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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Gujarat News: बचपन की नग्न तस्वीर को गूगल ने बताया अश्लील, हाईकोर्ट पहुंचा युवक; समझिए क्या है पूरा मामला

    By Agency Edited By: Babli Kumari
    Updated: Mon, 18 Mar 2024 02:33 PM (IST)

    Gujarat News गुजरात में एक व्यक्ति को अपनी बचपन की यादों को संजोना भारी पड़ गया। एक व्यक्ति ने गूगल ड्राइव पर बचपन की नग्न तस्वीर अपलोड कर दिया। जिसके ...और पढ़ें

    गुजरात कोर्ट ने सुनाया इस केस में फैसला (फाइल फोटो)
    गुजरात कोर्ट ने सुनाया इस केस में फैसला (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. बचपन की नग्न तस्वीर को यादगरी के रूप में संजोना व्यक्ति को पड़ा भारी
    2. गूगल ने किया बैन तो गुजरात HC ने दिया यह आदेश

    पीटीआई, अहमदाबाद। हम अपनी बचपन की तस्वीरों को हमेशा संजोन कर रखना चाहता है। जिससे हम जब भी उन तस्वीरों को देखें तो बचपन के दिन तरोताजा हो जाए। गुजरात में एक व्यक्ति को अपनी बचपन की यादों को संजोना भारी पड़ गया। एक व्यक्ति ने गूगल ड्राइव पर बचपन की नग्न तस्वीर अपलोड कर दिया। जिसके बाद गूगल ने उस व्यक्ति के ईमेल खाते को लगभग एक साल तक बंद कर दिया। इसके बाद व्यक्ति ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

    व्यक्ति ने अपने ईमेल खाते पर लगी रोक को हटाने के लिए गुजरात उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ा। गूगल ने इस फोटो को "स्पष्ट रूप से बाल दुर्व्यवहार" बताया। जिसके बाद उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता के ईमेल खाते को ब्लॉक करने के लिए Google इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया है। 

    दादी द्वारा नहलाने वाली बचपन की तस्वीर को की थी अपलोड 

    बता दें कि व्यक्ति की यह तस्वीर उसके दो साल की उम्र वाली है जिसमें उसकी अपनी दादी की उसे नहला रही है। इसी तस्वीर को व्यक्ति ने Google ड्राइव पर अपलोड की थी। याचिकाकर्ता, नील शुक्ला, एक कंप्यूटर इंजीनियर हैं जिन्होंने Google ड्राइव पर बचपन की तस्वीरें अपलोड कीं हैं, जिसमें एक बच्चे के रूप में उसकी दादी द्वारा उसे नहलाने की तस्वीर भी शामिल थी।

    Google ने ईमेल अकाउंट को किया ब्लॉक

    याचिकाकर्ता के वकील दीपेन देसाई ने अदालत को बताया कि गूगल ने "स्पष्ट बाल शोषण" दिखाने वाली सामग्री के संबंध में अपनी नीति का उल्लंघन करने के लिए पिछले साल अप्रैल में शुक्ला का खाता ब्लॉक कर दिया था।उन्होंने कहा कि कंपनी अपने शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal Mechanism) के माध्यम से समस्या का समाधान करने में विफल रही, जिसके बाद शुक्ला ने 12 मार्च को उच्च न्यायालय का रुख किया। देसाई ने अदालत को सूचित किया कि चूंकि Google ने ईमेल अकाउंट को ब्लॉक कर दिया है, इसलिए शुक्ला अपने ईमेल तक पहुंचने में असमर्थ हैं और इससे उनके व्यवसाय को नुकसान हुआ है।

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