ईरान फुटबॉल विश्व कप में खेलेगा, अमेरिका में ही होंगे मैच : जियानी इंफेंटिनो
अमेरिका से सैन्य संघर्ष के बावजूद ईरान फुटबॉल विश्व कप मुकाबले अमेरिका में ही खेलेगा। फीफा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो ने साफ कर दिया है कि विश्व कप के निर्धारित कार्यक्रम में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा।

फीफा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो
HighLights
फीफा अध्यक्ष ने ईरान की मैचों को मेक्सिको को शिफ्ट करने की मांग खारिज की
जियानी इंफेंटिनो ने कहा-तय कार्यक्रम के अनुसार होंगे मैच
अंताल्या, रायटर। अमेरिका से सैन्य संघर्ष के बावजूद ईरान फुटबॉल विश्व कप मुकाबले अमेरिका में ही खेलेगा। फीफा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो ने साफ कर दिया है कि विश्व कप के निर्धारित कार्यक्रम में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। ईरान फुटबॉल महासंघ ने हाल ही में अपने ग्रुप मैचों को अमेरिका से मेक्सिको शिफ्ट करने की मांग की थी। उनका तर्क था कि अमेरिका की सैन्य भूमिका और क्षेत्रीय संघर्ष के कारण खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं हैं।
हालांकि इंफेंटिनो ने तुर्किये के अंताल्या में ईरान और कोस्टा रिका के बीच खेले गए मैत्री मैच के दौरान इस मांग को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, मैच वहीं होंगे जहां ड्रॉ के अनुसार तय किए गए हैं। हमें विश्वास है कि सब कुछ सही तरीके से होगा।
ईरान की टीम इस समय अंताल्या में ट्रेनिंग कैंप कर रही है। विश्व कप के ग्रुप जी में ईरान को अपने तीनों मैच अमेरिका में खेलने हैं, जिनमें दो लास एंजिलिस और एक सिएटल में होगा। इस ग्रुप में बेल्जियम, मिस्त्र और न्यूजीलैंड भी शामिल हैं। विश्व कप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में आयोजित किया जाएगा।
इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हाल में बयान दिया था कि ईरान की टीम का अमेरिका में स्वागत है, लेकिन मौजूदा हालात में उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी संभावित खतरे का स्त्रोत अमेरिका नहीं होगा। इस बीच, ईरान की टीम में चयन को लेकर भी विवाद सामने आया है।
यूएई आधारित स्ट्राइकर सरदार अजमौन को ट्रेनिंग कैंप से बाहर कर दिया गया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, उन्हें सरकार के प्रति कथित 'अविश्वास' के कारण हटाया गया। अजमौन ने हाल ही में दुबई के शासक मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा की थी, जो विवाद का कारण बनी। इंफेटिनो ने ईरानी खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिया।

