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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Entertainment News: टीवी कलाकारों को कमतर समझने वालों को रूपाली गांगुली ने दिया जवाब, वेब सीरीज एक्टर के बारे में बोल दी कड़वी बात

    By Priyanka singh Edited By: Jeet Kumar
    Updated: Sat, 03 Feb 2024 05:00 AM (GMT+05:30)

    टीवी कलाकारों को कमतर समझने वालों को रूपाली गांगुली ने जवाब देते हुए कहा कि मेरे साथ कई बार ऐसा हुआ है जब लोगों ने कहा है कि ओह तुम टीवी एक्टर हो। लेक ...और पढ़ें

    रुपाली को पसंद है टीवी में काम करना
    रुपाली को पसंद है टीवी में काम करना

    एंटरटेनमेंट, नई दिल्ली। कई कलाकार कह चुके हैं कि जब वह टीवी से दूसरे माध्यमों पर काम करने जाते हैं, तो उन्हें यथोचित मान नहीं मिलता। ऐसे लोगों को अनुपमा शो में शीर्षक भूमिका निभा रही रूपाली गांगुली ने आड़े हाथों लिया है। उन्होंने टीवी और फिल्मों में काम करने के अंतर को भी बताया।

    अनुपमा कहती हैं कि अगर मैं फिल्मों में होती तो मुझे लगता है कि मैं एक बड़े से तालाब की छोटी सी मछली बनकर रह गई होती। जब मैं सिनेमा में जाने का प्रयास कर रही थी, तब प्रयोगात्मक काम कहां होते थे। अभिनेत्रियां केवल हीरो के लिए आकर्षण मात्र बनकर रह जाती थीं।

    फिल्मों में वर्कशाप करने का वक्त मिलता है

    उन्होनें कहा कि मेरे साथ कई बार ऐसा हुआ है, जब लोगों ने कहा है कि ओह तुम टीवी एक्टर हो। लेकिन मैं कहती हूं कि जो टीवी में एक्टिंग कर सकते हैं, वो फिल्म एक्टर नहीं कर सकते हैं। जो लोग बड़े गर्व से कहते हैं कि मैं वेब सीरीज करता हूं या फिल्में करती हूं। मेरी नजरों में वह टीवी करने के योग्य नहीं है। फिल्मों में वर्कशाप करने का वक्त मिलता है। टीवी में जरूरत नहीं पड़ती है, क्योंकि इतना वक्त नहीं होता है। मैं उन लोगों से यही कहूंगी टीवी में आओ अपने आप सीख जाओगे।

    मैंने 36 पेज के भी संवाद बोले हैं- रूपाली

    आगे रूपाली ने कहा कि अनुपमा में जो मैंने गुजराती उच्चारण पकड़ा है, वह किसी वर्कशाप से नहीं किया है। अपने आसपास के लोगों से सीखा है। कलाकार वह होता है, जो आसपास की चीजों को बारीकी से देखे। लोग कहते हैं कि एक ही शो और किरदार कैसे कर लेती हो। लेकिन मैं तो रोज सेट पर जाने के लिए उत्सुक रहती हूं। हर सीन के साथ डरी हुई रहती हूं। मैंने 36 पेज के भी संवाद बोले हैं। जिसमें ढाई एपिसोड निकले हैं। उसकी टीआरपी भी अच्छी आई थी।

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