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गुजरात विधानसभा में 'वंदे मातरम' के दौरान बैठे रहे कांग्रेस विधायक, भाजपा ने की माफी की मांग

Published: Wed, 09 Sep 2026 02:25 PM (IST)

गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन 'वंदे मातरम' के दौरान कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला के बैठे रहने पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई।

कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला।

कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला।

HighLights

  1. 'वंदे मातरम' के दौरान कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला बैठे रहे।

  2. भाजपा ने इसे राष्ट्रगीत का अपमान बताकर माफी की मांग की।

  3. विपक्ष ने महंगाई, किसानों के मुद्दों पर जोरदार प्रदर्शन किया।

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र का पहला ही दिन काफी हंगामेदार और राजनीतिक सरगर्मी से भरा रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही दो बड़े मुद्दों पर घमासान मच गया।

एक तरफ सदन के अंदर 'वंदे मातरम' के अपमान का विवाद गरमाया, तो दूसरी तरफ सदन के बाहर विपक्ष ने महंगाई और किसानों के मुद्दों पर जोरदार प्रदर्शन किया।

वंदे मातरम' के दौरान बैठे रहे कांग्रेस विधायक

बता दें कि सत्र की शुरुआत परंपरा के अनुसार राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के गान के साथ हुई। ऐसे में विवाद तब ज्यादा बढ़ गया, जब राष्ट्रीय गीत के दौरान कांग्रेस के विधायक इमरान खेड़ावाला अपनी सीट पर खड़े होने के बजाय बैठे रहे।

इस बात पर सत्ता पक्ष भाजपा ने कड़ा विरोध जताया है। गुजरात के मंत्री प्रवीन माली ने इसे मातृभूमि और राष्ट्रगीत का सीधा अपमान बताया। उन्होंने मांग की है कि विधायक को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह उनकी जानबूझकर की गई हरकत थी या अनजाने में हुई भूल। अगर गलती थी, तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

गुजरात की जनता का अपमान- भाजपा विधायक

भाजपा विधायक महेश कसवाला ने दुख जताते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस पावन मंदिर में ऐसा अपमान गुजरात की जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। सत्ता पक्ष के विधायक इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।

सदन के बाहर किसानों और महंगाई पर विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन

दूसरी तरफ सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्ष आक्रामक नजर आया। कांग्रेस के विधायकों और कार्यकर्ताओं ने गांधीनगर के सत्याग्रह छावनी में मोर्चा निकाला। उन्होंने हाथ में बैनर लेकर किसानों के लंबित मुद्दों और आसमान छूती महंगाई के खिलाफ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए।

वहीं आम आदमी पार्टी के नेताओं ने किसानों की पीड़ा दिखाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया। वे हाथों में घास के पूले और खेतों में सूखे व सड़े हुए फसलों के नमूने लेकर विधानसभा की ओर कूच कर रहे थे। हालांकि, भारी पुलिस बल ने उन्हें विधानसभा परिसर में घुसने से पहले ही रोक लिया।

किसानों को अब मिलेगी 10 घंटे बिजली

इसके अलावा विपक्ष के तीखे हमलों और प्रदर्शनों के बीच राज्य सरकार ने किसानों के हित में एक राहत भरा बड़ा एलान किया है। सरकार ने घोषणा की है कि अब किसानों को खेती के लिए मिलने वाली बिजली की आपूर्ति 8 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे कर दी जाएगी। बुवाई के समय आए इस फैसले से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।