे साथी, सीता और गीता, जंजीर समेत कई यादगार और ब्लॉकबस्टर फिल्में हिंदी सिनेमा को देने वाली सलीम और जावेद की जोड़ी काफी मशहूर है। सलीम खान (Salim Khan) और जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने 16 साल (1971-1987) के दौरान 24 फिल्मों पर काम किया। इनमें से 22 फिल्में ब्लॉकबस्टर थीं। इस जोड़ी को अक्सर भारतीय सिनेमा में क्रांति लाने और स्क्रीनराइटर को लाइमलाइट में लाने का क्रेडिट दिया जाता है। वे 1970 के दशक और 1980 के दशक की शुरुआत में बॉलीवुड की सबसे मशहूर फिल्मों के पीछे की क्रिएटिव ताकत थे।

कहां हुई थी दोनों की पहली मुलाकात

अपने शुरुआती दिनों में सलीम खान और जावेद अख्तर दोनों ही अपने-अपने करियर में स्ट्रगल कर रहे थे। जहां सलीम खान एक एक्टर के तौर पर सफल नहीं हो पाए और उन्हें ज्यादा काम नहीं मिल रहा था, वहीं जावेद अख्तर डायलॉग राइटर के तौर पर स्ट्रगल कर रहे थे। दोनों की पहली मुलाकात एस.एम. सागर की फिल्म सरहदी लुटेरा के सेट पर हुई थी, जहां सलीम खान एक्टर थे और जावेद अख्तर डायरेक्टर को असिस्ट कर रहे थे।

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1971 में, उन्होंने साथ मिलकर काम करने का फैसला किया। सलीम खान कहानियां लिखते थे, जबकि जावेद अख्तर डायलॉग लिखने में बहुत अच्छे थे। इस तरह उन्होंने एक शानदार स्क्रीनराइटिंग जोड़ी बनाई जो बॉक्स ऑफिस पर राज करने के लिए तैयार थी। इस जोड़ी की पहली फिल्म एस.एम. सागर द्वारा निर्देशित अधिकार (1971) थी।

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इस फिल्म से बदली किस्मत

राजेश खन्ना ने हाथी मेरे साथी लिखने के लिए सलीम खान से संपर्क किया और अगर वे एक अच्छी स्क्रिप्ट लिख पाते हैं तो उन्हें अच्छा पेमेंट और स्क्रीन पर सही क्रेडिट देने का वादा किया। आखिरकार सलीम खान ने अपने साथी जावेद अख्तर के साथ फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम किया। हाथी मेरे साथी सफल रही और दर्शकों को प्रभावित किया, और सलीम-जावेद को पहली बार क्रेडिट मिला। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद उन्होंने सीता और गीता, जंजीर, यादों की बारात, दीवार, शोले, चाचा भतीजा, त्रिशूल, डॉन, काला पत्थर, दोस्ताना, क्रांति, शक्ति जैसी फिल्मों में काम किया।

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क्यों टूटी आईकॉनिक जोड़ी

1982 में यह जोड़ी अलग हो गई। खबरों के मुताबिक, जावेद अख्तर 'सलीम-जावेद' नाम से गाने लिखना चाहते थे, लेकिन सलीम खान ने उन्हें इस जोड़ी का नाम इस्तेमाल न करने की सलाह दी। कई बार बहस होने के बाद, जावेद ने गाने लिखने का आइडिया छोड़ दिया, लेकिन कहा जाता है कि इससे उनके बीच दूरियां पैदा हो गईं।

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