15 घंटे, 170 CCTV और 100 KM तक पीछा... गुजरात पुलिस ने अगवा हुए 5 साल के बच्चे को बचाया
गुजरात पुलिस ने अमरेली में अगवा हुए पांच साल के बच्चे को 15 घंटे के ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बचा ...और पढ़ें
HighLights
अमरेली में पांच साल के बच्चे का अपहरण हुआ।
गुजरात पुलिस ने 15 घंटे में बच्चे को बचाया।
राजकोट से संदिग्ध ललित रूपसिंहभाई जामरे गिरफ्तार।
डिजिटल डेस्क, राजकोट। गुजरात के अमरेली जिले में अपहरण के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस के एक संयुक्त ऑपरेशन में पांच साल के बच्चे को बचाया गया। 15 घंटे चले इस ऑपरेशन में 170 जगहों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई और आखिरकार राजकोट जिले में संदिग्ध को पकड़ा गया।
यह अपहरण अमरेली के मोटा अंकडिया गांव में हुआ। संदिग्ध की पहचान 25 साल के ललित रूपसिंहभाई जामरे के तौर पर हुई है, जो छह महीने पहले बच्चे के परिवार से पहली बार मिला था। अपहरण से करीब 10 दिन पहले ललित परिवार के खेत पर दोबारा आया और काम मिलने तक रहने के लिए जगह मांगी। बच्चे के पिता राकेश बमनिया मध्य प्रदेश से आए प्रवासी खेतिहर मजदूर हैं। उन्होंने उसे भरोसेमंद जानकर अपने यहां रहने की इजाजत दे दी।
घटना वाले दिन क्या हुआ?
घटना वाले दिन बच्चे के माता-पिता जब अपने खेत में काम कर रहे थे तो उन्होंने मोटरसाइकिल का इंजन चालू होने की आवाज सुनी। उन्होंने देखा कि ललित, राकेश की बाइक पर उनके पांच साल के बेटे को लेकर चला गया। जब काफी देर तक दोनों में से कोई वापस नहीं लौटा तो राकेश ने आस-पास के गांव में खोजबीन की और पड़ोस के खेत मालिकों को सूचित किया, जिसके बाद उन्होंने अमरेली ग्रामीण पुलिस स्टेशन में मामले की सूचना दी।
पुलिस के लिए क्या थी चुनौती?
अपहरण की जांच करना एक बड़ी चुनौती थी क्योंकि ललित के पास मोबाइल फोन नहीं था और ऐसे में पुलिस के लिए फोन लोकेशन को तकनीकी रूप से ट्रैक करना मुमकिन नहीं था। सिर्फ संदिग्ध के नाम और चोरी हुई मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर पुलिस ने कई एजेंसियों के साथ मिलकर एक ऑपरेशन शुरू किया।
पुलिस ने बनाई पांच टीमें
अमरेली लोकल क्राइम ब्रांच और अमरेली रूरल पुलिस स्टेशन की पांच स्पेशल टीमों को तुरंत काम पर लगाया गया। जांच करने वालों ने हाईवे नेटवर्क पर मोटरसाइकिल की आवाजाही का पता लगाने के लिए अमरेली और राजकोट की सर्विलांस ब्रांच और गांधीनगर में त्रिनेत्र स्टेट कंट्रोल रूम से संपर्क किया।
15 घंटे बाद पुलिस को मिला संदिग्ध
इसके बाद 15 घंटे तक बारीकी से जांच की गई और अधिकारियों ने 170 से ज्यादा सीसीटीवी लोकेशन के कैमरे के फुटेज का विश्लेषण किया। इस डिजिटल सुराग के जरिए अधिकारी राजकोट-पोरबंदर नेशनल हाईवे, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और कमर्शियल हब से होते हुए आगे बढ़े और आखिरकार राजकोट में गोंडल की ओर संदिग्ध के रास्ते का पता लगा लिया।
जमीनी जानकारी के आधार पर अधिकारियों ने राजकोट के वीरपुर इलाके में स्थानीय शेल्टर, खाने-पीने की जगहों, गेस्ट हाउस और खेतों की तलाशी ली। आखिरकार पुलिस ललित को उस जगह से 100 किलोमीटर से ज्यादा दूर पकड़ने में कामयाब रही, जहां से उसने बच्चे को अगवा किया था। उन्होंने उसे हिरासत में ले लिया और पांच साल के बच्चे को सुरक्षित और सही-सलामत बरामद कर लिया।
मूल रूप से मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले का रहने वाला ललित अभी पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है। अधिकारी अपहरण के असली मकसद का पता लगाने के लिए जांच कर रहे हैं।
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