Lock Upp 2 में सबको रुलाने वाली अपूर्वा मुखीजा ने सुनाई आपबीती, बोलीं- सुसाइड का ख्याल आ रहा था जब...'
अपूर्वा मुखीजा ने हाल ही में लॉकअप सीजन 2 में अपने सबसे बुरे दौर के बारे में बात करते हुए बताया कि उन्हें क्यों सुसाइड का ख्याल आ रहा था। ...और पढ़ें

अपूर्वा के मन में आया सुसाइड का ख्याल/ फोटो- Instagram

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर अपूर्वा मुखीजा ने 'लॉकअप सीजन 2' (Lock Upp Season 2) में कदम रखते ही शो की टीआरपी बढ़ा दी है। वह बतौर वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट नहीं, बल्कि शो के जेलर्स फराह खान और रितेश देशमुख की 'इनफॉर्मर' बनकर जेल के अंदर दाखिल हुई हैं।
अपूर्वा ने आते ही कंटेस्टेंट्स के बीच जो चिंगारी भड़काई, उससे जेल का माहौल तुरंत तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, इसी हंगामे के बीच उन्होंने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद दर्दनाक राज खोलते हुए बताया कि एक वक्त ऐसा था जब उनके मन में सुसाइड करने के विचार आते थे, तब उनके एक खास दोस्त ने ही उन्हें संभाला था।
मुश्किल घड़ी में साथ खड़ा था अपूर्वा का दोस्त
'लॉकअप 2' के हालिया एपिसोड में सूफी मोतीवाला से बातचीत करते हुए अपूर्वा ने खुलासा किया कि जब वह साल 2025 में एक बड़े विवाद में फंसी थीं, तो मानसिक रूप से इतनी टूट चुकी थीं कि उनके मन में बार-बार सुसाइड करने के ख्याल आ रहे थे। उस मुश्किल दौर में जो शख्स उनके साथ ढाल बनकर खड़ा था, वह कोई और नहीं बल्कि सूफी ही थे, जो इस समय खुद 'लॉकअप 2' के कंटेस्टेंट हैं।
एक साल तक आपस में बातचीत न करने के बाद, शो में मौका मिलते ही अपूर्वा और सूफी ने अपनी पुरानी गलतफहमियां दूर कीं। इस दौरान अपूर्वा अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख सकीं और रोते हुए बोलीं, "मैंने तुम्हें बहुत मिस किया। मैं रो दूंगी, तुम दोबारा ऐसा मत करना। जब भी कोई मुझसे कहता था कि तुम उसके दोस्त कैसे बन गए, वो तो बहुत मीन है, तो मैं यही कहती थी कि अगर 2025 के विवाद के दौरान मेरे साथ सूफी न होता, तो शायद मैंने खुद को खत्म कर लिया होता।"
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'उस बुरे दौर में सिर्फ तुम मेरे साथ थे'
अपूर्वा ने आगे अपनी गलती मानते हुए सूफी से कहा, "मैं उस बुरे दौर से अकेले निकल ही नहीं पा रही थी, लेकिन अकेले तुम ही ऐसे इंसान थे जो हर कदम पर मेरे साथ खड़े रहे। न तो मैं उस वक्त किसी को डेट कर रही थी और न ही कोई दूसरा मेरे पास था। मैं तुमसे दिल से माफी मांगती हूं। मुझे पता है कि तुम्हें छोटी-छोटी बातें हर्ट करती हैं। मुझे माफ कर दो कि जब तुम्हें मेरी सबसे ज्यादा जरूरत थी, मैं तुम्हारे लिए एक सेफ स्पेस क्रिएट नहीं कर पाई।"

अपूर्वा की ये बातें सुनकर सूफी मोतीवाला भी काफी इमोशनल हो गए। उन्होंने कहा, "मैं सच में यह कहना चाहता हूं कि जब हम दोस्त बने थे, तो वह एक साल मेरी जिंदगी का सबसे बेहतरीन समय था। तब मुझे लगा था कि आखिरकार मुंबई में मेरा अपना कोई सोशल सर्कल बना है। ऐसा लगता था कि कोई तो है जिसके साथ मैं बिना किसी झिझक के कहीं भी जा सकता हूं। मैंने भी तुम्हें बहुत मिस किया।"