वडोदरा भायली गैंगरेप केस: पॉक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सभी 5 दोषियों को आजीवन कारावास
वडोदरा के चर्चित भायली गैंगरेप मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने सभी पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

वडोदरा भायली गैंगरेप मामले में पॉक्सो कोर्ट ने सभी 5 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई
HighLights
वडोदरा भायली गैंगरेप में 5 दोषियों को उम्रकैद की सजा।
विशेष पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक और कड़ा फैसला।
प्रत्येक दोषी पर 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया।
डिजिटल डेस्क, वडोदरा। गुजरात के वडोदरा में पूरे राज्य को झकझोर देने वाले चर्चित भायली गैंगरेप मामले में आखिरकार 16 वर्षीय नाबालिग पीड़िता को न्याय मिल गया है।
वडोदरा की विशेष पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने 31 अगस्त, 2026 को इस मामले में अपना कड़ा फैसला सुनाते हुए सभी पांचों आरोपियों को दोषी करार देकर उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष ने सभी दोषियों को फांसी या जीवन के अंतिम समय तक जेल में रखने की मांग की थी।
नवरात्रि के पावन पर्व पर हुई थी दरिंदगी
यह दर्दनाक और बर्बर घटना अक्टूबर 2024 में नवरात्रि के दूसरे दिन की रात को घटित हुई थी। एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की अपने एक दोस्त के साथ भायली इलाके में गरबा खेलकर लौट रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार पांच बदमाश वहां पहुंचे और डरा-धमकाकर जबरन उनकी बाइक की चाबियां छीन लीं।
इसके बाद उनमें से दो आरोपी वहां से भाग गए, लेकिन बाकी बचे तीन नराधमों ने पीड़िता के दोस्त को जबरन पकड़कर काबू में कर लिया। इसके बाद उन आरोपियों ने नाबालिग लड़की के साथ बर्बरतापूर्वक सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
इस घिनौने कृत्य को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़िता का मोबाइल फोन भी लूटकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया मामला
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वडोदरा पुलिस ने असाधारण तत्परता का परिचय दिया। मामला दर्ज होने के महज 48 घंटों के भीतर पुलिस ने पांचों आरोपियों को धर-दबोचा।
इस मामले का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने तकनीकी निगरानी, टावर डंप डेटा और लगभग 45 किलोमीटर के विशाल दायरे में लगे 1100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मुन्ना बंजारा, मुमताज बंजारा, शाहरुख बंजारा, सैफ अली बंजारा और अजमल सत्तार के रूप में हुई। ये सभी आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के निवासी थे और वडोदरा के तांदलजा इलाके में रहकर दिहाड़ी मजदूरी का काम करते थे।
मजबूत जांच और रिकॉर्ड 17 दिनों में चार्जशीट
पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाने के लिए पुलिस ने केवल 17 दिनों के रिकॉर्ड समय में अदालत के समक्ष 6000 पन्नों की बेहद मजबूत चार्जशीट पेश की थी। सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 45 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
इसके अलावा, मामले को वैज्ञानिक रूप से पुख्ता करने के लिए डीएनए और एफएसएल टीमों की अचूक रिपोर्ट्स को भी सबूत के तौर पर पेश किया गया।
इन पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने पहले 20 अगस्त को पांचों आरोपियों को दोषी ठहराया था और आज 31 अगस्त, 2026 को उन्हें उम्रकैद की कड़ी सजा सुनाई।
