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महिला उत्पीड़न के आरोपी श्रम अधिकारी का हुआ था तबादला, अब चेयरमैन का यूटर्न; अनिल विज ने कार्रवाई के दिए थे आदेश

Published: Fri, 04 Sep 2026 09:32 AM (IST)

श्रम विभाग में महिला यौन उत्पीड़न के आरोपी अधिकारी के तबादले को लेकर कमिश्नर और चेयरमैन के आदेशों में विरोधाभास ...और पढ़ें

कैबिनेट मंत्री अनिल विज। फाइल फोटो

कैबिनेट मंत्री अनिल विज। फाइल फोटो

HighLights

  1. यौन उत्पीड़न के आरोपी श्रम अधिकारी का तबादला रद्द।

  2. कमिश्नर के आदेश पर चेयरमैन का फैसला भारी पड़ा।

  3. मंत्री के एफआईआर आदेश के बावजूद कार्रवाई लंबित।

दीपक बहल, अंबाला। श्रम विभाग में महिला यौन उत्पीड़न की शिकायत में पांच सदस्यीय जांच कमेटी द्वारा जिम्मेदार ठहराए गए वेल्फेयर अधिकारी के तबादला मामले में कमिश्नर पर बोर्ड के चेयरमैन के आदेश भारी पड़ गए। इतना ही नहीं शिकायतकर्ता महिला पर ही शिकंजा कसा जा रहा है।

श्रम मंत्री अनिल विज के आदेश के बाद विभाग के वेलफेयर कमिश्नर दुसमंता कुमार बेहेरा ने अधिकारी का तबादला फरीदाबाद से पहले मुख्यालय और फिर पानीपत कर दिया था। बाद में श्रम कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रोहताश जांगड़ा ने दोबारा फरीदाबाद में तैनाती के आदेश जारी कर दिए। मामला अब फिर श्रम मंत्री तक पहुंचा है।

हिसार की डिप्टी लेबर कमिश्नर के नेतृत्व में हुई थी जांच

फरीदाबाद में कार्यरत महिला ने वर्ष 2025 में श्रम विभाग के अधिकारी के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी। शिकायत महिला आयोग, श्रम मंत्री, सरकार समेत संबंधित अधिकारियों को भी भेजी थीं। शिकायत के बाद पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई। कमेटी में हिसार की डिप्टी लेबर कमिश्नर सहित पांच अधिकारी शामिल थे।

महिला की शिकायत पर मंत्री विज ने 13 अगस्त 2026 को एफआइआर दर्ज कर मामले की जांच के आदेश दिए थे। इसके बावजूद अभी तक न एफआइआर दर्ज हुई और न ही विभागीय स्तर पर कोई अंतिम कार्रवाई हुई।

इसी बीच 22 जुलाई और 30 जुलाई को अधिकारी की फरीदाबाद में तैनाती से संबंधित आदेश जारी कर दिए गए। अब तक एफआइआर दर्ज न होने और विभागीय कार्रवाई लंबित रहने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

जांच के दौरान तीन बार तबादला

मामले में अधिकारी की तैनाती को लेकर लगातार आदेश जारी होते रहे। 18 फरवरी 2026 को अधिकारी का मुख्यालय से पानीपत अस्थायी तबादला किया गया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि सक्षम अधिकारी द्वारा मामले में निर्णय लिए जाने तक यह तैनाती अस्थायी रहेगी।

इसके बाद 22 जुलाई को दो अलग-अलग आदेश जारी हुए। इनमें श्रम कल्याण बोर्ड के चेयरमैन के हस्ताक्षर थे। एक आदेश में अधिकारी को फरीदाबाद और दूसरे में पानीपत तैनात किया गया। इसके बाद 30 जुलाई को एक और आदेश जारी कर अधिकारी को फरीदाबाद में ही तैनात कर दिया गया।

‘स्टाफ की कमी है, किसी को खाली बैठाकर वेतन नहीं दे सकते’

हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रोहताश जांगड़ा ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ जांच चल रही है और सक्षम अधिकारी को इस पर निर्णय लेना है। विभाग में पहले से ही स्टाफ की कमी है। किसी अधिकारी को खाली बैठाकर वेतन नहीं दिया जा सकता। इसी कारण अधिकारी को फरीदाबाद में तैनात किया गया है, ताकि उससे काम लिया जा सके। उन्होंने कहा कि आरोपों के मामले में सक्षम स्तर पर फैसला होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।