यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Zeenat Aman: राज कपूर के साथ अफेयर पर जीनत अमान ने सालों बाद तोड़ी चुप्पी, कहा- देव आनंद को ऐसा लगता था
Zeenat Aman देव आनंद ने अपनी आत्मकथा में बताया कि वो जीनत अमान को प्रपोज करना चाहते थे पर उनकी नजदीकियां उस वक्त राज कपूर के साथ हो गई थी। उन्होंने जी ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जेएनएन। Zeenat Aman: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में प्यार और मोहब्बत के किस्से बहुत आम है। कुछ प्रेम कहानियां मुकाम तक पहुंच जाती है तो कुछ का अंत बहुत दर्दनाक होता है। कई लव स्टोरी ऐसी भी होती है, जो कभी दुनिया के सामने आ ही नहीं पाती। एक ऐसी ही कहानी है जीनत अमान और राज कपूर की। देव आनंद की बायोग्राफी पढ़ने के बाद लोगों को इन दोनों के बीच प्यार का पता चला। इतने सालों बाद जाकर जीनत अमान ने इसपर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
राज कपूर के साथ अफेयर पर तोड़ी चुप्पी
एबीपी आइडियाज ऑफ इंडिया 2023 शिखर सम्मेलन में, जीनत अमान ने कहा कि देव आनंद ने अपनी आत्मकथा में उनके और कपूर के संबंधों के बारे में कुछ बातें बताई होंगी। पर ये मानने में वो 'पूरी तरह से गलत' थे कि सिनेमा आइकन राज कपूर के साथ मेरा कोई अफेयर था। अपनी आत्मकथा 'रोमांसिंग विद लाइफ' (2007) में, आनंद ने लिखा था कि 1971 की फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' में को एक्ट्रेस जीनत से उन्हें प्यार हो गया था, लेकिन फिर कपूर ने उन्हें 'सत्यम शिवम सुंदरम' की पेशकश की और उनके करीब हो गए थे।'
देव आनंद को लेकर कही ये बात
उन्होंने कहा, 'पूरे सम्मान के साथ, कई बार जब हम कोई घटना या किस्सा सुना रहे होते हैं, तो हम उसे दिलचस्प बनाने के लिए कुछ अंश डालते हैं। मुझे नहीं पता कि देव साहब का दृष्टिकोण क्या था लेकिन उनका दृष्टिकोण जो भी था, वह पूरी तरह से गलत था। 71 साल की इस एक्ट्रेस ने कहा, 'अब मैं इस बारे में अपनी किताब (आत्मकथा) में लिखूंगी। मैं देव साहब की तारीफ करती हूं, मैं उनका सम्मान करती हूं लेकिन यह सही नहीं था।'
बताई राज कपूर से मिलने की वजह
जीनत अमान ने कहा कि दिवंगत दिग्गज राज कपूर से मिलने का कारण यह था कि उन्होंने उन्हें 'सत्यम शिवम सुंदरम' के लिए साइन किया था। मैं उनसे उनकी आने वाली नायिका के रूप में मिली थी। हमारे बीच कभी भी कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं थे, न ही उस समय के दौरान, या उससे पहले या बाद में, कभी नहीं। वह अपने काम के प्रति जुनूनी थे। मैं अपने काम के प्रति जुनूनी थी।'