आशिकों के दिलों को सुकून देता है Mohammed Rafi का 58 साल पुराना गीत, लता मंगेशकर के साथ गाया था दर्दभरा नगमा
Mohammed Rafi और लता मंगेशकर की आवाज में यह गाना 58 साल बाद भी आईकॉनिक बना हुआ है। ...और पढ़ें
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आईकॉनिक है मोहम्मद रफी का 58 साल पुराना गीत
HighLights
आईकॉनिक है मोहम्मद रफी का 58 साल पुराना गीत
लता मंगेशकर के साथ किया था रिकॉर्ड
प्यार करने वालों के दिलों को पहुंचाता है सुकून
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। मोहम्मद रफी ने भारतीय सिनेमा को कई सदाबहार और आईकॉनिक गाने दिए हैं। 60-70s में उनके गाए गाने आज भी आशिकों की प्लेलिस्ट का हिस्सा बने हुए हैं। वहीं अगर उनके साथ कोई गाना स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने गाया हो तब तो म्यूजिक लवर्स के लिए तोहफा है समझो।
मिलेनियल के साथ-साथ जेन-जी भी गाने के दीवाने
एक ऐसा ही गाना इस जोड़ी ने 58 साल पहले गाया था जो दर्दभरा तो है लेकिन फिर भी आशिकों के दिलों को सुकून पहुंचाता है। 5 दशक बीत जाने के बावजूद मिलेनियल के साथ-साथ Zen-Z भी इस गाने के दीवाने हैं।
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दिल को छूते हैं साहिर लुधियानवी के लिखे लिरिक्स
इस गाने की खास बात ये है कि इसके लिरिक्स साहिर लुधियानवी ने लिखे हैं, उनके लिखे लिरिक्स और मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi)-लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) की आवाज ने इस गाने को सदाबहार बना दिया। जिस गाने की हम बात कर रहे हैं वह है- ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं (Ye Dil Tum Bin Kahin)।
इस गाने को 1968 में रिलीज हुई फिल्म इज्जत के लिए बनाया गया था और इसे धर्मेंद्र (Dharmendra) और तनुजा (Tanuja) पर फिल्माया गया था। 'इज्जत' 1968 में बनी एक भारतीय हिंदी ड्रामा फिल्म है, जिसके डायरेक्टर टी. प्रकाश राव थे। इसमें धर्मेंद्र, तनुजा और जयललिता मुख्य भूमिकाओं में थे। यह जयललिता की मुख्य अभिनेत्री के तौर पर एकमात्र बॉलीवुड फिल्म थी।
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मोहम्मद रफी-लता मंगेशकर के सदाबहार गाने
मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर ने कई सदाबहार गीत भारतीय सिनेमा को दिए जिनमें तेरी बिंदिया रे, दिल पुकारे आरे आरे, कितना प्यारा वादा है, चुरा लिया है तुमने जो दिल को, जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा, हमको तुमसे हो गया है प्यार शामिल हैं।