गुजरात पुलिस की बढ़ेगी निगरानी, 80,000 से अधिक CCTV कैमरों को एक स्मार्ट सर्विलांस नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी
गुजरात पुलिस ने 80,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को एकीकृत करने के लिए देश के सबसे बड़े हैकाथॉन की घोषणा की है।

80,000 से अधिक CCTV कैमरों को एक स्मार्ट सर्विलांस नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी
HighLights
गुजरात पुलिस ने देश के सबसे बड़े हैकाथॉन की घोषणा की।
80,000 से अधिक CCTV कैमरों का AI एकीकरण लक्ष्य।
सार्वजनिक सुरक्षा और आधुनिक पुलिसिंग को सुदृढ़ करेगा।
डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। गुजरात पुलिस ने आधुनिक पुलिसिंग और सार्वजनिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से देश के सबसे बड़े हैकाथॉन की घोषणा की है। यह हैकाथॉन मुख्य रूप से सीसीटीवी एकीकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वीडियो एनालिटिक्स पर केंद्रित है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य पूरे गुजरात में फैले 80,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को एक साझा मंच पर लाकर एक स्मार्ट निगरानी नेटवर्क तैयार करना है। राज्य के गृह विभाग के अधीन तैयार की गई हैकाथॉन वेबसाइट के अनुसार, गुजरात पुलिस ने छात्रों, शोधकर्ताओं, फ्रीलांसर्स, स्टार्टअप्स और टेक कंपनियों को इस चुनौती में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।
इस प्रतियोगिता के जरिए राज्य में एक मजबूत और आधुनिक निगरानी तंत्र विकसित करने का खाका तैयार किया जाएगा। विजेताओं के लिए ₹37 लाख का नकद पुरस्कार पूल तय किया गया है। यह दो दिवसीय हैकाथॉन 10 और 11 सितंबर को अहमदाबाद स्थित आई-हब गुजरात में आयोजित होगा।
क्या है हैकाथॉन के प्रमुख उद्देश्य?
गुजरात सरकार ने इस हैकाथॉन के तहत चार मुख्य लक्ष्यों को रेखांकित किया है।
- विभिन्न विभागों द्वारा संचालित अलग-अलग सीसीटीवी प्रणालियों को एक एकीकृत प्लेटफॉर्म पर लाना।
- लाइव वीडियो फीड को सरकारी डेटाबेस के साथ क्रॉस-रेफरेंस करना।
- संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और असामान्य गतिविधियों की पहचान के लिए एआई का उपयोग करना।
- पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को तेजी से कार्रवाई में मदद करने के लिए रियल-टाइम अलर्ट तैयार करना।
वर्तमान में राज्य के विभिन्न विभाग अपने स्वतंत्र सीसीटीवी सिस्टम का संचालन करते हैं, जिनमें से कुछ क्लाउड स्टोरेज पर और कुछ स्थानीय स्टोरेज पर निर्भर हैं। सरकार इन सभी को एक एकीकृत वीडियो प्रबंधन प्रणाली में बदलने की योजना बना रही है।
क्या है मुख्य चुनौती?
प्रतिभागियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक ऐसा तकनीकी ढांचा विकसित करना है, जो गुजरात भर के 80,000 से अधिक कैमरों को एक साथ संभाल सके और लाइव फीड का एआई-आधारित वास्तविक समय में विश्लेषण कर सके।
इस प्रणाली में रियल-टाइम संदिग्ध गतिविधि पहचान, स्वचालित नंबर प्लेट पहचान, वाहन ट्रैकिंग, वॉचलिस्ट मिलान और क्रॉस-कैमरा सर्च जैसी क्षमताएं शामिल होनी चाहिए। इन समाधानों का परीक्षण लाइव सीसीटीवी फीड और वास्तविक पुलिसिंग परिदृश्यों के आधार पर किया जाएगा।
क्या है सबमिशन के नियम?
इच्छुक प्रतिभागी सेंटिनल गुजरात पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं। तकनीकी मूल्यांकन के लिए पंजीकृत प्रतिभागियों को विभिन्न स्थानों पर लगे लगभग 50 कैमरों की लाइव फीड और अन्य जरूरी तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रतिभागियों को अपने प्रोटोटाइप, आर्किटेक्चर विवरण और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। इसमें अनलिस्टेड यूट्यूब वीडियो लिंक, ड्राइव लिंक, होस्टेड प्लेटफॉर्म का यूआरएल और सोर्स कोड का गिटहब/गिटलैब रिपॉजिटरी लिंक शामिल है। प्रारंभिक मूल्यांकन के बाद अतिरिक्त उपयोगी फीचर्स प्रदर्शित करने वाले समाधानों को बोनस अंक दिए जाएंगे।
पुलिस अधिकारियों ने कहा?
गुजरात के पुलिस महानिदेशक (DGP) जी. एस. मलिक ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इतने बड़े पैमाने पर 80,000 से ज्यादा कैमरों को जोड़कर वास्तविक परिस्थितियों में तकनीक का परीक्षण करने का यह देश में पहला प्रयास है। इसका मकसद निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को अत्याधुनिक बनाना है।
अहमदाबाद अपराध शाखा के डीसीपी अजीत राजियान ने बताया कि कैमरों के एकीकरण की निगरानी के लिए एक कोर टीम बनाई जाएगी और एक समर्पित कमांड सेंटर के जरिए एआई-जनरेटेड अलर्ट्स की निगरानी की जाएगी।
वहीं, गुजरात उच्च न्यायालय के अधिवक्ता पुनीत जुनेजा ने इस तकनीकी कदम का स्वागत करते हुए गोपनीयता और डेटा सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लाइव फीड की पहुंच, डेटा स्टोरेज, फेशियल रिकग्निशन और दुरुपयोग से बचाव के लिए सख्त कानूनी सुरक्षा उपाय जरूरी हैं, ताकि नागरिकों की अत्यधिक निगरानी किए बिना कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।
इस हैकाथॉन के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 4 अगस्त से शुरू हो चुकी है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 7 सितंबर तय की गई है। शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया भी 7 सितंबर को ही पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद मुख्य हैकाथॉन 10 और 11 सितंबर को अहमदाबाद में आयोजित किया जाएगा और दूसरे दिन परिणामों की घोषणा कर दी जाएगी।
