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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jewel Thief में जयदीप अहलावत का रंगीन स्टाइल बना चर्चा, इस चीज के खोने का एक्टर को आज भी होता है दुख?

    Updated: Mon, 21 Apr 2025 07:29 PM (GMT+05:30)

    पाताललोक के जयदीप अहलावत ‘ज्वैल थीफ द हीस्ट बिगिंस’ में विलेन बने हैं। वे अपने लुक और डांस को लेकर खासा उत्साहित हैं। जयदीप ने फिल्‍म के नाम किरदार और ...और पढ़ें

    Jewel Thief में अपनी स्‍टाइल से चर्चा में है जयदीप अहलावत। फिल्‍म का एक दृश्‍य
    Jewel Thief में अपनी स्‍टाइल से चर्चा में है जयदीप अहलावत। फिल्‍म का एक दृश्‍य

    स्मिता श्रीवास्तव, मुंबई। ‘पाताललोक’ के पर्मानेंट निवासी जयदीप अहलावत अब फिल्म ‘ज्वैल थीफ: द हीस्ट बिगिंस’ में खलनायक की भूमिका में नजर आएंगे। जयदीप फिल्म में अपने स्टाइलिश अंदाज और डांस को लेकर चर्चा में हैं। यहां पढ़ें जयदीप अहलावत से खास बातचीत...

    सवाल: फिल्म का नाम सुनकर सबसे पहले दिमाग में क्या आया था.. क्योंकि देव आनंद अभिनीत ‘ज्वैल थीम’ कालजयी फिल्म रही है?

    जवाब- स्क्रिप्ट पढ़ते वक्त तो नहीं, लेकिन जब नाम आया तो वो महसूस हुआ। दरअसल जब पटकथा मेरे पास आई थी, तब तक फिल्म का नाम तय नहीं था। हालांकि, इसका उस फिल्म से कोई वास्ता नहीं है।

    सवाल: हर कलाकार अलग-अलग तरह के रोल करना चाहता है। कुछ अलग रोल आपको चमकाते हैं और कुछ एक्सपेरिमेंट में रिस्क भी होता है, ऐसे में आप कैरेक्टर के साथ आने वाले रिस्क को कैसे देखते हैं?

    जवाब- मैंने ऐसा कभी नहीं सोचा कि रिस्क लेकर आ रहा हूं, बल्कि यह उस पात्र के लिए हुक प्वाइंट हो जाता है। देखते हैं कि क्या होता है। कहानी में उस पात्र की प्लेसमेंट ठीक है तो वो आपको रिस्क नहीं लगता है। वो फिर आपको एक्सपेरिमेंट लगता है कि इसमें कुछ तो नया निकलेगा, कुछ मजा आएगा।

    कॉस्ट्यूम डिजाइनर के दिमाग में मेरी स्टाइलिंग थी  तो उसके लिए यह था कि शेप में आना पड़ेगा ताकि आप पर कपड़े ठीक लगें। नहीं तो वह थोड़ा अजीब लगेगा।

    चर्चा के दौरान लगता था कि देसी गुंडा, जो बाहर के माफिया के काम को देखता होगा या उनके बारे में पढ़ता होगा या फिल्में देखता होगा तो वह इटैलियन या रूसी माफिया की तरह दिखना चाहेगा क्योंकि वो उस खर्च को वहन कर सकता है।    

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    सवाल: आपके डांस को लेकर कहा गया कि एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से किया है। एआई कलाकारों के लिए कितना उपयोगी लग रहा है?  

    जवाब- अभी तो ऐसा कोई अनुभव नहीं है, जब ऐसा कुछ इंडस्ट्री में शुरू होगा, तब बता पाएंगे। यह वैसा है कि एक समय पर था जब कंप्यूटर आ रहे हैं, सैटेलाइट आ रहा है, ढेर सारे चैनल आएंगे। मेरे लिए अभी यह अज्ञात क्षेत्र है।

    सवाल: एक कलाकार के लिए उसका सच्चा आभूषण क्या होता है और उस आभूषण की चमक बरकरार रखने के लिए आप क्या करते हैं?

    जवाब- कलाकार के लिए चेहरे का ध्यान रखना सबसे अहम है। उसके अलावा बेहद जरूरी है कि आप अपना दिमाग स्पष्ट रखें, भले ही आप काम कर रहे हों या न कर रहे हों। अगर आप सफल होते जाते हैं तो आपका दिमाग भटक सकता है। इसलिए यह संतुलन भी बहुत जरूरी है।

    सवाल: जब करीना कपूर खान आपके साथ फिल्म ‘जानेजां’ करने आ रही थीं तो सैफ ने उन्हें कहा था कि तैयारी से जाना। इस बार खुद सैफ आपके साथ काम कर रहे थे तो क्या बातें हुईं?

    जवाब-  काम को लेकर ही बातें हुईं। हमारे जो पात्र हैं, उसके साथ संबंधों को लेकर बात हुई। बाकी वह काफी मस्तमौला इंसान हैं। किस्से-कहानी सुनाते हैं। उनका सेंस ऑफ ह्यूमर काफी अच्छा है।

    सवाल: कोई ऐसी चीज, जो खो गई हो और उसका बहुत दुख रहा हो?

    जवाब-  मुझे याद है कि जब मैं फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट आफ इंडिया (एफटीआईआई) में पढ़ाई कर रहा था तो मेरे कमरे से कैंपस की दीवार के पार मैदान था। उस तरफ लोग रहते भी थे और मैदान में क्रिकेट खेलते थे। उन दिनों नोकिया का एक फोन आया था, जिसमें गेम खेला जाता था।

    उस वक्‍त बहुत जुगाड़ करके महीनों पैसे बचाकर मैंने वो फोन खरीदा था। उसे चार्जिंग में लगाकर सो गया। जब उठा तो वो गायब था क्योंकि मैं खिड़की बंद करना भूल गया था। हालांकि, कैंपस का गेट बंद था। अनुमान यही लगाया गया कि कोई दीवार से कूदकर उधर से आया। उसने मोबाइल देखा और उसकी लॉटरी लग गई।