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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gujarat: फ्रांस से वापस भेजे गए यात्रियों से गुजरात पुलिस ने शुरू की पूछताछ, मानव तस्करी के संदेह में रोका था विमान

By Agency Edited By: Nidhi Avinash
Published: Wed, 27 Dec 2023 10:27 PM (IST)

फ्रांस से वापस भेजे गए यात्रियों से गुजरात पुलिस ( Gujarat Police ) ने पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ...और पढ़ें

फ्रांस से वापस भेजे गए यात्रियों से गुजरात पुलिस ने शुरू की पूछताछ (Image: ANI)
फ्रांस से वापस भेजे गए यात्रियों से गुजरात पुलिस ने शुरू की पूछताछ (Image: ANI)

HighLights

  1. फ्रांस से वापस भेजे गए यात्रियों से गुजरात पुलिस ने शुरू की पूछताछ
  2. मानव तस्करी के संदेह में रोका था विमान
  3. इमिग्रेशन विभाग से मांगी गई यात्रियों की लिस्ट

पीटीआई, अहमदाबाद। मानव तस्करी के संदेह में फ्रांस में रोक लिया गया विमान मंगलवार को 276 यात्रियों के साथ मुंबई पहुंचा। संदिग्ध अवैध इमिग्रेशन नेटवर्क का पता लगाने के लिए बुधवार को गुजरात के कुछ निवासियों से पूछताछ शुरू की गई है।

पुलिस अधीक्षक सीआइडी (अपराध) संजय खरात ने कहा कि हमें पता चला है कि 21 यात्री गुजरात से थे और उनमें से कुछ राज्य में अपने-अपने स्थानों पर पहुंच गए हैं। हमारी टीमों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।उन्होंने कहा कि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अमेरिका में संभावित अवैध इमिग्रेशन के लिए यात्रियों से कैसे संपर्क किया गया।

इमिग्रेशन विभाग से मांगी गई यात्रियों की लिस्ट

निकारागुआ पहुंचने के बाद उन्हें अमेरिका कैसे जाना था और कौन से एजेंट इसमें शामिल थे। इस बीच मेहसाणा के एसपी अचल त्यागी ने कहा कि हमारे पास उस उड़ान में सवार मेहसाणा निवासियों के बारे में अभी तक विशेष जानकारी नहीं है। चूंकि कुछ रिपोर्टों से पता चला है कि मेहसाणा के लोग उड़ान में थे, इसलिए इमिग्रेशन विभाग से यात्रियों की सूची मांगी गई है।

तीन एजेंट गिरफ्तार

गांधीनगर में एक इमिग्रेशन कंसल्टेंसी फर्म चलाने वाले तीन लोगों को राज्य अपराध जांच विभाग (सीआइडी) ने बुधवार को वीजा चाहने वालों के बैंक खाते के फर्जी विवरण देने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

सीआइडी की ओर से कहा गया है कि जांच से पता चला है कि आरोपित अपने ग्राहकों के बैंक खातों के फर्जी विवरण तैयार करते थे और अधिकारियों से शीघ्र मंजूरी पाने के लिए उनके वीजा आवेदनों के साथ जाली दस्तावेज संलग्न करते थे। दरअसल, दूतावास के अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए बैंक विवरणों की समीक्षा करते हैं कि वीजा चाहने वाला मेजबान देश में रहने के दौरान जरूरी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करता है या नहीं।

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