वडोदरा में महंत स्वामी महाराज की 92वीं जन्मजयंती: भक्ति, प्रेरणा और गिनीज रिकॉर्ड
वडोदरा में परम पूज्य महंत स्वामी महाराज का 92वां जन्मजयंती महोत्सव 2 फरवरी 2026 को भव्यता से मनाया गया। लगभग ...और पढ़ें

भक्ति और श्रद्धा के अलौकिक वातावरण (फोटो: जागरण)
HighLights
दो लाख श्रद्धालुओं ने सामूहिक आरती कर भक्तिमय वातावरण बनाया।
बी.ए.पी.एस. बच्चों को 'सत्संगदीक्षा' पाठ के लिए गिनीज रिकॉर्ड मिला।
गुजरात और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने महोत्सव में भाग लिया।
डिजिटल डेस्क, वडोदरा। भक्ति और श्रद्धा के अलौकिक वातावरण के बीच 2 फरवरी 2026 को वडोदरा में परम पूज्य महंत स्वामी महाराज का 92वां जन्मजयन्ती महोत्सव अत्यंत भव्यता और गहन भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में लगभग दो लाख श्रद्धालुओं ने सामूहिक आरती कर एक हृदयस्पर्शी और भावविभोर कर देने वाला दृश्य उपस्थित किया।
महोत्सव के दौरान, परम पूज्य महंत स्वामी महाराज की वाणी, प्रभाव, अहं-शून्यता और उच्च आध्यात्मिक स्थिति को दर्शाने वाली एक विशेष वीडियो प्रस्तुति प्रदर्शित की गई। बी.ए.पी.एस. के वरिष्ठ संतों ने उनके दिव्य जीवन, गुणों और कार्यों पर प्रेरणादायी उद्बोधन दिए।
कार्यक्रम में गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्रभाई पटेल तथा मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया, जिनका बी.ए.पी.एस. के वरिष्ठ संतों द्वारा स्वागत किया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमितभाई शाह द्वारा प्रेषित शुभकामना संदेश का भी वाचन किया गया। मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी ने परम पूज्य स्वामी जी के जन्मस्थान जबलपुर का उल्लेख करते हुए गौरव और आनंद व्यक्त किया।
इस अवसर का मुख्य आकर्षण इंग्लैंड से पधारे गिनिस वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारी द्वारा परम पूज्य महंत स्वामी महाराज को प्रदान किया गया विशेष सम्मान रहा। बी.ए.पी.एस. संस्था के 3 से 13 वर्ष की आयु के 15,666 बच्चों द्वारा एक वर्ष में उनके द्वारा रचित 'सत्संगदीक्षा' ग्रंथ के 315 संस्कृत श्लोकों का पूर्ण मुखपाठ किया गया, जिसके लिए उन्हें 'हिन्दू ग्रंथ के सबसे विराट सामूहिक पाठ' (Largest Simultaneous Hindu Text Recital) का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रदान किया गया। कुल 12,723 बच्चों को रिकॉर्ड के आधिकारिक पंजीकरण हेतु मान्यता मिली।
अपने आशीर्वचनों में, परम पूज्य महंत स्वामी महाराज ने इस सम्मान को बच्चों की कठोर मेहनत तथा सभी गुरुओं, संतों, कार्यकर्ताओं और अभिभावकों को समर्पित किया। उन्होंने प्रमुख स्वामी महाराज के सूत्र "दूसरों के आनंद में ही हमारा आनंद है" को दोहराया और संस्था को सिद्धांतों, एकता, समझ और विवेक पर आधारित बताया। उन्होंने सभी को उन्नत आध्यात्मिक जीवन जीने की प्रेरणा दी।
जन्मदिवस समारोह में बी.ए.पी.एस. के 800 संतों और लगभग दो लाख भक्तों की उपस्थिति रही। 34 विभिन्न विभागों के 14,000 स्वयंसेवकों ने तीन माह से अधिक समय तक इस भव्य आयोजन की सफल तैयारी में समर्पित सेवा की, जिसमें वडोदरा नगर निगम ने भी आवश्यक सहयोग प्रदान किया। इस समारोह का सीधा प्रसारण भारत और विदेशों में असंख्य भक्तों ने देखा।
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