भारतीय फुटबॉल को संवारने में जुटा एक 'ईरानी हिंदुस्तानी', बोले - 'टीम इंडिया को फीफा वर्ल्ड कप में...'
ईरान से आए जमशीद नासिरी ने 80 के दशक में भारतीय फुटबॉल को अपना जीवन समर्पित कर दिया। 18 साल की उम्र में भारत आकर उन्होंने ईस्ट बंगाल और मोहम्मडन स्पोर्टिंग जैसे क्लबों के लिए खेला और 100 गोल करने वाले पहले विदेशी बने।

भारतीय फुटबॉल टीम
HighLights
ईरान से आकर भारतीय फुटबॉल को समर्पित किया जीवन
100 गोल करने वाले पहले विदेशी फुटबॉलर बने
कलकत्ता एफसी के मुख्य कोच, भारत को विश्व कप में देखना चाहते हैं
विशाल श्रेष्ठ, जागरण कोलकाता। 80 के दशक में ईरान से 18 साल का एक नौजवान क्लब फुटबॉल खेलने भारत आया। यहां की परंपरा व कला-संस्कृति उसे इतनी रास आई कि यहीं बस गया और सारी उम्र भारतीय फुटबॉल की सेवा में गुजार दी। आज 67 की उम्र में भी वे देश की फुटबॉल प्रतिभाओं को निखारने में जुटे हैं। उनके हाथों तैयार ढेरों फुटबॉलर आज कई बड़े क्लबों के लिए खेल रहे हैं।
ये हैं जमशीद नासिरी। पिछले तीन दशक से कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके में रह रहे जमशीद देश के दो प्रमुख फुटबॉल क्लब ईस्ट बंगाल व मोडम्मन स्पोर्टिंग के लिए खेल चुके हैं। भारत आने से पहले वे ईरान की अंडर-12, राज्य व राष्ट्रीय टीमों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। जमशीद भारत में विभिन्न टूर्नामेंटों में 100 गोल करने वाले पहले विदेशी फुटबॉलर हैं। एक समय वे देश के सबसे महंगे फुटबॉलरों में से एक थे।
भारत में रहने का बनाया मन
ईरान के खोर्रमशहर में जन्मे जमशीद ने कहा कि फुटबॉल खेलने के दौरान भारत के विभिन्न शहरों में गया। हर जगह मिले लोगों के अपार प्यार से मैं अभिभूत हो गया। भारत व ईरान की परंपरा व कला-संस्कृति एक जैसी हैं। मैंने भारत में बसने का मन बना लिया और यहां की नागरिकता ले ली। आज मैं 100 प्रतिशत भारतीय हूं और भारत मेरे दिल में बसता है।
ईरान में रह रहे भाइयों की होती है चिंता
जमशीद ने कहा कि ईरान अब मेरा देश नहीं है लेकिन मेरे भाई वहां रहते हैं। युद्ध को लेकर उनकी चिंता होना स्वाभाविक है। मैं उनकी खबर लेता रहता हूं। वे सकुशल हैं। मैं युद्ध को लेकर किसी पक्ष का समर्थन या विरोध नहीं करना चाहता। बस यही कहूंगा कि लड़ाई बंद होनी चाहिए। यह किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। पूरी दुनिया में शांति व सद्भाव कायम होना चाहिए। इसी से दुनिया आगे बढ़ सकती है।'
भारत को फुटबाल विश्वकप खेलते देखने की इच्छा
पिछले 37 वर्षों से कोचिंग करते आ रहे जमशीद को विश्वास है कि जैसे इटली-स्कॉटलैंड जैसे मुख्यत: फुटबॉल खेलने वाले देशों ने हालिया संपन्न टी20 क्रिकेट विश्व कप खेला है, वैसे ही भारत भी एक दिन फुटबॉल विश्वकप खेलेगा। उन्होंने कहा कि भारत में फुटबॉल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उन्हें ठीक से ग्रूम करने की जरुरत है। इसके लिए भारतीय फुटबॉल से जुड़े सबको साथ मिलकर काम करना होगा। जमशीद वर्तमान में फुटबॉल क्लब कलकत्ता एफसी के हेड कोच हैं। परिवार में पत्नी सुजेन व दो बेटे जोशुआ व कियान हैं। कियान भी पेशेवर फुटबॉलर हैं।

