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सूरत: सॉफ्टवेयर इंजीनियर मर्डर केस में सस्पेंस, पुलिस के हाथ नहीं लगा सुराग; कातिल की तलाश में 60 पुलिसकर्मियों की टीम

Published: Wed, 02 Sep 2026 08:24 AM (IST)

सूरत के गोडावदी गांव में 24 वर्षीय कंप्यूटर इंजीनियर निधि पटेल की रहस्यमयी हत्या को एक सप्ताह से अधिक हो ...और पढ़ें

सूरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर हत्या मामला (सोशल मीडिया)

सूरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर हत्या मामला (सोशल मीडिया)

HighLights

  1. निधि पटेल की रहस्यमयी हत्या, एक सप्ताह बाद भी अनसुलझी।

  2. मोबाइल चार्जर केबल और डोरी से गला घोंटा गया।

  3. यौन उत्पीड़न की आशंका, पुलिस जांच जारी।

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। सूरत के गोडावदी गांव में 24 साल की कंप्यूटर इंजीनियर निधि पटेल की रहस्यमयी हत्या को एक हफ्ते से ज्यादा बीत चुका है, लेकिन पुलिस और एसआईटी के हाथ अब भी खाली हैं।

24 अगस्त की सुबह घर में अकेली मिली निधि की मोबाइल चार्जर के केबल और डोरी से गला घोंटकर बेरहमी से हत्या की गई थी। दरवाजे अंदर से बंद और पिछला दरवाजा खुला मिलने से पुलिस किसी परिचित के शामिल होने का शक जता रही है, जो इस अनसुलझे और सनसनीखेज मामले को और भी ज्यादा खौफनाक बनाता है।

पहले समझिए पूरा मामला

बता दें कि घटना सूरत के गोडावदी गांव की है। 24 अगस्त की सुबह निधि पटेल अपने घर पर अकेली थीं। उनके माता-पिता कुछ दिनों के लिए तीर्थयात्रा पर गए हुए थे और इसी सूनेपन का फायदा उठाकर किसी शातिर शख्स ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

जब माता-पिता यात्रा से वापस लौटे, तो उन्हें अपनी बेटी की बेजान लाश घर की छत पर मिली। शुरुआती जांच में पुलिस के सामने कई ऐसे पहेली जैसे सवाल खड़े हो गए, जिनका जवाब तलाशना एसआईटी (SIT) के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है।

नहीं मिला घर में जबरदस्ती घुसने का कोई निशान

हैरानी की बात यह है कि घर का कोई भी ताला नहीं टूटा था और न ही जबरदस्ती अंदर घुसने के कोई संकेत मिले। घर का पिछला दरवाजा खुला हुआ था, जबकि सामने का दरवाज़ा अंदर से बंद था। इससे साफ जाहिर होता है कि हत्यारा या तो घर के अंदर का ही कोई था, या फिर जिसे मृतका अच्छी तरह जानती थी और उसने खुद दरवाजा खोला होगा।

इतना ही नहीं हमलावर की बेरहमी को इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमलावर ने बेहद शातिर तरीके से इस कत्ल को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, निधि का गला शॉर्ट्स की डोरी और मोबाइल चार्जर के केबल से घोंटा गया था। इसके अलावा, दम घोंटने के लिए दो प्लास्टिक बैग का भी इस्तेमाल किया गया था।

यौन उत्पीड़न का भी शक

पुलिस को मृतका के शरीर और प्राइवेट पार्ट्स के पास चोट के निशान मिले हैं, जिससे इस बात का गहरा शक है कि हत्या से पहले उसके साथ दरिंदगी या यौन उत्पीड़न की कोशिश की गई होगी।

एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली

गौर करने वाली बात यह है कि मांडवी पुलिस थाने की शुरुआती जांच में जब कोई सफलता नहीं मिली, तो मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरत के एसपी (SP) राजेश गढ़िया ने तुरंत एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया।

इस हाई-प्रोफाइल जांच की कमान मांडवी डिवीजन के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) अक्षेश इंजीनियर के हाथों में है। इस टीम में लगभग 60 तेज-तर्रार पुलिस अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात काम कर रहे हैं। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है, निधि के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और हालिया बातचीत को खंगाला जा रहा है, और आस-पास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।