Who's Your Gynac 2 Review: हल्के-फुल्के अंदाज में गहरा मैसेज... महिलाओं की सबसे बड़ी मुश्किल हल करती है सीरीज
Who's Your Gynac Season 2 Review: महिलाओं के यौन संबंधी समस्याओं को लेकर सबा आजाद की सीरीज हूज योर गायनेक सीजन 2 बड़ा मैसेज छोड़ती है। ...और पढ़ें

हूज योर गायनेक सीजन 2 का रिव्यू। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। महिलाओं के यौन स्वास्थ्य से जुड़े कई मिथ्य, रूढ़ियां, और संकोच होते हैं, जो आज के प्रोग्रेसिव समय में भी देखने को मिलते हैं। हूज योर गायनेक सीजन 2 (Who's Your Gynac Season 2) एक स्त्री रोग विशेषज्ञ के जरिए इन्हीं समस्याओं पर गहरी बात करती है।
साल 2023 में आई सबा आजाद (Saba Azad) की वेब सीरीज हूज योर गायनेक (Who's Your Gynac) का आधार महिलाओं के यौन समस्याओं के प्रति जागरुकता थी। अब एमएक्स प्लेयर (MX Player) पर आया दूसरा सीजन उन समस्याओं को लेकर आया है जिसे ज्यादातर महिलाएं इग्नोर करती हैं।
क्या है हूज योर गायनेक की कहानी?
कहानी पहले सीजन से आगे बढ़ती है। इस बार डॉक्टर विदुषी (सबा आजाद) के सामने नई चुनौतियां हैं। इस बार लव लाइफ तो ट्रैक पर है, लेकिन करियर पर खतरा मंडरा रहा है। उसे अपना क्लीनिक बचाना है, जिसका रेंट भरने तक के उसके पास पैसे नहीं है और क्लीनिक बंद होने की कगार पर आ खड़ा है।
साथ ही साथ वह अपनी उस बेस्ट फ्रेंड को मदरहुड गिल्ट व पोस्टपार्टम डिप्रेशन से बाहर निकालने की कोशिश करती है, जिसकी डिलीवरी उसने की है। पांच एपिसोड्स के जरिए डॉक्टर विदुषी निजी जिंदगी में चुनौतियों के साथ-साथ महिलाओं के यौन संबंधी समस्याओं पर गहरी बात करती है।
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सीरीज में अलग-अलग केस के जरिए मदर गिल्ट, पोस्टपार्टम डिप्रेशन (Postpartm Depression), हार्मोनल डिसबैलेंस के चलते बेबी कंसीव न करना, पीरियड इंटीमेसी मिथ्य (Period Intimacy Myth), सेल्फ केयर, आइडेंटिटी, बढ़ती उम्र में पीरियड के खत्म होने के दौरान महिलाओं को होने वालीं दिक्कतें, सी-सेक्शन कराने का डर समेत कई समस्याओं को दिखाया गया है।
महिलाओं के यौन संबंधी समस्याओं को सुलझाने के साथ-साथ विदुषी कोठारी लव लाइफ में अपनी आइडेंटिटी के लिए आवाज उठाती हुई भी दिखाई देती है।
स्क्रीनप्ले है दमदार
श्रेया श्रीवास्तव, मोहक पजनी, शिवानी भसीन ने बिना लाग लपेट के कहानी को साधारण तरीके से बयां किया है। उनकी लेखनी सधी हुई है। बिना भारी-भरकम डायलॉग और इमोशनल बैगेज के कहानी हल्के-फुल्के अंदाज में बड़ी बात कह जाती है। हालांकि, ट्रीटमेंट के स्तर को गहराई से नहीं दिखाया गया है।
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कैसा है डायरेक्शन?
पहले सीजन की तरह ही हिमाली शाह का निर्देशन कमाल का है। कम अवधि वाले एपिसोड्स के जरिए उन्होंने दर्शकों को बोर होने का कोई मौका ही नहीं दिया। उन्होंने सीरीज में इमोशन, कॉमेडी और जागरुकता का फुल डोज देने की पूरी कोशिश की है।
सबा आजाद ने फिर जीता दिल
स्त्री रोग विशेषज्ञ के तौर पर दूसरे सीजन में लौटीं डॉक्टर विदुषी कोठारी के रूप में सबा आजाद ने उम्दा काम किया है। स्वरा के रूप में स्वरा के रूप में करिश्मा सिंह, अर्थ धमेचा बने कुणाल ठाकुर, विभा छिब्बर (नर्स), आरून अर्जुन कौल (मेहर) समेत सभी कलाकारों ने अच्छी परफॉर्मेंस दी।