गुजरात पुलिस ने 45 साल बाद धर दबोचा बस लूट का मास्टरमाइंड, पहचान बदलकर देता रहा चकमा
गुजरात पुलिस ने 45 साल पुराने बस लूट मामले के मुख्य आरोपी हबीब अहमद अब्दुल को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया है।

गुजरात पुलिस ने 45 साल बाद बस लूट के मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार

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डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। 45 साल बाद पुलिस ने बस लूट के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। साल 1981 में राजकोट से मुंबई जा रही एक लग्जरी बस में हुई डकैती के मुख्य आरोपी हबीब अहमद अब्दुल को गुजरात पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी अपनी पहचान बदलकर तातारपुर कांशीराम आवासीय कॉलोनी में कबाड़ बेचने का काम कर रहा था और इतने सालों से पुलिस को चकमा दे रहा था।
1981 में लूट की वारदात को दिया था अंजाम
यह घटना 45 साल पहले 27 जनवरी 1981 की है। राजकोट से मुंबई जा रही एक प्राइवेट लग्जरी बस को बदमाशों ने हथियारों के बल पर रास्ते में रोक लिया था। लुटेरों ने यात्रियों और बस कंडक्टर से करीब 32 हजार रुपये कैश और कीमती सामान लूट लिया था।
इस वारदात में हबीब अहमद मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार हो गया और पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा। लूट में शामिल एक अन्य आरोपी की पहले ही मौत हो चुकी है।
बिना सुराग के ऐसे पहुंची पुलिस
45 साल तक पुलिस की पकड़ से दूर रहे हबीब का कोई भी डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन या पहचान पत्र मौजूद नहीं था। गुजरात पुलिस ने हार न मानते हुए चार दशक पुराने फाइलों और दस्तावेंजों को खंगाला।
खुफिया तंत्र और मुखबिरों की मदद से पुलिस को सुराग मिला कि हबीब यूपी के कासगंज में नाम और पहचान बदलकर कबाड़ का धंधा कर रहा है। पुलिस ने कासगंज सदर कोतवाली क्षेत्र में छापेमारी कर उसे धर दबोचा और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर गुजरात ले गई।
