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अंबाला में अमित शाह ने किया शहीद स्मारक का उद्घाटन, बोले- दुनिया तक पहुंचेगा 1857 के वीरों की गौरवगाथा 

Published: Thu, 05 Nov 2026 04:19 PM (IST)Updated: Thu, 05 Nov 2026 06:45 PM (IST)

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अंबाला में 1857 क्रांति शहीद स्मारक का उद्घाटन किया, जिसे 594 करोड़ रुपये की लागत से 22 एकड़ भूमि पर बनाया गया है।

सीएम नायब के साथ अमित शाह ने शहीद स्मारक का किया उद्घाटन। फोटो जागरण

सीएम नायब के साथ अमित शाह ने शहीद स्मारक का किया उद्घाटन। फोटो जागरण

HighLights

  1. अमित शाह ने अंबाला में शहीद स्मारक का उद्घाटन किया।

  2. यह स्मारक 1857 क्रांति के वीरों को समर्पित है।

  3. आधुनिक तकनीक से स्वतंत्रता संग्राम की कहानी जीवंत होगी।

दीपक बहल, अंबाला। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अंबाला की ऐतिहासिक धरती पर बना 1857 की क्रांति का शहीद स्मारक देश के स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का काम करेगा। यह केवल ईंट-पत्थरों से बना स्मारक नहीं, बल्कि उन लाखों ज्ञात-अज्ञात वीरों के बलिदान, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।

1857 से 1947 तक चले 90 वर्षों के संघर्ष को समर्पित यह स्मारक देशभर के युवाओं और किशोरों के लिए राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का केंद्र बनेगा। अंबाला छावनी में बने शहीद स्मारक का उद्घाटन करने के बाद अमित शाह अंबाला छावनी के गांधी ग्राउंड में आयोजित रैली को संबोधित कर रहे थे।

594 करोड़ रुपये की लागत से स्मारक तैयार

शाह ने कहा कि अंबाला की जिस ऐतिहासिक भूमि पर 10 मई 1857 को अंग्रेजी शासन के खिलाफ सशस्त्र क्रांति का बिगुल बजा था, उसी भूमि पर इस भव्य स्मारक का निर्माण किया गया है। लंबे संघर्ष और प्रयासों के बाद यह सपना साकार हुआ है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से 22 एकड़ भूमि पर करीब 594 करोड़ रुपये की लागत से 23 दीर्घाओं वाला स्मारक तैयार हुआ है।

उन्होंने कहा कि वीर सावरकर ने 1857 की क्रांति को केवल विद्रोह नहीं, बल्कि भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम बताया था। इस संघर्ष में नानासाहेब पेशवा, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, अजीमुल्ला खान, बेगम हजरत महल और बहादुर शाह जफर जैसे महान योद्धाओं ने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी।

बिहार के वीर बाबू कुंवर सिंह का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 87 वर्ष की आयु में भी उन्होंने अंग्रेजों से युद्ध किया। गोली लगने के बाद संक्रमण के डर से उन्होंने अपना घायल हाथ स्वयं काटकर मां गंगा को समर्पित कर दिया था। ऐसे वीरों का इतिहास नई पीढ़ी तक पहुंचना चाहिए।

आधुनिक तकनीक से देख सकेंगे आजादी के संघर्ष की कहानी

अमित शाह ने स्मारक की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां इतिहास को केवल पढ़ने और देखने तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से उसे जीवंत करने का प्रयास किया गया है।

स्मारक में वर्चुअल दीर्घाएं, वर्चुअल रियलिटी, होलोग्राम और इंटरएक्टिव प्रोजेक्शन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। यहां ऐतिहासिक दस्तावेजों के साथ हरियाणा की समृद्ध कला और संस्कृति को भी प्रदर्शित किया गया है। फुलकारी और सरकंडा शिल्पकला के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की झलक मिलेगी।

उन्होंने बताया कि परिसर में 2500 लोगों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर बनाया गया है। यहां होने वाला लाइट एंड साउंड शो दर्शकों को 1857 के दौर और आजादी के संघर्ष की घटनाओं से रूबरू कराएगा। उन्होंने कहा कि जो देश अपने शहीदों के बलिदान और स्वतंत्रता की कीमत को याद नहीं रखता, वह अपनी भावी पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का बोध नहीं करा सकता।

हरियाणा की उपलब्धियों का भी किया उल्लेख

अमित शाह ने हरियाणा में पिछले 12 वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश ने कृषि, खेल, उद्योग, परिवहन और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में कई पहल की हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसानों ने देश के खाद्यान्न भंडार भरने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रदेश में 24 फसलों की खरीद एमएसपी पर किए जाने, किसानों के हित में भावांतर भरपाई योजना और पशुपालन क्षेत्र में श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि खेलों में पदक हासिल करने और सेना में जवानों की भागीदारी के मामले में भी हरियाणा की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण, परिवार पहचान पत्र, ऑनलाइन ट्रांसफर नीति और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जैसे कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा को धुआं मुक्त बनाने, नशे के खिलाफ अभियान चलाने और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए भी काम किया गया है।

हवाई सेवाओं से लेकर हाइड्रोजन ट्रेन तक का जिक्र

केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदेश में परिवहन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा में पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलाने, एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनाने और परिवहन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में काम हुआ है।

अंबाला में महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे की आधारशिला और हवाई संपर्क बढ़ाने की पहल को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। इसके साथ ही यमुनानगर में करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से गोबर संयंत्र स्थापित करने का उल्लेख किया।

कार्यक्रम में करीब 1260 करोड़ रुपये की लागत से तैयार राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का भी लोकार्पण किया गया। अमित शाह ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से प्रदेश में आवागमन और विकास को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है।

हरियाणा को केंद्र सरकार की ओर से विकास कार्यों में प्राथमिकता दी जा रही है। भाजपा सरकार अपने संकल्प पत्र में किए गए वादों और गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, केंद्रीय प्रभारी स्मृति ईरानी, केंद्रीय सह-प्रभारी डॉ. भोला सिंह सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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