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'श्रद्धालु बनकर आया हूं' वामन द्वादशी मेले में भावुक हुए सीएम नायब सैनी; सनातन धर्म सभा को 21 लाख देने का ऐलान

Published: Tue, 22 Sep 2026 07:21 AM (IST)

सीएम नायब सैनी अंबाला के वामन द्वादशी मेले में एक श्रद्धालु के रूप में शामिल हुए और भगवान वामन देव ...और पढ़ें

अंबाला के ऐतिहासिक वामन द्वादशी मेले में पहुंचे सीएम नायब सैनी।

अंबाला के ऐतिहासिक वामन द्वादशी मेले में पहुंचे सीएम नायब सैनी।

HighLights

  1. सीएम नायब सैनी वामन द्वादशी मेले में श्रद्धालु बनकर पहुंचे

  2. उन्होंने सनातन धर्म सभा को 21 लाख रुपये देने की घोषणा की

  3. सीएम ने पीढ़ियों से चली आ रही आस्था और परंपरा को सराहा

जागरण संवाददाता, अंबाला। अंबाला की धरती पर सोमवार रात आस्था का ऐसा रंग चढ़ा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उसमें पूरी तरह रंगे नजर आए। वामन द्वादशी मेले की पहली संध्या में मुख्यमंत्री दीप प्रज्वलित करने पहुंचे तो उनके संबोधन का केंद्र सत्ता नहीं, श्रद्धा और समर्पण रहा।

उन्होंने कहा, आज मैं आपके बीच भगवान वामन देव जी के एक श्रद्धालु के रूप में आया हूं। आपके साथ प्रभु के चरणों में शीश झुकाने आया हूं। पुरानी अनाज मंडी में आयोजित धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के वामन द्वादशी मेले का मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।

इससे पहले उन्होंने भगवान वामन का आशीर्वाद लिया। मंच से उन्होंने अंबाला की उस परंपरा को नमन किया, जो पीढ़ियों से श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां अम्बा की पावन धरती अंबाला पर इस ऐतिहासिक मेले में उपस्थित होना उनके लिए सौभाग्य है।

अंबाला के लोगों से अपने आत्मीय संबंध का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोगों का स्नेह उन्हें हमेशा नई ऊर्जा देता है।

दादा की उंगली से पोते के हाथ तक पहुंची आस्था

मुख्यमंत्री ने मेले की परंपरा को सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पीढ़ियों को जोड़ने वाली विरासत बताया। उन्होंने कहा कि लगभग सवा सौ वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के पीछे पूर्वजों की तपस्या है।

समय बदला, शहर बदला और जीवन की रफ्तार बदली, लेकिन भगवान वामन के प्रति अंबाला की आस्था और प्रगाढ़ होती गई। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों ने कभी दादा-दादी की उंगली पकड़कर मेले में कदम रखा होगा, वही आज अपने नाती-पोतों को लेकर यहां आ रहे होंगे।

इस तरह एक पीढ़ी दूसरी पीढ़ी को आस्था, संस्कार और अपनी मिट्टी से प्रेम का उपहार सौंप रही है।

तीन पगों में समाई विनम्रता की सीख

मुख्यमंत्री ने भगवान वामन और राजा बलि के प्रसंग को जीवन का संदेश बताते हुए कहा कि भगवान छोटे से ब्रह्मचारी के रूप में राजा बलि के द्वार पहुंचे और तीन पग भूमि मांगी। विराट रूप धारण कर उन्होंने दो पगों में समस्त लोक नाप लिए। तीसरे पग के लिए स्थान पूछा तो राजा बलि ने अपना सिर आगे कर दिया।

उन्होंने कहा कि इस प्रसंग में विनम्रता, वचन की मर्यादा और समर्पण की ऊंचाई है। भगवान वामन की आराधना हमें अपने भीतर झांकने का अवसर देती है। जब अहंकार घटता है तो दूसरों का दुख दिखाई देने लगता है और सेवा सहज हो जाती है।

मुख्यमंत्री ने भगवान वामन से प्रार्थना की कि हर परिवार में सुख आए, हर घर में खुशहाली हो और हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिले।

मेले की गतिविधियों के लिए 21 लाख

मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म सभा को मेले की गतिविधियों के लिए 21 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने धार्मिक आयोजन के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, गौसेवा और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में सभा के कार्यों की सराहना की।

पूर्व मंत्री असीम गोयल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि अंबाला की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान में वामन द्वादशी मेले का विशेष स्थान है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सभा लंबे समय से इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है।

धार्मिक संध्या में पंजाबी गायक दिलावर कौशिक, गुलाब सिद्धु और गुरमुख खान ने प्रस्तुतियां दीं। भजनों और गीतों पर श्रद्धालुओं ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

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